कोचिंग हब है तो शहरभर में क्यों चल रही हैं: 8 टॉवर में 224 कोचिंग चल सकते हैं, रिजर्व प्राइस 7 हजार रुपए वर्ग मीटर, - Jaipur News

जयपुर37 मिनट पहलेलेखक: इमरान खान

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300 कराेड़ खर्च कर 6700 वर्गमीटर में बना देश का पहला कोचिंग हब खाली। - Dainik Bhaskar

300 कराेड़ खर्च कर 6700 वर्गमीटर में बना देश का पहला कोचिंग हब खाली।

14 कोचिंग ही खुले, इसलिए सरकारी विभागों को टावर दे; सुप्रीम सवाल के बाद कोचिंग हब से भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट

जयपुर प्रतापनगर में बना देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब पिछले तीन साल से सूना पड़ा है। यहां 67 हजार वर्गमीटर एरिया में 9.60 लाख वर्गफीट स्पेस में 8 टावर बने हैं, जिसमें 224 कोचिंग चल सकते हैं। जेडीए को गोपालपुरा बाईपास पर नियमों की अवहेलना कर चल रहे 140 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों को कोचिंग हब में ट्रांसफर करना था, लेकिन नोटिस के बावजूद नहीं कर सका।

कोचिंग हब में सिर्फ 14 कोचिंग चल रहे हैं। तीन टावर पर तीन विभाग खुल चुके हैं और खाली जगह पर अन्य विभागों की नजर है। गोपालपुरा बाईपास पर रोज जाम लग रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट ने कोचिंग हब को लेकर जेडीए से जवाब तलब किया है।

500 करोड़ रेवेन्यू का दावा फेल

  • हाउसिंग बोर्ड ने इस टावर को 300 करोड़ में बनाया था।
  • 224 कोचिंगों को बेचकर 500 करोड़ रुपए कमाने का दावा था।
  • 5500 से 7 हजार रुपए वर्गमीटर रिजर्व प्राइस रखी गई थी।
  • ज्यादा कीमत के चलते कोचिंग सेंटरों ने हब से दूरी बना ली।

इसकी गोपालपुरा से दूरी 8 से 10 किमी है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी नहीं है। ऐसे में शिफ्ट होने से मना कर दिया।

300 करोड़ खर्च कर 6700 वर्गमीटर में बना देश का पहला कोचिंग हब खाली कोचिंग हब में किराए पर जगह मिले तो हम तैयार : महासंघ जयपुर में छोटे कोचिंग अधिक हैं। कोचिंग हब बहुत महंगा है। ऐसे में छोटे कोचिंग वाले नहीं खरीद सकते। खरीद लेंगे तो ब्याज भी नहीं निकलेगा। अगर हमें रियायती दर पर किराए पर जगह दी जाए, तो हब में जाने का विचार कर सकते हैं। -आरसी शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ

भास्कर सुझाव हाउसिंग बोर्ड सालाना लीज पर दे तो कोचिंग से भर जाए हब

{5500 से 7 हजार रुपए वर्गमीटर रिजर्व प्राइस, शहर के सेंटर पॉइंट से दूरी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी से सूना 300 करोड़ का हब {67 हजार वर्गमीटर एरिया में कुल 9 टावर बने हैं। एक टावर एडमिन ब्लॉक के लिए रिजर्व है, जबकि 8 टावर 9.60 लाख वर्गफीट स्पेस में बने हैं। एक टावर को 1.12 लाख वर्गफीट स्पेस दिया है। {3 लाख वर्गफीट में अंडरग्राउंड पार्किंग, जिम, कैफेटेरिया, लाइब्रेरी, बास्केटबॉल एरिया है। 90 शोरूम भी हैं।

भास्कर एक्सपर्ट; विभागों की तरह कोचिंग के लिए बने किराए की पॉलिसी एक्सपर्ट का मानना है कि गोपालपुरा बाईपास पर 80 फीसदी कोचिंग संस्थान किराए की बिल्डिंगों में चल रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड ने फॉरेंसिक विभाग को भी किराए पर टावर दिया है। ऐसे में हाउसिंग बोर्ड को सरकारी विभागों की तरह कोचिंग संस्थानों के लिए भी किराए की पॉलिसी लाना चाहिए। इससे कोचिंग शिफ्ट हो सकती हैं। यहां वर्तमान में करीब 200 कोचिंग सेंटरों का स्पेस है।

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