मात्र ₹620 में तालाब की तस्वीर बदल गई, दूषित से निर्मल हो गया

रायसेन, 17 सितंबर 2020: क्या ऐसा भी हो सकता है, मात्र 620 रुपए में तालाब की तस्वीर बदल सकती है? चौंकिए नहीं, रायसेन के मिश्र तालाब में ऐसा ही होता दिखाई दे रहा है। किसी बदलाव के लिए हमेशा बड़े बजट की जरूरत होती है, यह धारणा मिश्र तालाब पर हुए श्रमदान ने बदली है। 5 सितंबर तक गंदा और बदबूदार तालाब 16 सितंबर को ऐसा निर्मल हो गया कि, तालाब के जल में देवताओं के दर्शन होने लगे। मानो इससे पवित्र कुछ है ही नहीं।

रायसेन जिला विकास समिति का कमाल

‘कदम-कदम पर कदंब’ अभियान के बाद रायसेन जिला विकास समिति ने ‘सरोवर हमारी धरोहर’ अभियान के तहत तालाब की सफाई का बीड़ा उठाया। 11 दिनों में तालाब के करीब 40 प्रतिशत हिस्से की सफाई श्रमदान से हो चुकी है और इस दौरान खर्च हुआ केवल 620 रुपए। सफाई के बाद तालाब के किनारों का दृश्य बदलने लगा है। पानी में पेड़ों की छाया दिखाई देने लगी है और बत्तखें फिर से तालाब में उतरती नजर आ रही हैं। बदलाव अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन उसकी शुरुआत साफ दिखाई दे रही है।

इस पहल की खास बात केवल 620 रुपए का खर्च नहीं है। असली बात यह है कि किसी काम के लिए पहले लक्ष्य और इच्छाशक्ति चाहिए, संसाधन उसके बाद आते हैं। जब कुछ लोग अपने समय और श्रम को किसी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए समर्पित करते हैं तो उसका असर धीरे-धीरे समाज पर दिखाई देने लगता है।

मिश्र तालाब का यह अनुभव जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है। सार्वजनिक जीवन में यदि किसी एक काम को स्पष्ट लक्ष्य के साथ हाथ में लिया जाए और उसे पूरा करने का निरंतर प्रयास हो, तो परिवर्तन की शुरुआत की जा सकती है। 

यह किसी व्यवस्था की आलोचना नहीं, बल्कि व्यवस्था और समाज के साथ मिलकर बदलाव की संभावना तलाशने की कहानी है। तालाब अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। सफर बाकी है। लेकिन 11 दिन और 620 रुपए ने एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। क्या बदलाव के लिए हमेशा बड़ा बजट चाहिए ? कभी-कभी बदलाव की शुरुआत के लिए सबसे बड़ा संसाधन; पैसा नहीं, संकल्प होता है। 

श्री गणेश प्रतिमा विसर्जन में मंत्रोच्चार के साथ होगी व्यवस्था

गणेश उत्सव के विसर्जन दिवस पर मिश्र तालाब में सनातन परंपरा के अनुरूप विसर्जन की व्यवस्था की जाएगी। विद्वान ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से गणेश प्रतिमाओं का कुंड में विसर्जन कराया जाएगा। रायसेन जिला विकास समिति के अनुसार धार्मिक परंपरा के निर्वहन के साथ तालाब की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। पूजन सामग्री के लिए पृथक व्यवस्था की जाएगी, ताकि तालाब में कचरा न पहुंचे। 

तालाब के प्रमुख श्रमदानी

मिश्र तालाब की सफाई में प्रहलाद चावला, निलेन्द्र मिश्र, मनोज कुशवाहा, दीपक भदौरिया, प्रदीप मिर्धा, राहुल ठाकुर, नितेश मालवीय, कन्हैया लाल रैकवार, रवि गुप्ता, मंदिर आश्रम के वीरेंद्र भाई एवं उनके सहयोगियों सहित समिति के सदस्य और नागरिक स्वेच्छा से श्रमदान कर रहे हैं। यह श्रमदान सेवा भाव से किया जा रहा है। समिति द्वारा किसी भी श्रमिक को मजदूरी के कार्य में नहीं लगाया गया है।