राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय के इस्तीफे में बड़ा खुलासा- आरोपियों से खुद बरामद कराए थे चोरी के 81 लाख रुपये

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  • Reported by: विनोद मिश्राEdited by: नितिन अरोड़ा
  • Updated Jul 29, 2026, 09:40 AM IST

Champat Rai Resignation Letter: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी मामले पर चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का संयुक्त इस्तीफा आया सामने। 81 लाख रुपये बरामदगी और एसआईटी जांच के अनुरोध का किया खुलासा।

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राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय के इस्तीफे में बड़ा खुलासा- आरोपियों से खुद बरामद कराए थे चोरी के 81 लाख रुपये

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में रामलला के दानपात्र से हुई चढ़ावा चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का संयुक्त इस्तीफा पत्र पहली बार सार्वजनिक हुआ है। इस पत्र में दोनों पूर्व पदाधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद आरोपी युवकों और उनके परिजनों से कुल 81 लाख रुपये की राशि वापस जुटाकर ट्रस्ट में जमा कराई गई थी। इसके साथ ही विवाद बढ़ने पर ट्रस्ट ने खुद उत्तर प्रदेश सरकार से एसआईटी (SIT) जांच कराने का अनुरोध किया था।

संयुक्त इस्तीफा पत्र के अनुसार, दानपात्र की राशि में गड़बड़ी और चोरी की पूरी घटना जून के पहले सप्ताह की है, जिसके बाद मीडिया में तरह-तरह की खबरें आने से श्रद्धालुओं के बीच भ्रम और असंतोष फैलने लगा था।

4 जून की घटना: पत्र के अनुसार, 4 जून की रात दानपात्र में आए चढ़ावे की गणना के दौरान कुछ युवकों द्वारा धनराशि चुराए जाने की जानकारी एक ट्रस्टी को मिली थी।

5 जून को पहचान: 5 जून की सुबह सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की सघन जांच की गई, जिसमें कुछ संदिग्ध युवकों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दर्ज पाई गईं।

पूछताछ और स्वीकारोक्ति: फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवकों को चिह्नित कर उनसे पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

81 लाख की बरामदगी और एसआईटी जांच का फैसला

इस्तीफा पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि शुरुआत में तत्काल पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के बजाय अनौपचारिक स्तर पर पूछताछ कर राशि बरामद करने का प्रयास किया गया था।

पत्र में दावा किया गया है कि 5 जून की रात से 8 जून के बीच आरोपी युवकों और उनके परिजनों ने कुल 81 लाख रुपये की नकदी ट्रस्ट में जमा कराई और चोरी की लिखित स्वीकारोक्ति सौंपी। वहीं जब यह मामला मीडिया में उजागर हुआ और जनता में आक्रोश बढ़ा, तब ट्रस्ट ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने का औपचारिक अनुरोध किया। पत्र में दोनों पूर्व पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की आस्था, ट्रस्ट की साख और पारदर्शी जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ही उन्होंने अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

Nitin Arora

नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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