म्यांमार आतंकी साजिशः अमेरिकी नागरिक समेत 7 विदेशियों से UAPA हटा... चार्जशीट दायर

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने म्यांमार से जुड़े एक आतंकी साजिश के मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है. NIA ने शुरू में आरोपियों के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 18 लगाई थी. हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि चार्जशीट में सभी आरोपियों के खिलाफ UAPA के तहत लगाए गए आरोप हटा दिए गए हैं.

चार्जशीट में केवल इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 21 और 23 का जिक्र है. इन धाराओं के तहत अपराध ‘कंपाउंडेबल’ (समझौता-योग्य) अपराधों की श्रेणी में आते हैं, जिन्हें फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के स्तर पर सुलझाया जा सकता है. NIA ने कहा है कि वह म्यांमार स्थित आतंकी सरगनाओं के साथ उनके कथित संबंधों की जांच कर रही है.

दरअसल, NIA ने मार्च 2026 में छह यूक्रेनी नागरिकों (कामिनस्की विक्टर, हर्बा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफनकिव मारियन और होंचारुक मक्सिम) और अमेरिकी नागरिक/किराये के लड़ाके मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को गिरफ़्तार किया था. आरोप है कि वे वीजा पर भारत आए और बाद में मिजोरम में दाखिल हुए, जो एक संरक्षित क्षेत्र है. इसके बाद, वे म्यांमार गए और वहां जातीय विद्रोही समूहों से संपर्क स्थापित किया.

गैर-कानूनी तरीके से मिजोरम में हुए थे दाखिल

NIA का आरोप है कि ये सात विदेशी नागरिक म्यांमार जाने से पहले गैर-कानूनी तरीके से मिजोरम में दाखिल हुए थे. आरोप है कि उन्होंने ‘जातीय सशस्त्र समूहों’ को ट्रेनिंग दी, जो भारत में सक्रिय आतंकवादी संगठनों का समर्थन करते हैं. इसके अलावा, ये समूह म्यांमार के उन विद्रोही गुटों से जुड़े थे जो देश की सैन्य सरकार (जंटा) को निशाना बनाते हैं. यह भी आरोप है कि वे यूरोप से ड्रोन की एक बड़ी खेप भारत लाए थे.

ट्रंप प्रशासन का दखल

अमेरिकी नागरिक वैनडाइक के परिवार ने हाल ही में इस मामले को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से उनकी रिहाई की अपील की थी. वैनडाइक की मां, शेरोन वैनडाइक ने इसके लिए राजनयिक दखल की मांग की. उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर एक बयान भी जारी किया, जिसमें उन्होंने इस स्थिति को अपने परिवार के लिए मानवीय संकट बताया. एरॉन वैनडाइक के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करते हैं और उन्होंने अपना जीवन मानवीय कार्यों के लिए समर्पित कर दिया है. इसलिए, उन्होंने अमेरिकी सरकार से उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने का आग्रह किया है.

जितेन्द्र कुमार शर्मा

जितेन्द्र कुमार शर्मा

साल 2002 से क्राइम और इन्वेस्टिगेशन रिपोर्टिंग का अनुभव। नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, शाह टाइम्स के अलावा टीवी मीडिया में BAG Films के नामी शो सनसनी और रेड अलर्ट में काम किया। उसके बाद न्यूज 24, इंडिया टीवी में सेवाए दी और टीवी 9 भारतवर्ष के साथ सफर जारी है।

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