एमपी को मिले 8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 5,785 लोगों को मिलेगा रोजगार

अहमदाबाद में एक निवेश संवाद के दौरान, मध्य प्रदेश ने सीमेंट, पैकेजिंग, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र और अन्य क्षेत्रों में 8,635 करोड़ रुपये के अवसरों की रूपरेखा बताई, जिससे 5,785 नौकरियां पैदा होने की संभावना है। इस कार्यक्रम में 500 से अधिक उद्योगपतियों ने भाग लिया और राज्यों के बीच मजबूत सहयोग का संकेत दिया।

By Oneindia Staff

Time Published: Wednesday, August 12, 2026, 23:01 [IST]

गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित निवेश संवाद के दौरान मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 8,635 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से प्रदेश में 5,785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा सहित गुजरात के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से अधिक उद्योगपतियों, निवेशकों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने इस निवेश संवाद में हिस्सा लिया।

Madhya Pradesh investment opportunities in Ahmedabad

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को अहमदाबाद में आयोजित "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश" में देशभर से आए उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और कारोबार विस्तार के लिए असीम संभावनाओं वाला राज्य है और यहां निवेश करने वालों को राज्य सरकार हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने गुजरात के उद्योग जगत को भोपाल में जनवरी-फरवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए भी आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बिजली, पानी और जमीन की चिंता करने की जरूरत नहीं है। औद्योगिक भूमि रियायती दरों पर लीज पर उपलब्ध है, पर्याप्त वाटर बैंक और सरप्लस बिजली है, और प्लग एंड प्ले जोन विकसित किए जा रहे हैं। करीब 19 हजार एकड़ में 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम को "समस्याओं का अंत, सेवा तुरंत" बताया और कहा कि प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क, मजबूत रेल कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, एक्सप्रेस-वे और हाईवे मौजूद हैं।

मध्यप्रदेश-गुजरात को बताया जुड़वा राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं का जिक्र करते हुए दोनों राज्यों को जुड़वा भाइयों जैसा बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास तकनीक, व्यापार और औद्योगिक अनुभव है, जबकि मध्यप्रदेश के पास प्रचुर जल, लैंड बैंक और देश के मध्य में स्थित होने का लॉजिस्टिक्स लाभ है। उन्होंने बीना की पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी, उज्जैन के 360 एकड़ में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क, धार और नवसारी के पीएम मित्र पार्क तथा पीथमपुर के ऑटोमोबाइल हब का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास क्षेत्रों में अब तक 7 लाख 19 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है।

युवाओं के लिए हर क्षेत्र में अवसर

मुख्यमंत्री ने युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन, आईटी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। इंदौर-उज्जैन को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने और भोपाल से जुड़े पड़ोसी जिलों को जोड़कर मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज खोलने और उद्योग स्थापित करने वाला राज्य है, और यह देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में शामिल है।

उद्योगपतियों ने साझा किए अनुभव

गुजरात की वेलस्पन ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज लिमिटेड के प्रमुख चिंतन ठाकर ने मध्यप्रदेश में निवेश का अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी कंपनी ने वर्ष 2011 में देवास-भोपाल रोड पर अपनी यूनिट शुरू की थी और राज्य सरकार ने महज 12 महीने में उद्योग स्थापना की सभी जरूरी अनुमतियां दे दी थीं।

सिम्फनी लिमिटेड के सीएमडी और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की गुजरात स्टेट काउंसिल के चेयरमैन अचल बेकेरी ने मध्यप्रदेश को "अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश" बताते हुए कहा कि राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या 14 करोड़ से अधिक दर्ज की गई है। उन्होंने उज्जैन-चित्रकूट (धार्मिक पर्यटन), बांधवगढ़-कान्हा-पेंच (वन्यजीव पर्यटन) और खजुराहो-मांडू-सांची (ऐतिहासिक विरासत) को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल बताया।

अफसरों ने गिनाई प्रदेश की खूबियां

अपर मुख्य सचिव (औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन) नीरज मंडलोई ने बताया कि मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए एक लाख एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है, साथ ही 8 एयरपोर्ट और 22 रेल जंक्शन बेहतर कनेक्टिविटी देते हैं। राज्य सरकार मुरैना (फुटवियर), उज्जैन (मेडिकल डिवाइस) और रायसेन (प्लास्टिक) सहित 8 डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने जा रही है। उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने मध्यप्रदेश को निवेश प्रोत्साहन नीतियों के मामले में शीर्ष राज्य घोषित किया है, और प्रदेश जनवरी-फरवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रहा है।

प्रमुख सचिव (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) एम. सेल्वेंद्रन ने बताया कि इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में आईटी सेक्टर के लिए सस्ती और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। टीसीएस की इंदौर यूनिट में 16 हजार से अधिक स्टाफ कार्यरत है और इन्फोसिस भी राज्य में विस्तार की योजना बना रही है। भोपाल में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग के लिए ग्रीन जोन तैयार किया जा रहा है, और राज्य सरकार स्पेस टेक पॉलिसी के तहत 40 से 60 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी दे रही है।

15 से अधिक वन-टू-वन बैठकें

निवेश संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख उद्योग समूहों के साथ 15 से अधिक वन-टू-वन बैठकें कीं। अरविंद लिमिटेड के साथ पीएम मित्र पार्क में प्रस्तावित 1,200 करोड़ रुपये के निवेश पर चर्चा हुई, जबकि टोरेंट पावर लिमिटेड के साथ अनूपपुर में प्रस्तावित 1,600 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना पर बातचीत हुई। चिरपाल ग्रुप, गोल्डक्रेस्ट सीमेंट, गुजरात अंबुजा, एजियोस पॉलीफिल्म्स और एरिस लाइफसाइंसेज सहित कई अन्य उद्योग समूहों ने भी प्रदेश में निवेश को लेकर रुचि दिखाई।

किस क्षेत्र में कितना निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, इस निवेश संवाद में मिले प्रमुख प्रस्ताव इस प्रकार हैं:

* सीमेंट: गोल्डक्रेस्ट सीमेंट — 3,000 करोड़ रुपये, 1,500 रोजगार
* पैकेजिंग: एजियोस पॉलीफिल्म्स — 2,500 करोड़ रुपये, 1,000 रोजगार
* फूड प्रोसेसिंग: गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स — 1,200 करोड़ रुपये, 500 रोजगार
* फार्मास्युटिकल्स: एरिस लाइफसाइंसेज — 500 करोड़ रुपये, 800 रोजगार
* टेक्सटाइल: राघव वूवन एलएलपी — 250 करोड़ रुपये, 400 रोजगार
* इंजीनियरिंग: भव्य मशीन टूल्स — 250 करोड़ रुपये, 300 रोजगार
* केमिकल: जय केमिकल इंडस्ट्रीज — 200 करोड़ रुपये, 100 रोजगार
* पैकेजिंग: बालाजी मल्टीफ्लेक्स — 200 करोड़ रुपये, 100 रोजगार
* टेक्सटाइल: श्रद्धा स्पन — 160 करोड़ रुपये, 600 रोजगार
* इंजीनियरिंग: इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स — 150 करोड़ रुपये, 160 रोजगार
* एयरोस्पेस एवं डिफेंस: ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप — 100 करोड़ रुपये, 120 रोजगार
* फूड प्रोसेसिंग: जेएमके फूड — 50 करोड़ रुपये, 80 रोजगार
* केमिकल: विबफास्ट ग्रुप — 50 करोड़ रुपये, 75 रोजगार
* केमिकल: अरुणाया ऑर्गेनिक्स — 25 करोड़ रुपये, 50 रोजगार

इन सभी प्रस्तावों को मिलाकर कुल 8,635 करोड़ रुपये के निवेश और 5,785 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का न्योता भी दिया।

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