650 cr के घोटाले की जांच पर सचिव के जवाब से नाराज दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री, 17 अगस्त तकमांगी रिपोर्ट

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज सिंह ने कथित दवा घोटाले की जांच को लेकर स्वास्थ्य सचिव के जवाब से असंतुष्टि जाहिर की है. उन्होंने विभाग के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताई है. स्वास्थ्य विभाग में दवाओं, सर्जिकल सामान और मेडिकल उपकरणों की खरीद को लेकर विवाद भी चल रहा है. 12 अगस्त 2026 को जारी अपने पत्र में मंत्री ने स्वास्थ्य सचिव के जरिए भेजे गए जवाब को पूरी तरह असंतोषजनक बताया. उन्होंने रिकॉर्ड के आधार पर विस्तृत और बिंदुवार जवाब दोबारा देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने 17 अगस्त तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया है कि केवल ये कहना पर्याप्त नहीं है कि संबंधित मामला जांच एजेंसियों के पास जांचाधीन है. उनके मुताबिक, विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध तथ्य जांच के कारण रोके नहीं जा सकते, जब तक किसी विशेष सूचना पर कानूनी रोक या जांच एजेंसी की ओर से स्पष्ट प्रतिबंध न हो.

‘सवालों का जवाब नहीं दिया गया’

स्वास्थ्य मंत्री ने लिखा है कि हेल्थ सेक्रेटरी की ओर से ई-फाइल नंबर 396162 के जरिए दिया गया जवाब बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है और इसमें उठाए गए खास सवालों का जवाब नहीं दिया गया है. सिर्फ ये कहना कि मामला एजेंसियों की जांच के दायरे में है, सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद असल जानकारी को रोकने का आधार नहीं हो सकता.

मांगी गई जानकारी खरीद की दरों, GST, लैंडेड कॉस्ट (कुल लागत), खरीदी गई मात्रा और दूसरे संबंधित रिकॉर्ड से जुड़ी है. इसलिए, ORS पाउच, बेड शीट और पोर्टेबल X-रे मशीनों के बारे में जरूरी जानकारी – जैसे कि स्पेसिफिकेशन, सप्लाई ऑर्डर, डिलीवरी की जानकारी और खरीद की तुलनात्मक डिटेल – उपलब्ध कराई जानी चाहिए, क्योंकि ये सरकारी खरीद और वित्तीय रिकॉर्ड का हिस्सा हैं.

इसके अलावा, GFR के नियमों के अनुसार वित्तीय जांच-पड़ताल के बाद ही पेमेंट बिल प्रोसेस किए जाते हैं और उनके साथ सभी जरूरी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स होते हैं. जैसे सप्लाई ऑर्डर, इनवॉइस, GST डिटेल, इंस्पेक्शन और एक्सेप्टेंस रिपोर्ट, डिलीवरी चालान, मात्रा के वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट और तुलनात्मक स्टेटमेंट. ये आमतौर पर पेमेंट और अकाउंट्स रिकॉर्ड से मिल सकते हैं, भले ही खरीद की ओरिजिनल फाइलें जांच के दायरे में हों.

‘विभाग में सारी जानकारी है मौजूद’

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि ये भी चिंता की बात है कि विभाग में मौजूद दूसरे रिकॉर्ड से जानकारी इकट्ठा करने और देने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की गई है. खास सवालों का ऐसा लापरवाह और अधूरा जवाब स्वीकार नहीं किया जा सकता.

इसलिए, ये निर्देश दिया जाता है कि सेक्रेटरी (H&FW) व्यक्तिगत रूप से यह पक्का करें कि CPA, अकाउंट्स ब्रांच, पे एंड अकाउंट्स ऑफिस और किसी भी दूसरे संबंधित ऑफिस के पास मौजूद सभी रिकॉर्ड की जांच की जाए. इसके साथ ही एक पूरा, पॉइंट-वाइज और रिकॉर्ड पर आधारित जवाब दिया जाए. अगर रिकॉर्ड जब्त होने या जांच एजेंसी की किसी खास कानूनी रोक की वजह से कोई खास जानकारी नहीं दी जा सकती, तो उसे डॉक्यूमेंट्स के साथ साफ तौर पर बताया जाना चाहिए.

‘जल्द दें नया जवाब’

स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज सिंह ने साफ कहा है कि एक नया और पूरा जवाब निश्चित रूप से 17 अगस्त तक जमा किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में ORS, हैंडहेल्ड पोर्टेबल X-Ray मशीन और बेडशीट की खरीद में 650 करोड़ के घोटाले को लेकर जांच शुरू की गई थी. जांच के स्टेटस को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने हेल्थ सेक्रेटरी रूपेश कुमार ठाकुर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. साथ ही सरकारी हॉस्पिटल्स में दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की खरीद में देरी पर भी शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था.

जीतेन्द्र भाटी

जीतेन्द्र भाटी

करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पॉलिटिक्स, क्राइम, सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग. BAG Films की नर्सरी से IBN7, आज़ाद न्यूज़, प्रज्ञा TV, 4 रियल न्यूज, Focus News और न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया होते हुए देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में खबरों के बीच सफर जारी.

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