71 सालों से आप सुन रहे हैं Mohammad Rafi का ये ऐतिहासिक 'गलत' गाना, सच्चाई जानने के बाद भी क्यों किया गया फाइनल? - mohammad rafi did mistake while singing kaha ja raha hai tu from movie seema
मोहम्मद रफी के मशहूर गीत 'कहां जा रहा है तू ऐ जाने वाले' की रिकॉर्डिंग के दौरान एक गलती कर दी थी। इसका एक बेहद दिलचस्प किस्सा सामने आया है। ...और पढ़ें

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi) को बॉलीवुड में सुरों का जादूगर कहा जाता है। रिकॉर्डिंग स्टूडियो में जब सिंगर आंख बंद करके कोई सुर छेड़ते थे तो मानों वो सीधा सुनने वाले के दिल में उतर जाता था। उनकी मखमली आवाज का वो जादू ही था जिसने उन्हें इतिहास के महान गायक की उपाधि दिलाई।
शंकर-जयकिशन की जोड़ी ने दिया था संगीत
आज आपको सिंगर का एक ऐसा ही किस्सा सुनाएंगे जब म्यूजिशियन ने उनकी गलती को भी गाने में शामिल कर लिया था। महान अभिनेता बलराज साहनी की फिल्म 'सीमा' (Seema) की रिकॉर्डिंग चल रही थी। गाने के बोल थे-'कहां जा रहा है तू ऐ जाने वाले।' माइक के सामने आंखे बंद किए खड़े थे रफी साहब और कंसोल पर बैठे थे उस समय की मशहूर जोड़ी शंकर-जयकिशन (Shankar Jaikishan)।
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नूतन पर फिल्माया गया है गाना
गाने के बोल शैलेन्द्र ने लिखे थे और ये बलराज साहनी और नूतन (Nutan) पर फिल्माया गया है। ये गाना बेहद भावुक था और रफी साहब अपनी मखमली आवाज से हर एक लफ्ज में जान डाल रहे थे। स्टूडियो में एकदम सन्नाटा पसरा हुआ था और गाना अपने सबसे आखिरी और दर्दभरे अंतरे पर पहुंचता है। बोल थे- 'कभी तूने सोचा कि मंजिल कहां है?'
रफी साहब से कहां हुई गलती?
रफी साहब भावनाओं की उस गहराई में डूब चुके थे जहां से वापस आना मुश्किल था। इस गाने की अगली लाइन थी - 'जो बांधे थे बंधन, वो क्यों तोड़ डाले।' जैसे ही वो लफ्ज 'तोड़' पर आते हैं अचानक ही एक अन्होनी हो जाती है। इसे गाने के दौरान रफी साहब के गले में हल्की सी खराश आ जाती है। इसमें कंपन सा महसूस हुआ।
रफी साहब के लिए ये एक बहुत बड़ी चूक थी लेकिन रफी साहब इतने प्रोफेशनल थे कि उन्होंने रिकॉर्डिंग बीच में रुकने नहीं दी और उसी खराश के साथ गाना रिकॉर्ड किया।
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जयकिशन ने टेक के लिए किया मना
रिकॉर्डिंग खत्म करके जब रफी साहब रिकॉर्डिंग रूम के बाहर आए तो उनके चेहरे पर गहरी निराशा थी। उन्होंने शंकर जयकिशन से कहा कि मेरी आवाज खराब हो गई और शब्द तोड़ में आवाज में कंपन आ गया है, हमें एक और टेक लेना होगा।
इस पर शंकर जयकिशन ने कहा कि गाना एकदम परफेक्ट है कोई दूसरा टेक नहीं होगा। रफी साहब हैरान रह गए। सच में लगा जैसे कोई कीमती चीज टूट गई हो। तब जयकिशन ने जो कहा वो लकीर बन गया। उन्होंने कहा कि भले ही आपकी आवाज में खराश आई हो लेकिन हमें ऐसा लगा जैसे सच में किसी का दिल टूटा हो तो आप इसे ऐसे ही जाने दीजिए।