गोंदिया में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 7 मामलों में संदिग्ध बैंक खातों पर केस दर्ज| Navbharat Live
Updated On: Jul 19, 2026 | 04:06 PM IST
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सार
Bank Account Fraud: गोंदिया जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी से जुड़े 7 मामलों में संदिग्ध बैंक खातों पर अपराध दर्ज किए हैं।

गोंदिया साइबर क्राइम- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
विस्तार
Gondia Cyber Crime: गोंदिया जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न पुलिस थानों ने साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सात अलग-अलग मामले दर्ज किए। महाराष्ट्र साइबर और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से प्राप्त मनी ट्रेल के आधार पर पुलिस ने कई संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम प्राप्त करने और अन्य खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया गया।
गंगाझरी थाने में 1.29 लाख रु। के संदिग्ध लेनदेन के मामले में एक आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। तिरोड़ा थाने में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक खाते में तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात व हिमाचल प्रदेश के पीड़ितों से ठगे गए 94 हजार रु। जमा होने का खुलासा हुआ है। आमगांव थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में बैंक ऑफ इंडिया और कैनरा बैंक के खातों के माध्यम से क्रमशः 88,510 रु। और 1।44 लाख रु। की साइबर ठगी की रकम का लेन-देन सामने आया है।
17.35 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जांच
डुग्गीपार थाने में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में 10 हजार रु। की संदिग्ध राशि मिलने पर मामला दर्ज किया गया, जबकि देवरी में एक खातेधारक पर साइबर ठगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने और 56,826 रु. की ठगी की रकम स्वीकार करने का आरोप है। वहीं रावणवाड़ी थाना क्षेत्र में बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते के माध्यम से 17.35 लाख रु। से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है। सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
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दूसरे के खातों का इस्तेमाल
गोंदिया पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे ने कहा कि इन सभी मामलों से यह स्पष्ट हो गया है कि साइबर अपराधी अब स्थानीय व्यक्ति के बैंक अकाउंट को म्यूल अकाउंट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए, पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी आर्थिक मामले के लालच में आकर अपना बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड, पासबुक या इंटरनेट बैंकिंग डिटेल्स किसी को न दै। साथ ही, अगर कोई संदिग्ध व्यवहार दिखे, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में इसकी शिकायत करें।
