'आखिरी बातचीत में मां से मांगे थे 6000 रुपये', हैदराबाद के छात्र की फिनलैंड में मौत पर परिवार ने उठाए सवाल - hyderabad student mandeep reddy gujja dead in finland
हैदराबाद के 18 वर्षीय छात्र मनीदीप रेड्डी गुज्जा, जो फिनलैंड में लापता थे, को दो महीने बाद मृत घोषित कर दिया गया है। फिनिश अधिकारियों ने अपराध से इनका ...और पढ़ें
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हैदराबाद के 18 वर्षीय छात्र मनीदीप रेड्डी गुज्जा(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, हेलसिंकी/हैदराबाद। फिनलैंड में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए हैदराबाद के 18 वर्षीय छात्र मनीदीप रेड्डी गुज्जा को दो महीने से अधिक समय के बाद शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया गया। फिनलैंड के नेशनल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की इस घोषणा ने उस दर्दनाक खोज को खत्म कर दिया है, जिसने उनके परिवार को हताश कर दिया था।
हालांकि, फिनिश अधिकारियों का कहना है कि मौत के पीछे किसी अपराध के संकेत नहीं हैं, लेकिन मनीदीप के परिवार ने साजिश का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है।
मनीदीप रेड्डी हैदराबाद के रहने वाले थे और फिनलैंड की लैपेनरंता-लाहटी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। वह 4 मई से लापता थे।
उंगलियों के निशान से हुई पहचान
9 जुलाई को मनीदीप के परिवार को NBI से एक ईमेल मिला, जिसमें बताया गया कि उस जगह के पास समुद्र से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ है, जहां मनीदीप को आखिरी बार देखा गया था। शुक्रवार शाम को अधिकारियों ने परिवार को सूचित किया कि आधिकारिक पहचान प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, उंगलियों के निशान के मिलान से यह पुष्टि हुई कि शव मनीदीप का ही था, क्योंकि उनके फिंगरप्रिंट फिनिश आव्रजन रजिस्टर के रिकॉर्ड से मेल खा गए।
वॉलेट से मिले पहचान पत्र और भारतीय रुपया
फिनिश अधिकारियों ने परिवार को यह भी बताया कि मृतक के शरीर से एक वॉलेट बरामद हुआ है, जिसमें मनीदीप के नाम का फिनिश पहचान पत्र था। इसके अलावा, वॉलेट में मनीदीप की मां का एक क्रेडिट कार्ड और लगभग 500 रुपये की भारतीय मुद्रा भी पाई गई।
फिनिश पुलिस के मुताबिक, फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो किसी आपराधिक घटना की ओर इशारा करता हो। अधिकारियों ने कहा कि मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए अगले सप्ताह फॉरेंसिक पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस द्वारा भेजे गए ईमेल में यह भी कहा गया है कि हेलसिंकी में स्थित भारतीय दूतावास को इस घटनाक्रम की जानकारी दे दी जाएगी।
परिवार ने उठाए सवाल, विदेश मंत्रालय से गुहार
इस सबके बीच, मनीदीप के परिवार का कहना है कि अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं और उन्होंने जांच के निष्कर्षों पर संदेह व्यक्त किया है। परिवार ने कहा कि हमें कोई भी तस्वीर या अन्य भौतिक सबूत नहीं दिखाए गए हैं। हम भारत के विदेश मंत्रालय से अपील करते हैं कि वे इस मामले का संज्ञान लें और इन विवरणों की स्वतंत्र रूप से आगे जांच करवाएं।
100 किलोमीटर का रहस्यमयी सफर
मनीदीप 4 मई को अपनी मां से फोन पर बात करने के तुरंत बाद लापता हो गए थे। पुलिस और माता-पिता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वह उस दिन दोस्तों के साथ एक गैदरिंग में शामिल हुए थे। अपनी आखिरी बातचीत में उन्होंने अपनी मां से 6,000 रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा था। हालांकि पैसे उनके खाते में आ गए थे, लेकिन बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि उन पैसों का कभी इस्तेमाल ही नहीं किया गया।
जांचकर्ताओं को पहले यह भी पता चला था कि मनीदीप अपने दोस्त के साथ साझा किए जाने वाले कमरे से करीब 100 किलोमीटर दूर चले गए थे। उस बिंदु के आगे अधिकारी उनकी आवाजाही का पता लगाने में असमर्थ रहे, और जब तक उनका शव उनके आखिरी ज्ञात स्थान के पास से बरामद नहीं हुआ, तब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला था।