सपा नेता अखिलेश यादव की नई रणनीति, 75 जिले 75 घोषणा पत्र, क्या था 2022 के घोषणा पत्र में?

समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव (सांकेतिक तस्वीर,फोटो साभार: PTI)
उत्तर प्रदेश में (UP Election 2027) यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर चर्चा और राजनीति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी दौरान सपा नेता (अध्यक्ष) अखिलेश यादव द्वारा घोषणा पत्र को लेकर कुछ बातें कही गईं हैं। अखिलेश यादव द्वारा कहा गया है कि चुनाव से पहले जो घोषणा पत्र पूरे राज्य के लिए बनाया जाता है, तो अब इस साल सपा (समाजवादी पार्टी) जिलावार घोषणा पत्र बनाएँगे। 75 जिले 75 घोषणा पत्र तैयार करने की एक नई रणनीति बनाई गई है। उनका का कहना रहा कि जो जिलावार घोषणा पत्र बनेगा उसमें जिले के मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी।
अखिलेश यादव द्वारा ये तय किया गया है कि हर जिले का अलग-अलग घोषणा पत्र बनेगा। यानी लखनऊ का अलग, प्रयागराज का अलग, बानरस का अलग, कानपुर का अलग। इसमें ये दिखी जाएगी की उस जिले में समस्या क्या है। जिले के जो नेता हैं उन सभी को बता दिया गया है कि अपने-अपने जिले कि समस्याओं की लिस्ट बनाना शुरू करें। कहाँ क्या परेशानी है ये सभी बातें उस घोषणा पत्र में होना चाहिए।
इसका उद्देश्य है कि हर जिले की खास सामाजिक, आर्थिक और स्थानीय विकास से जुड़ी समस्याओं (जैसे-स्कूल,अस्पताल और अन्य मूद्दे) को समझना और उनका स्थाई समाधान करना। साथ ही ये निर्देश दिया गया है कि सभी 75 जिले के अध्यक्ष को स्थानीय लोगों से बातचीत करके अपनी रिपोर्ट लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय भेजने को कहा है।
जिलेवार जो घोषणा पत्र बनाया जाएगा उसके मुख्य मुद्दे कुछ इस तरह हैं –
– किसानों की समस्या और बुनकरों की समस्या
– शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएँ
– उद्योग और रोजगार
– पुलों की समस्या
– सड़क परिवहन की स्थिति
बता दें यूपी में 2022 के विधान सभा चुनावों में समाजवादी पार्टी 403 में से 111 सीटें जीती थीं। अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी ने 37 लोकसभा सीटें हासिल की। साथ ही भारतीय संसद में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई।
2022 के विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का घोषणा पत्र क्या था?
8 फरवरी 2022 को अखिलेश यादव द्वारा जारी किया गया समाजवादी पार्टी का घोषणा पत्र 88 पन्नों का था। इसका बड़ा फ़ोकस रोजगार, शिक्षा, बिजली, महिला आरक्षण और सामाजिक न्याय पर था।
प्रमुख वादे
किसान
-सभी फसलों के लिए MSP
-2025 तक किसानों को कर्जमुक्त करने का लक्ष्य
-सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली
-ब्याज मुक्त कृषि ऋण
-किसान बीमा
-किसान पेंशन
-किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा
रोजगार
-IT सेक्टर में 22 लाख रोजगार का लक्ष्य
-Urban Employment Guarantee Act (शहरी रोज़गार गारंटी अधिनियम)
-कौशल विकास
-रोजगार और स्वरोजगार पर जोर
बिजली
-घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली
महिला
-सभी समुदायों की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण, जिसमें पुलिस भी शामिल
शिक्षा
-हर जिले में technical/vocational institute (तकनीकी/व्यावसायिक संस्थान)
-हर मंडल में सैनिक स्कूल
-तहसील स्तर पर skill-development centres (कौशल विकास केंद्र)
-2027 तक 100% literacy का लक्ष्य
सामाजिक/श्रमिक मुद्दे
-प्रवासी मजदूरों के लिए “Mazdoor Power Line 1890” (मज़दूर पावर लाइन 1890)
-hate crimes और संगठित अपराध के खिलाफ zero tolerance (घृणा अपराध और संबद्ध अपराध के खिलाफ शून्य सहिष्णुता)
-MSME के लिए microfinance bank (एमएसएमई के लिए माइक्रोफाइनेंस बैंक)