मेहनत का पैसा लौटाओ, दोषियों को जेल भेजो… संभाजीनगर में 202 करोड़ के घोटाला पीड़ितों का आमरण अनशन शुरू| Navbharat Live
Updated On: Aug 03, 2026 | 10:52 PM IST
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सार
Imtiaz Jaleel Fast Unto Death Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर में 202 करोड़ के आदर्श पतसंस्था घोटाले को लेकर पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के नेतृत्व में जमाकर्ताओं का आमरण अनशन शुरू हुआ।

इम्तियाज जलील का आमरण अनशन (सोर्स: नवभारत फोटो)
विस्तार
Adarsh Pat Sanstha Scam: छत्रपति संभाजीनगर आदर्श नागरी सहकारी पतसंस्था में हुए कथित 202 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर सोमवार को जमाकर्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। वर्षों से अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने का इंतजार कर रहे सैकड़ों जमाकर्ताओं ने पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू कर दिया।
आंदोलनकारियों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जमाकर्ताओं की जमा राशि लौटाने, संस्था की जब्त संपत्तियों की बिक्री प्रक्रिया में तेजी लाने तथा घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
जीवनभर की पूंजी फंसी, परिवार झेल रहे आर्थिक संकट
अनशन के दौरान बड़ी संख्या में जमाकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि वर्षों से न्याय की उम्मीद में वे सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिल सकी है। अनेक परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और जीवनभर की बचत फंसी होने से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
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जब्त संपत्तियां बेचकर तुरंत किया जाए पीड़ितों का भुगतान
पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने कहा कि यह केवल आर्थिक घोटाले का मामला नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जमाकर्ताओं को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए संस्था की जब्त संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया तेज की जाए और प्राप्त राशि से प्राथमिकता के आधार पर जमाकर्ताओं का भुगतान किया जाए। साथ ही इस मामले में दोषी अधिकारियों एवं संचालकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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मांगें न मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। आमरण अनशन के कारण कलेक्टर कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
