भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया…BJP की हार पर अखिलेश यादव का तीखा तंज| Navbharat Live
Updated On: Aug 03, 2026 | 10:50 PM IST
विज्ञापन
सार
Bankipur Bypoll Result: बांकीपुर और दतिया उपचुनाव में BJP की हार पर अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया और उनका घमंड तोड़ दिया।

अखिलेश यादव (सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Akhilesh Yadav on BJP Loss in Bankipur Bypoll: बिहार के बांकीपुर और मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया।
अखिलेश यादव ने अपनी बातों से उस वीडियो का जिक्र किया, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी में थे और उनके रोड शो के दौरान हनुमान के गेटअप में एक शख्स नाचता दिखाई दिया था। बांकीपुर और दतिया चुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर विपक्षी खेमों की ओर से लगातार पोस्ट किए गए।
भगवान ने ही नचा दिया
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझने वालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुखार भी उतार दिया। ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि ‘वोट चोरी’, ‘पेपर चोरी’, ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’, ’नौकरी चोरी’, ’आरक्षण चोरी’, ‘कमीशनखोरी’, ’पीडीए पर अत्याचार’, ’घोर भ्रष्टाचार’, ‘महंगाई की मार’, ’मिलावट के सरकारीकरण’, ‘माताओं-बेटियों तक का अपमान’ और ’देश के जेनजी पर हर तरह से प्रहार’, भाजपा ने इन सभी तरीकों से जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगा है। अब तो भाजपावाले भी अपने ही ‘किसी’ का इस्तीफा मांगेंगे क्योंकि जो अपनी ही विधानसभा हार गए, उनके भरोसे नाव कैसे पार होगी।
सम्बंधित ख़बरें
पंकज चौधरी पर कसा तंज
अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि ये हार उनकी है जिन्होंने उनको चुना था या कहें संगठन पर अपनी मर्जी की तरह थोपा था। अब तो कोई ये भी नहीं कह सकता है कि ‘भाजपा में इस्तीफे नहीं होते हैं।’ सबसे ज्यादा खुश तो उप्र में ‘वो’ हैं, जिनको ‘पीडीए’ समाज का होने की वजह से राष्ट्रीय स्तर का पद न देकर जानबूझकर राज्य स्तर का पद दिया गया था। आज तो वो भी मुस्कुराकर पूछ रहे हैं, ‘5 बड़ा या 7’।
यह भी पढ़ें- कभी PM मोदी के जरिए हुई राजनीतिक एंट्री, अब भाजपा को हराकर बने विधायक; जानें प्रशांत किशोर का सियासी सफर
उन्होंने कहा कि वैसे जनता ये भी कह रही है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन विधानसभा नहीं जिता पाए तो राज्य-अध्यक्ष तो विधानसभा लड़वा भी नहीं पाएंगे। ये डबल इंजन की डबल हार है। भाजपा की हार मतलब बदलाव की शुरुआत है। भाजपा की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उनकी हार नहीं बचा पाएंगी। अब भाजपा का संकट हार से बढ़कर इस बात का होगा कि उनका टिकट लेने वाला ‘ड्रोन और दूरबीन’ से भी ढूंढे नहीं मिलेगा। सभी विजयी उम्मीदवारों को जीत की बधाई।
-एजेंसी इनपुट के साथ
