अमृतसर एयरपोर्ट पर संदिग्ध ड्रोन दिखने से मचा हड़कंप, 7 उड़ानें डायवर्ट
September 7, 2026

अमृतसर: श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार रात करीब 10 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया के पास 2 से 4 संदिग्ध ड्रोन जैसी उड़ती हुई वस्तुएं दिखाई दीं। रनवे और उसके आसपास संदिग्ध गतिविधि नजर आने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने तुरंत अलर्ट जारी किया।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमृतसर पहुंचने वाली कुल 7 उड़ानों का रूट बदल दिया गया। इनमें कुछ उड़ानों को दिल्ली और कुछ को चंडीगढ़ भेजा गया, जबकि दिल्ली से अमृतसर आने वाली दो उड़ानों को वापस दिल्ली भेज दिया गया।
गांव रजाला की तरफ से आती दिखीं संदिग्ध वस्तुएं
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध ड्रोन या उड़ती हुई वस्तुएं गांव रजाला की दिशा से अमृतसर एयरपोर्ट की तरफ आती हुई दिखाई दीं। ये वस्तुएं कुछ मिनट तक रनवे और एयरपोर्ट के आसपास के संवेदनशील इलाके में मंडराती नजर आईं।
रनवे के नजदीक इस तरह की गतिविधि दिखाई देने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत सुरक्षा अलर्ट जारी किया। किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए एयरपोर्ट पर आने वाली उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करने का फैसला लिया गया।
इन 7 उड़ानों को किया गया डायवर्ट
सुरक्षा कारणों से अमृतसर आने वाली इन सात उड़ानों के रूट में बदलाव किया गया।
-मलेशिया एयरलाइंस MH-118 — कुआलालंपुर से अमृतसर आने वाली उड़ान को दिल्ली भेजा गया।
-इंडिगो 6E-5028 — मुंबई से अमृतसर आने वाली उड़ान को चंडीगढ़ डायवर्ट किया गया।
-इंडिगो 6E-2045 — दिल्ली से अमृतसर आने वाली उड़ान को चंडीगढ़ भेजा गया।
-एअर इंडिया AI-479 — दिल्ली से अमृतसर आने वाली उड़ान को वापस दिल्ली भेज दिया गया।
-एअर इंडिया AI-855 — दिल्ली से अमृतसर आने वाली इस उड़ान को भी दिल्ली वापस भेजा गया।
-इंडिगो 6E-1428 — शारजाह से अमृतसर आने वाली उड़ान को दिल्ली डायवर्ट किया गया।
-एअर इंडिया एक्सप्रेस IX-138 — शारजाह से अमृतसर आने वाली उड़ान को भी दिल्ली भेजा गया।
सीमा के करीब है अमृतसर एयरपोर्ट
श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट अमृतसर शहर के केंद्र से करीब 11 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में राजा सांसी इलाके में स्थित है। यह पंजाब का सबसे बड़ा और व्यस्त एयरपोर्ट माना जाता है। इस एयरपोर्ट का नाम सिखों के चौथे गुरु और अमृतसर शहर के संस्थापक गुरु राम दास जी के नाम पर रखा गया है।
अमृतसर एयरपोर्ट की एक खास भौगोलिक स्थिति भी है। यह भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के काफी करीब स्थित है। हवाई दूरी के हिसाब से एयरपोर्ट भारत-पाकिस्तान सीमा से 30 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। यह दूरी करीब 18.6 मील बताई जाती है। सीमा के नजदीक होने के कारण एयरपोर्ट के आसपास किसी भी संदिग्ध हवाई गतिविधि को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से लेती हैं।
इससे पहले LoC के पास भी दिखे थे संदिग्ध ड्रोन
इस घटना से पहले अगस्त में जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भी संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधि सामने आई थी। सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने उस समय घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था। घटना के बाद नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास सुरक्षा बढ़ाते हुए सेना ने तलाशी अभियान शुरू किया था।
नौशेरा सेक्टर में तीन ड्रोन घुसे थे
जानकारी के मुताबिक, तीन ड्रोन सुबह करीब 8:05 बजे नौशेरा सेक्टर के रुमलीधारा इलाके के पास भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे। ड्यूटी पर तैनात 22 जम्मू-कश्मीर राइफल्स (JAK RIF) के जवानों ने इन ड्रोन को समय रहते detect कर लिया। इसके बाद जवानों ने तुरंत काउंटर-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद तीनों ड्रोन वापस सीमा पार जाने को मजबूर हो गए। इसके बाद किसी भी संभावित घुसपैठ या संदिग्ध गतिविधि की जांच के लिए इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।
एयरपोर्ट पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता
अमृतसर एयरपोर्ट पर संदिग्ध ड्रोन दिखाई देने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। रनवे के आसपास किसी भी अनजान उड़ती वस्तु की मौजूदगी विमान संचालन के लिए गंभीर सुरक्षा चिंता मानी जाती है। इसी वजह से ATC ने एहतियाती कदम उठाते हुए उड़ानों को डायवर्ट किया, ताकि किसी तरह का जोखिम न हो। फिलहाल संदिग्ध ड्रोन के बारे में विस्तृत जानकारी और उनकी पहचान को लेकर जांच की जा रही है।