बैतूल में किसान 80 किमी चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे: फसल बीमा और खाद वितरण में अनियमितता की शिकायत की - Betul News
बैतूल जिले के चोपना क्षेत्र के किसान मंगलवार को करीब 80 किलोमीटर की दूरी तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के सामने फसल बीमा, खाद वितरण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़ी समस्याएं रखीं। किसानों का कहना था कि सहकारी स
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9 गांवों के सैकड़ों किसान बीमा राशि से वंचित
किसानों ने बताया कि बहुउद्देशीय कृषि साख सहकारी समिति चोपना से 32 गांवों के करीब 1400 किसान जुड़े हैं। वर्ष 2025 की खरीफ फसल का बीमा अधिकांश किसानों को मिल चुका है, लेकिन झोली, आमडोह, हिरापुर और गोल्हई बुजुर्ग पटवारी हल्के के 9 गांवों के सैकड़ों किसान अब तक बीमा राशि से वंचित हैं।
किसानों ने सवाल उठाया कि जब उनसे फसल बीमा का प्रीमियम लिया गया और शासन की ओर से बीमा लाभ दिया गया, तो इन किसानों को अब तक राशि क्यों नहीं मिली। उन्होंने मामले में जिम्मेदारी तय करने और जल्द बीमा राशि दिलाने की मांग की।
एक ही क्षेत्र में बीमा राशि में अंतर
किसानों ने फसल बीमा राशि में भी अंतर होने की शिकायत की। उनका कहना है कि एक ही क्षेत्र में फसल अनावारी समान होने के बावजूद कुछ किसानों को दो हेक्टेयर पर करीब 3500 रुपए का बीमा मिला, जबकि कुछ किसानों को 35 हजार रुपए तक की राशि दी गई। किसानों ने इस विसंगति की जांच कर सभी प्रभावित किसानों को समान आधार पर बीमा लाभ देने की मांग की।
कम मिली खाद, अब बकाया भी नहीं मिल रही
खाद वितरण को लेकर किसानों ने बताया कि ई-टोकन और ई-वस्तु प्रणाली के दौरान कई किसानों को निर्धारित मात्रा से कम खाद मिली थी। अब ई-टोकन व्यवस्था वापस लिए जाने के बाद भी ऐसे किसानों को उनकी बकाया खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों ने मांग की कि जिन किसानों को निर्धारित मात्रा से कम खाद मिली है, उन्हें बची हुई खाद तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

खाद महंगी हुई, KCC की ऋण सीमा पुरानी
किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड की वस्तु ऋण सीमा बढ़ाने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि पहले 1350 रुपए वाली डीएपी खाद मिलती थी, जबकि अब करीब 2100 रुपए की एनपीके खाद मिल रही है। खाद की कीमत बढ़ने के बावजूद KCC की वस्तु ऋण सीमा में बदलाव नहीं हुआ है। किसानों के अनुसार, ऋण सीमा पुरानी होने के कारण उन्हें पहले की तुलना में कम मात्रा में खाद मिल रही है। उन्होंने खाद की बढ़ी कीमत के अनुसार वस्तु ऋण सीमा बढ़ाने की मांग की।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर फसल बीमा, खाद वितरण और KCC से जुड़ी सभी समस्याओं का जल्द निराकरण कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं के बीच जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण उन्हें करीब 80 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय आना पड़ा।
जनसुनवाई में भी किसान की शिकायत
मंगलवार की जनसुनवाई में किसानों से जुड़ी अन्य समस्याएं भी सामने आईं। आमला तहसील के ग्राम लीलाझर निवासी रामू कौशिक ने खरीफ 2025 का फसल बीमा नहीं मिलने की शिकायत कलेक्टर के सामने रखी। किसान ने बताया कि पात्र होने के बावजूद उसे अब तक बीमा राशि का लाभ नहीं मिला है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग के डीडीए को शिकायत का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।
रास्ते, मुआवजे और आवास की शिकायतें भी पहुंचीं
जनसुनवाई में ग्रामीण रास्ते, राजस्व रिकॉर्ड, मुआवजा और आवास से जुड़ी समस्याएं लेकर भी पहुंचे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।