संभाग को ट्रिपिंग व अघोषित बिजली कटौती से मिलेगी मुक्ति: 765 केवी ट्रांसमिशन सब-स्टेशन की ओर कदम, 36.60 हेक्टेयर भूमि अवाप्ति की अधिसूचना जारी - Udaipur News

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शहर और जिले को ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक फैसला हुआ है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल ने 900 से 1200 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाले पावर ग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड की स्थापना के लिए मावली और भींडर तहसील के दो गांवों की 36.6096 हेक्टेयर निजी भूमि (135 खसरे) के अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें भींडर के अणगोरिया में 19.9650 और मावली के ढूंढिया गांव की 16.6446 हेक्टेयर भूमि शामिल है।

एडीएम (प्रशासन) दीपेंद्र सिंह की देखरेख में आगे की कागजी कार्यवाही पूरी होगी। 765/400/220 केवी क्षमता का यह विशाल ग्रिड सब-स्टेशन तैयार होने के बाद उदयपुर सहित पूरे मेवाड़ का पावर बैकअप सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा। यह बिना किसी रुकावट के बिजली की आपूर्ति तय करेगा। नतीजतन ट्रांसमिशन लॉस कम होगा और नए उद्योगों व सोलर पावर प्रोजेक्ट्स को सीधा बढ़ावा मिलेगा।

नए ग्रिड और 20 नए जीएसएस से ऐसे बदलेगा बिजली का सिस्टम

  • दिसंबर में पहली सौगात : घासा में निर्माणाधीन 400 केवी जीएसएस का काम अंतिम दौर में है, जिससे इसी साल दिसंबर तक ट्रिपिंग-ब्लैक आउट से बड़ी राहत मिलने लगेगी।
  • 3 घंटे का फॉल्ट 15 मिनट में होगा दूर : अजमेर विद्युत वितरण निगम (एवीवीएनएल) शहर के अंदरूनी बिजली तंत्र को अपग्रेड करने के लिए 100 करोड़ रुपए की लागत से 33 केवी के 20 नए जीएसएस बना रहा है।
  • यूडीए ने आवंटित की जमीन : पहले चरण के 5 जीएसएस के लिए यूडीए ने सीसारमा, बेदला, भुवाणा और बड़गांव जैसे इलाकों में जमीन अलॉट कर दी है, जहां निर्माण जल्द शुरू होने वाला है। इससे लोड बंट जाएगा और फॉल्ट सुधारने का समय 3 घंटे से घटकर मात्र 15 से 30 मिनट रह जाएगा।

3 ओवरलोडेड लाइनें, 32% पद खाली

भविष्य की प्रशासनिक तैयारी मजबूत है, लेकिन अभी शहर (60 लाख यूनिट) और जिले (1 करोड़ यूनिट) की रोजाना की भारी मांग के आगे मौजूदा सिस्टम बुरी तरह हांफ रहा है। क्योंकि

1. बैकअप नहीं: पूरा लोड तीन मुख्य लाइनों पर है। रावतभाटा से देबारी आने वाली 200 केवी लाइन से बांसवाड़ा और डूंगरपुर में भी सप्लाई होने से यह ओवरलोड रहती है। कांकरोली-अंबेरी और मादड़ी की दो 220 केवी लाइनें भी क्षमता से अधिक चल रही हैं। एक भी लाइन में खराबी आते ही आधा शहर में ब्लैक आउट हो जाता है।

2. 539 पद खाली: सिस्टम की दूसरी बड़ी कमजोरी तकनीकी स्टाफ का टोटा है। जिले में तकनीशियनों के स्वीकृत 1652 पदों में से 539 (32.62%) पद खाली हैं। इस कमी के कारण जब भी कहीं फॉल्ट होता है, तो उसे ठीक करने के लिए टीम को मौके पर पहुंचने में ही 1 से 3 घंटे का समय लग जाता है।

आज यहां बिजली बंद रहेगी: सुबह 10 से शाम 5 बजे तक नवरतन कॉम्प्लेक्स, ओएसिस टावर, मंगलम रोज, देवरों की मगरी, भुवाणा, गवरी चौक, फ्रेंड्स अपार्टमेंट, देवी नगर, गणपति विहार,न्यू भूपालपुरा, सीपीएस स्कूल,अशोक नगर रोड नंबर 2, पन्ना विहार, वृंदावन धाम, डीपी सिंह गली, मयंक कॉलोनी, शुभ केसर गार्डन, राजकिरण गार्डन, दिव्य ज्योति, राम वाटिका, जैन कॉलोनी, आर्ची आर्केड, मेहता एंड संस आदि क्षेत्रों में।