किरनापुर थाने पर हमला, पूर्व सांसद सहित 63 पर FIR: हत्या के प्रयास, लोकसेवक पर हमला सहित कई धाराएं; पुलिस ने 24 को पकड़ा - Balaghat (Madhya Pradesh) News
पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों को नामजद किया है।
बालाघाट के किरनापुर थाने में 15 सितंबर को हुए पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों को नामजद किया है।
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एफआईआर में 100 से 200 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 24 आरोपियों की गिरफ्तारी की है।
थाने में घुसने और पथराव का आरोप
एफआईआर के मुताबिक, 15 सितंबर को मरार माली समाज की रैली किरनापुर थाने के सामने पहुंची थी। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
पुलिस का आरोप है कि भीड़ उत्तेजित हो गई और थाने के गेट को धकेलते हुए अंदर घुसने का प्रयास किया।
इसके बाद बड़ी संख्या में लोग थाने के भीतर पहुंच गए और पुलिस को रोकने पर ईंट-पत्थर, डंडे और रॉड से पथराव किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और थाने के भवन को भी नुकसान पहुंचा।

मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पंचे पर भी एफआईआर दर्ज की गई है।
हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में केस
आरक्षक रवि जाटव की शिकायत पर पुलिस ने गैरकानूनी सभा, दंगा, लोकसेवक पर हमला, मारपीट और हत्या के प्रयास समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। एससी-एसटी एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
एफआईआर में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पंचे और सरपंच प्रकाश बाहे समेत 63 लोगों के नाम शामिल हैं।
सीसीटीवी से हुई आरोपियों की पहचान
पुलिस ने घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से आरोपियों की पहचान की। पुलिस के मुताबिक, अब तक 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से सात आरोपियों को 20 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
महिला से कथित मारपीट के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
15 सितंबर को टिमकीटोला निवासी महिला के साथ थाने में कथित मारपीट के विरोध में मरार माली समाज ने आंदोलन किया था। पुलिस के अनुसार, इसमें करीब 5 हजार लोग शामिल हुए थे। रैली के दौरान थाने पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना हुई थी।

शराब और पैसे बांटने के पुलिस के दावे की भी जांच
पुलिस ने घटना के बाद दावा किया था कि उपद्रव में शामिल लोगों को थाने में मुफ्त शराब बांटी गई और पैसे दिए गए थे। यह पुलिस का दावा है और मामले की जांच के दौरान इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने घटना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में 1975 के बालाघाट थाना कांड का जिक्र किया था, जिसमें उनका नाम भी आया था। अब किरनापुर थाना मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।