जबलपुर: जर्जर इमारतों पर सख्ती...अवैध निर्माण पर नरमी? मेडिकल के पास तीन मंजिला टीन शेड क्लब हाउस पर उठे सवाल| Navbharat Live

जबलपुर: जर्जर इमारतों पर सख्ती…अवैध निर्माण पर नरमी? मेडिकल के पास तीन मंजिला टीन शेड क्लब हाउस पर उठे सवाल

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सार

Jabalpur Encroachment Case: जबलपुर के नेहरू नगर में रहवासी प्लॉट पर तान दिया तीन मंजिला अवैध टीनशेड क्लब हाउस, देर रात शोरगुल से पड़ोसी परेशान, शिकायत के बाद भी नगर निगम मौन।

Civic authorities face questions over alleged inconsistencies in action against illegal construction and unsafe structures in the city

जबलपुर क्लब केस (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Jabalpur Illegal Construction: जबलपुर में नगर निगम एक ओर जर्जर इमारतों के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहा है, तो दूसरी ओर शहर के बीचों-बीच एक अवैध निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं। मेडिकल अस्पताल के पास स्थित नेहरू नगर में एक रहवासी कॉलोनी में तीन मंजिला टीनशेड का क्लब हाउस बना लिया गया और वहां गतिविधियां भी शुरू हो गईं, लेकिन नगर निगम को इसकी भनक तक नहीं है। देर रात तक क्लब हाउस में लड़के लड़कियां आते जाते रहते हैं और शोर गुल करते हैं जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।

बीते दिनों बड़ा फुहारा इलाके में एक जर्जर भवन बारिश के दौरान धराशायी हो गया, घटना में कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन नगर निगम के कान खड़े हो गए, जिसके बाद शहर भर में जर्जर इमारतों को चिन्हित कर गिराने की कार्यवाही शुरू की गई। अधिकारियों ने जांच भी शुरू कर दी लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, दूसरी तरफ शहर भर में रसूखदार लोग अपने शौक पूरे करने और आय बढ़ाने के लिए धड़ल्ले से अवैध निर्माण कर रहे हैं।

तीन मंजिला टीनशेड क्लब हाउस की नहीं मिलती अनुमति

ताजा मामला मेडिकल अस्पताल के समीप स्थित एक रहवासी कॉलोनी नेहरू नगर का है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि एक इंजीनियर द्वारा निजी उपयोग के नाम पर प्लॉट का रजिस्ट्रेशन कराया गया, लेकिन बाद में उसी स्थान पर तीन मंजिला टीनशेड का ढांचा तैयार कर उसे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और क्लब हाउस की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि इतना बड़ा टीन शेड का स्ट्रक्चर बनाने की अनुमति ना तो नगर निगम दे सकता है और ना ही जिला प्रशासन, इसके बावजूद यह निर्माण रहवासी इलाके में किया गया है।

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शोरगुल के कारण परेशान पड़ोसी

आरोप है कि इस परिसर में देर रात तक गतिविधियां चलती रहती हैं। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि रात देर तक युवक-युवतियों के आने-जाने और तेज शोर-शराबे से कॉलोनी का माहौल प्रभावित होता है। लोगों का कहना है कि कई बार समझाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।

नगर निगम में की शिकायत लेकिन नहीं हुई कार्यवाही

रहवासियों का दावा है कि उन्होंने नगर निगम प्रशासन से लिखित और मौखिक शिकायत भी की लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका सवाल है कि यदि अन्य अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होती है, तो इस मामले में जिला प्रशासन की चुप्पी क्यों है। वहीं बैरेक हाउस बनाने वाले इंजीनियर के बेटे का कहना है कि यह निर्माण पूरी तरह निजी उपयोग के लिए किया गया है। उनका दावा है कि यहां किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि नहीं होती लेकिन कॉम्प्लेक्स के अंदर बाकायदा मेन्यू लगा हुआ है और उसमें खाने पीने की चीजों के दाम लिखे हुए हैं जो साबित करता है कि यहां आर्थिक लेनदेन भी होता है।

बारिश और आंधी तूफान में स्ट्रक्चर गिरने की आशंका

स्थानीय लोगों की एक और चिंता इस निर्माण की सुरक्षा को लेकर भी है। उनका कहना है कि तीन मंजिला टीनशेड का यह ढांचा तेज बारिश, आंधी या तूफान के दौरान खतरा बन सकता है। यदि किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।

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नगर निगम से कार्यवाही की उम्मीद

बहरहाल शिकायत मिलने के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई हालांकि स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नगर निगम प्रशासन इस अवैध निर्माण को तोड़कर संभावित खतरे को टालेगा। कमिश्नर राम प्रकाश अहिरवार ने भी इस तरह के अवैध और खतरनाक स्ट्रक्चर्स को तोड़ने का आश्वासन दिया है।

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