7 सर्जरी के बाद भी नहीं बच सकी! सेक्स ट्रैफिकिंग केस की फरार उज्बेक महिला लखनऊ में गिरफ्तार

Lucknow Sex Trafficking Case: लखनऊ में सेक्स ट्रैफिकिंग के कथित मामले में एक साल से फरार उज्बेक नागरिक लोला कायमुवा गिरफ्तार हुई है। पुलिस के मुताबिक उसने हुलिया बदलने के लिए 7 कॉस्मेटिक सर्जरी कराईं और अलग-अलग ठिकानों पर रहकर गिरफ्तारी से बचती रही।

Lucknow sex trafficking case: लखनऊ में एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस की जांच को भी कई सवालों के बीच ला खड़ा किया है। सेक्स ट्रैफिकिंग के कथित नेटवर्क से जुड़े मामले में एक उज्बेक महिला को पुलिस ने एक साल से अधिक समय तक तलाशने के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला ने न सिर्फ अपना हुलिया बदला, बल्कि अलग-अलग जगहों पर ठिकाने भी बदलती रही।

पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय उज्बेक नागरिक लोला कायमुवा (Lola Kayumova) को मंगलवार रात लखनऊ में गिरफ्तार किया गया। वह जून 2025 में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज मामले में वांछित थी। मामले की जांच दो उज्बेक महिलाओं के अवैध रूप से एक अपार्टमेंट में रहने की जानकारी सामने आने के बाद शुरू हुई थी।

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क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, जून 2025 में सुशांत गोल्फ सिटी के Omaxe R1 कॉम्प्लेक्स स्थित एक अपार्टमेंट में दो उज्बेक महिलाओं के अवैध रूप से रहने की जानकारी मिली थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर एक ऐसे नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली, जिसमें उज्बेकिस्तान से महिलाओं को भारत लाने का आरोप है।

पुलिस का आरोप है कि महिलाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पहले उज्बेकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत लाया जाता था। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेला जाता था। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं की पहचान होलिडा और निलोफर के रूप में बताई थी। दोनों से पूछताछ के बाद जांच में लोला कायमुवा का नाम सामने आया।

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गिरफ्तारी से बचने के लिए 7 कॉस्मेटिक सर्जरी का दावा

पुलिस जांच में इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू महिला के बदले हुए हुलिए से जुड़ा है। पुलिस का दावा है कि लोला कायमुवा ने अपनी पहचान और उम्र का हुलिया बदलने के लिए सात कॉस्मेटिक सर्जरी कराई थीं। पुलिस के अनुसार, इन सर्जरी में चेहरे, होंठ, अंडरआर्म्स और निजी अंगों से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल थीं। जांचकर्ताओं का आरोप है कि वह खुद को कम उम्र की और आर्थिक रूप से संपन्न महिला के तौर पर पेश करती थी।

हालांकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और आगे की जांच के आधार पर होगी।

लखनऊ के डॉक्टर का नाम भी जांच में आया

पूछताछ के दौरान होलिडा और निलोफर ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि ये कॉस्मेटिक सर्जरी लखनऊ के अहिमामऊ इलाके में स्थित एक निजी क्लीनिक में कराई गई थीं। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर विवेक गुप्ता का नाम भी सामने आने की बात कही है।

पुलिस के मुताबिक, महिलाओं ने दावा किया कि सर्जरी उन्हीं ने की थी। लोला कायमुवा के साथ उसका लिव-इन पार्टनर त्रिजिन उर्फ अर्जुन राणा भी इस मामले में आरोपी है। पुलिस के अनुसार, केस दर्ज होने के बाद से लोला, विवेक गुप्ता और त्रिजिन उर्फ अर्जुन राणा फरार चल रहे थे।

FRRO के अलर्ट के बाद पुलिस तक पहुंची लोला

दक्षिण लखनऊ के डीसीपी एमडी मुश्ताक के मुताबिक, विदेशियों से संबंधित मामलों की निगरानी करने वाले Foreigners Regional Registration Office (FRRO) से सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस को लोला कायमुवा के लखनऊ में मौजूद होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी मौजूदगी की पुष्टि की और उसे थाने के महिला हेल्प डेस्क पर पूछताछ के लिए लाया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत के सामने पेश किया गया।

पासपोर्ट-वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रहने का आरोप

पुलिस जांच में लोला कायमुवा के भारत में रहने को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। अतिरिक्त डीसीपी दक्षिण वसंथ रल्लापल्ली के अनुसार, पुलिस का आरोप है कि पासपोर्ट और वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी वह कई वर्षों तक भारत में रही। जांचकर्ताओं का यह भी दावा है कि विदेशी नागरिक होने के बावजूद उसने भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज हासिल किए। पूछताछ में उसने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि दस्तावेजों की अवधि समाप्त होने के बाद वह अलग-अलग राज्यों और जिलों में ठिकाने बदलकर रहती रही। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे भारत में रहने और अपनी पहचान छिपाने में किन लोगों ने मदद की।

देश के अलग-अलग हिस्सों में नेटवर्क होने का भी दावा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान लोला ने कथित तौर पर कुछ सहयोगियों के बारे में जानकारी दी है। पुलिस का दावा है कि इस समूह से जुड़ी महिलाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में वेश्यावृत्ति में शामिल थीं।

हालांकि, पुलिस अभी इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों पर निर्भर करेगी।

दो मोबाइल फोन से खुलेगा नेटवर्क का राज?

गिरफ्तारी के समय पुलिस ने लोला कायमुवा के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अब जांच टीम इन मोबाइल फोन की सामग्री की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फोन में किन लोगों के संपर्क, बातचीत या अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि इससे कथित नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और महिलाओं की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है।

किन धाराओं में दर्ज है मामला?

लोला कायमुवा के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), Registration of Foreigners Act और Foreigners Act के तहत आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और दूसरे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

एक साल से अधिक समय बाद गिरफ्तारी क्यों अहम?

इस मामले में लोला कायमुवा की गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह केस दर्ज होने के बाद लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थी। पुलिस के अनुसार, वह अलग-अलग स्थानों पर रहकर गिरफ्तारी से बचती रही और कथित तौर पर अपना हुलिया भी बदलती रही।

अब उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने का है, भारत में उसकी मदद कौन कर रहा था, महिलाओं को किस नेटवर्क के जरिए लाया जाता था और देश के अलग-अलग हिस्सों में इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े थे। इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों से ही स्पष्ट होंगे।

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