भाई तो बहुत बने... लेकिन उमाशंकर को छोड़कर सबने धोखा दिया, BSP विधायक के निधन पर भावुक हुईं मायावती- VIDEO| Navbharat Live
Updated On: Aug 06, 2026 | 05:35 PM IST
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सार
BSP Chief Mayawati: मायावती ने कहा कि हमेशा ही मुझे इस परिवार से सम्मान मिला है। यह मौका सही नहीं है, फि भी मैं कहना चाहूती हूं कि अगर परिवार राजनीति में आना चाहेगा तो मै हर संभव मदद करुंगी।

बसपा सप्रीमो मायावती, (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
BSP Chief Mayawati Emotional On Umashankar Singh Death: उत्तर प्रदेश के बलिया के रासड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार देर रात निधन हो गया। बुधवार देर रात उन्होंने दिल्ली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली। लंबे समय से वह बिमार चल रहे थे। उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश में बसपा के इकलौते विधायक थे, उनके निधन के साथ ही राज्य की विधानसभा में पार्टी की मौजूदगी खत्म हो गई।
उमाशंकर सिंह की निधन के बाद तमाम राजनीतिक दलों के नेता उन्हें आखिरी श्रद्धांजलि देने के लिए उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती भी उनके आवास पर पहुंची थी। इस दौरान वह उन्हें याद कर बेहद भावुक हो गईं।
‘उमाशंकर सिंह जैसा कोई वफादार नहीं’
मीडिया से बातचीत करते हुए मायावती ने कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं उमाशंकर सिंह जब से बसपा से जुड़े थे, तब से लेकर अब तक पूरी ईमानदारी और वफादारी के साथ अपनी जिम्मेदारी को निभाए। उन्होंने कभी बीएसपी को धोखा नहीं दिया। पार्टी में रहते हुए उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र और समाज का ध्यान रखा। मैं इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ हूं। मुझे वह अपनी सभी बहन की तरह मानते थे। मायावती ने आगे कहा कि भाई तो बहुत बने… सब धोखा देकर चले गए, लेकिन उन्होंने कभी धोखा नहीं दिया।
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‘भाई तो बहुत बने पर उमाशंकर सिंह को छोड़कर सबने धोखा दिया..’
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर छलका पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का दर्द…हर साल उमाशंकर सिंह को राखी बांधती थीं मायावती…कल रात उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया…मायावती भावुक हैं…बयान सुनिए pic.twitter.com/V6Jn5ck4L6 — Shweta Rai (Vistaar News) (@Shwetaraiii) August 6, 2026
परिवार से राजनीति में आने की अपील
बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि हमेशा ही मुझे इस परिवार से आदर और सम्मान मिलता आया है। यह मौका सही नहीं है, फि भी मैं कहना चाहूती हूं कि अगर परिवार राजनीति में आना चाहेगा तो मै हर संभव मदद करुंगी। मैं उन्हें बढ़ावा दूंगी। मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह ने जब भी बसपा के टिकट पर रासड़ा से चुनाव लड़ा है उनकी जीत हुई है। उन्होंने अपने क्षेत्र के लोगों का हमेशा ही ख्याल रखा है।
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छात्र राजनीति से ठेकेदारी तक का सफर
उमाशंकर सिंह की शुरुआती शिक्षा बलिया में हुई। कॉलेज के दौरान उन्होंने छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई, हालांकि शुरुआती दौर में उन्हें विशेष सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने ठेकेदारी के क्षेत्र में कदम रखा और निर्माण कार्यों के जरिए बड़ी पहचान बनाई। उन्होंने ‘छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन्स’ नाम से कंपनी स्थापित की, जो सड़क निर्माण के क्षेत्र में कार्य करती है। उनकी कारोबारी गतिविधियां माइनिंग सेक्टर तक भी फैली थीं। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा और होटल उद्योग में भी निवेश किया। उनकी पत्नी पुष्पा सिंह सीएस इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।
