धमतरी में अंतिम संस्कार को लेकर विवाद: 8 साल से ईसाई मिशनरी से जुड़े परिवार की समाज में वापसी, गंगाजल से शुद्धिकरण
Funeral Controversy: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नवागांव में महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार विवाद (Funeral Controversy) सामने आया। ग्रामीणों और समाज के लोगों ने परिवार पर धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) का आरोप लगाया। उनका कहना था कि परिवार करीब 8 साल से ईसाई मिशनरी (Christian Missionary) से जुड़ा था और गांव की सामाजिक परंपराओं में शामिल नहीं होता था। इसी वजह से महिला के अंतिम संस्कार को लेकर गांव में कई घंटे तक विवाद की स्थिति बनी रही।
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अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति
नवागांव निवासी पियन साहू (55) का गुरुवार को निधन हो गया था। वह तलाकशुदा थीं और अपने भाई उमेश साहू के साथ रहती थीं। परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की, लेकिन ग्रामीणों और समाज के लोगों ने अंतिम संस्कार विवाद (Funeral Controversy) के बीच गांव की परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार करने की बात कही। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में किसी की मौत होने पर समाज के लोग मिलकर लकड़ी और दूसरी जरूरी सामग्री जुटाते हैं तथा अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं।
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बैठक के बाद बनी सहमति
विवाद बढ़ने के बाद सरपंच, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष और समाज के प्रमुख लोगों ने परिवार के साथ बैठक की। कई घंटे चली बैठक में परिवार ने आगे समाज के साथ रहने की बात कही।
इसके बाद अंतिम संस्कार विवाद (Funeral Controversy) खत्म हुआ और महिला का हिंदू रीति-रिवाज (Hindu Rituals) से अंतिम संस्कार किया गया। परिवार की ओर से भी गांव और समाज के कार्यक्रमों में आगे शामिल होने पर सहमति जताई गई।
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गंगाजल और तुलसी से शुद्धिकरण
सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने परिवार के सदस्यों के पैर धोए और गंगाजल पिलाया। इसके बाद तुलसी पत्र खिलाया गया और तिलक लगाया गया। मंदिर में पूजा-अर्चना कराई गई और गंगाजल का छिड़काव किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया को परिवार की समाज में वापसी (Community Reintegration) से जोड़कर देखा गया। इसके बाद महिला का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया।
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भाई ने बताई परिवार के मिशनरी से जुड़ने की बात
मृतका के भाई उमेश साहू ने बताया कि उनका परिवार करीब 8 साल से ईसाई मिशनरी (Christian Missionary) से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर गांव में विवाद हुआ।
बैठक में समाज के साथ रहने की बात रखी गई, जिसके बाद परिवार ने सहमति जताई। मामला सिहावा थाना क्षेत्र (Sihawa Police Station Area) का है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार परिवार की समाज में वापसी (Community Reintegration) स्थानीय स्तर पर हुई सहमति के आधार पर हुई है।
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