बिहार के सरकारी अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी: 700 मॉडल स्कूलों में अब हर हफ्ते लेंगे क्लास, सभी DM को निर्देश जारी
Bihar Model School: बिहार के अधिकारी अब प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ शिक्षक की भूमिका में भी नजर आएंगे। राज्य के मॉडल स्कूलों में अब जिला स्तरीय अधिकारी छात्रों की कक्षाएं लेंगे। शैक्षणिक और प्रशासनिक सुधार के लिए राज्य के 700 मॉडल स्कूलों में अधिकारियों को संबद्ध किया जा रहा है।
प्रत्येक अधिकारी हर सप्ताह कम से कम एक कक्षा खुद लेंगे। इस संबंध में सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, प्रत्येक सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) से एक जिला स्तरीय पदाधिकारी को संबद्ध किया जाना है।
हर सप्ताह अधिकारी लेंगे कक्षा
संबद्ध किए गए अधिकारी नियमित रूप से मॉडल स्कूलों का निरीक्षण और अनुश्रवण करेंगे। वे स्कूल में उपलब्ध शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे। अधिकारी हर सप्ताह अपनी विषय में रुचि के अनुसार एक या उससे अधिक कक्षाओं का खुद संचालन करेंगे। इसके अलावा वे पाठ्य-टीका, गृहकार्य और क्लासरूम ट्रांजेक्शन का भी अवलोकन करेंगे। अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि स्कूल में निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो, आधुनिक सुविधाओं का उचित इस्तेमाल किया जाए और विद्यार्थियों की उपस्थिति बेहतर रहे।
पढ़ाई, अनुशासन और उपस्थिति पर रहेगी नजर
अधिकारी विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, अनुशासन और नियमित उपस्थिति की स्थिति की भी समीक्षा करेंगे। स्कूल में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ बिजली, रंग-रोगन, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की भी जांच की जाएगी। प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के साथ बैठक कर स्कूल के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की जाएगी। स्कूलों में नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।
अंग्रेजी कौशल विकास पर विशेष जोर
मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के अंग्रेजी कौशल को बेहतर बनाने के लिए विशेष कक्षाएं भी संचालित की जाएंगी। अधिकारियों को डिबेट, लेखन और व्याकरण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। कक्षा लेने वाले अधिकारी स्कूल की स्थिति और अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को देंगे।
इस रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी स्कूलों की व्यवस्था में आवश्यक सुधार करेंगे। अधिकारी ई-शिक्षा कोष पर स्कूलवार पंजीकृत किए जाएंगे। संबद्ध पदाधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट को जिला शिक्षा पदाधिकारी राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करेंगे।