मॉडल स्कूलों में जेईई-नीट की तैयारी होगी 7,931 स्टूडेंट्स को डिजिटल पढ़ाई का लाभ - Khagaria News

जिले में संचालित 9 मॉडल विद्यालयों के 7,931 छात्र-छात्राओं को अब जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

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इसके साथ ही विद्यार्थियों को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग एवं 24 घंटे उपलब्ध डिजिटल पढ़ाई मंच से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। मॉडल विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा होगी। इसके लिए ‘एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल’ व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया है। जिले में संचालित मॉडल विद्यालयों में जवाहर हाई स्कूल, गोगरी में सबसे अधिक 1,398 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

इसके बाद कोशी हाई स्कूल, पनसलवा (बेलदौर) में 1,064 और एचएन इंटर स्कूल, महद्दीपुर बांदेहरा (परबत्ता) में 954 विद्यार्थियों का नामांकन है। लक्ष्मी देवी यूएचएस, शुंभा गाजीघाट (अलौली) में 729, यूएचएस धनछर (चौथम) में 579, एसएन हाई स्कूल, सोनबरसा (खगड़िया) में 486 तथा यूएचएस छोटी बलहा (मानसी) में 321 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इनके अलावा जेएनकेटी, काशिमपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय और सोनवर्षा विद्यालय को भी मॉडल विद्यालय के रूप में शामिल किया गया है। इन तीन विद्यालयों में करीब 2,400 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग एवं 24 घंटे उपलब्ध इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इससे जोड़ने का निर्देश दिया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर है। स्कूल की कक्षा के अलावा विद्यार्थी इस मंच के माध्यम से अतिरिक्त अध्ययन कर सकेंगे। मॉडल विद्यालयों को अधिकारियों से सीधे जोड़ने के लिए ‘एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल’ व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू की जाएगी। संबंधित अधिकारी विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पठन-पाठन की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा करेंगे। विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा। स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों और प्रतिदिन के कार्यों की रिपोर्टिंग जिला एवं मुख्यालय स्तर पर की जाएगी। इससे विद्यालयों की समस्याओं की पहचान और उनके समयबद्ध समाधान की निगरानी हो सकेगी। ^मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को 24 घंटे उपलब्ध डिजिटल पढ़ाई मंच से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। प्रत्येक मॉडल स्कूल को एक अधिकारी से जोड़कर विद्यालय की पढ़ाई, शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यार्थियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी।

हर तीन माह पर अभिभावक-शिक्षक बैठक और पूर्व विद्यार्थियों से संवाद की व्यवस्था भी की जाएगी। -विक्रम विरकर, जिला पदाधिकारी, खगड़िया मॉडल विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर देने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे नियमित पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। मॉडल विद्यालयों में प्रत्येक तीन माह पर अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और उनकी जरूरतों को लेकर अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच संवाद होगा। इसके साथ ही मॉडल विद्यालयों के पूर्व विद्यार्थियों से संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया है। पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों और अनुभवों का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को मिल सके, इसके लिए उनके साथ नियमित बैठक एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था विकसित की जाएगी। Share with facebook Share with facebook Share with facebook