80th Independence Day: भारत की न्यूक्लियर पावर को लेकर PM मोदी का बड़ा ऐलान, 2047 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य क्यों अहम?
80th Independence Day: आज देश आजादी की 80वीं सालगिरह मना रहा है. खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया.
80th Independence Day: आज देश आजादी की 80वीं सालगिरह मना रहा है. खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया.
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आज देश आजादी की 80वीं सालगिरह मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास अवसर पर लाल किले की प्रचीर पर तिरंगा फहराया. इसके बाद राष्ट्रगान हुआ. खास बात है कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पहली बार वंदे मातरम का गायन हुआ.
सबसे पहले प्रधानमंत्री राजघाट पहुंचे. यहां पीएम मोदी ने बापू को याद किया. उन्होंने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की. इसके बाद पीएम मोदी सीधे लाल किले पर पहुंचे. देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्यमंत्री, रक्षासचिव और सीडीएस मौके पर मौजूद रहे. इसके बाद PM मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया.
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पीएम मोदी ने देश को किया संबोधित
स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से घोषणा की कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर 100 गीगावाट (1 लाख मेगावाट) करना है. अब सवाल है कि आखिर 2047 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य क्यों अहम है? आइये जानते हैं इसकी महत्ता…
देश की आबादी और विकास जैसे-जैसे बढ़ रहा है, बिजली की मांग की तेजी से आगे बढ़ रही है. सौर और पवन ऊर्जा के साथ परमाणु ऊर्जा एक ऐसा ऊर्जा स्रोत है, जो मौसम पर निर्भर है. इसके अलावा, 2070 तक भारत ने कार्बन उत्सर्जन को पूरी तरह से शून्य करने का संकल्प लिया है. इस लक्ष्य को पाने के लिए कोयले पर निर्भरता कम करके परमाणु ऊर्जा जैसी स्वच्छ और हरित ऊर्जा को अपानाना अहम होगा.
आयातित ईंधन से देश को मिलेगी मुक्ति
भारत वर्तमान में अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयातित कच्चे तेल और कोयले पर निर्भर है. परमाणु ऊर्जा के आने से विदेशों से निर्भरता कम होगी और देश इससे आत्मनिर्भर बनेगा.
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हाल में मोदी सरकार ने संसद में शांति (Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India, 2025) विधेयक पास किया है. इस बिल की वजह से परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में नए रास्ते खुले हैं. निजी क्षेत्र की भागीदारी को इससे बढ़ावा मिल रहा है.
5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की तैयारी
खास बात है कि भारत ने हाल में फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में बड़ी महारत हासिल किया है, जिससे परमाणु ईंधन के मामले में देश की शक्ति में कई गुना इजाफा हुआ है. इसके तहत मौजूदा दशक में ही 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की तैयारी है.
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