राम मंदिर किसी के बाप की जागीर नहीं… नागपुर में गरजे उद्धव ठाकरे, फडणवीस और भागवत को उनके ही गढ़ में घेरा| Navbharat Live

राम मंदिर किसी के बाप की जागीर नहीं… नागपुर में गरजे उद्धव ठाकरे, फडणवीस और भागवत को उनके ही गढ़ में घेरा

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    गोरक्ष पोफली

Updated On: Jul 18, 2026 | 08:14 PM IST

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सार

Uddhav Thackeray Nagpur Speech: नागपुर में गरजे उद्धव ठाकरे, रामरक्षा महाआरती के बाद फडणवीस और मोहन भागवत को उनके ही गढ़ में घेरा। कहा- राम मंदिर किसी के बाप की जागीर नहीं।

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नागपुर में उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)

विस्तार

Uddhav Thackeray Targets Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र की उप-राजधानी और आरएसएस का गढ़ माने जाने वाले नागपुर में आज सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया। शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राम नगर स्थित प्रसिद्ध राम मंदिर में रामरक्षा महाआरती के जरिए अपने अभियान का शंखनाद किया।

रामरक्षा आंदोलन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे के साथ संजय राउत, आदित्य ठाकरे, नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे और महाविकास अघाड़ी के कई बड़े नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। नागपुर की इस धरती से उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सरसंघचालक मोहन भागवत पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला।

फडणवीस के चैलेंज पर करारा जवाब

भाषण की शुरुआत में ही उद्धव ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस को उनके ही घर में ललकारा। ठाकरे ने उस चुनौती का जिक्र किया जिसमें फडणवीस ने उन्हें रामरक्षा बोलकर दिखाने को कहा था। ठाकरे ने मजाकिया लहजे में बताया कि आज सुबह संजय राउत ने उन्हें फोन कर पूछा था कि क्या भाषण के लिए टेलीप्रॉम्प्टर रखना है? उन्होंने सीधे फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा, फडणवीस जी, रामरक्षा बोलना भले ही आपका काम हो, लेकिन रामरक्षा करना हम राम भक्तों का काम है। हम सच्चे रामभक्त और रामरक्षक हैं।

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‘रामरक्षा’ म्हणणं जरी तुमचं काम असलं, तरी ‘रामरक्षा’ करणं हे आमच्या रामभक्तांचं काम आहे. pic.twitter.com/ZkLXDt40Fr — ShivSena – शिवसेना Uddhav Balasaheb Thackeray (@ShivSenaUBT_) July 18, 2026

सत्ता के लिए राम का नाम, काम मंदिर लूटने का

उद्धव ठाकरे ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करते हुए कहा कि जो लोग राम के नाम पर वोट मांगकर सत्ता में आए, आज उन्हीं के राज में राम भक्तों को राम की रक्षा करनी पड़ रही है। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि हम मंदिर लूटने वालों के खिलाफ हैं। ठाकरे ने फडणवीस से स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि आप मंदिर लूटने वालों के साथ खड़े हैं या राम की रक्षा करने वालों के साथ? उन्होंने तंज कसा कि मंदिर केवल इसलिए नहीं बनाए गए थे कि उन्हें बाद में लूटा जा सके।

मोहन भागवत से पूछे चुभते सवाल

आरएसएस के मुख्यालय वाले शहर में खड़े होकर उद्धव ने सीधे सरसंघचालक मोहन भागवत को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने पूछा, भागवत साहब, जिस तरह से यह भाजपा सरकार काम कर रही है, क्या यही वह हिंदू राष्ट्र है जिसकी आपने कल्पना की थी? उन्होंने आगे कहा कि आज पक्ष फोड़े जा रहे हैं, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, पेपर लीक हो रहे हैं और अब तो मंदिरों की तिजोरियां तक फोड़ी जा रही हैं।

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रामराज्य और शिवशाही का संकल्प

उद्धव ठाकरे ने अपने हिंदू राष्ट्र की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा हिंदू राष्ट्र वह है जहां रामराज्य और शिवशाही हो। उनके अनुसार, असली हिंदू राष्ट्र वह है जो गरीबों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं को न्याय दे। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ठेकेदारों को अभय देने वाला राष्ट्र हमारा हिंदू राष्ट्र नहीं हो सकता।

आज नागपुर में हुई इस महाआरती और उद्धव ठाकरे के तेवरों ने यह साफ कर दिया है कि रामरक्षा आंदोलन के जरिए वे राज्यभर में हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को उसी के हथियार से घेरने की तैयारी कर चुके हैं। नागपुर की इस सभा में उमड़ी भीड़ और कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी ने महाविकास अघाड़ी की एकजुटता का भी संदेश दिया है।

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