प्रयागराज में बुजुर्ग को बना दिया फर्जी जमानतदार: 8 साल बाद नोटिस पहुंचा; बुजुर्ग बोले- न अदालत गया, न किसी की जमानत ली - Prayagraj (Allahabad) News
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प्रयागराज6 मिनट पहले
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प्रयागराज में 86 साल के बुजुर्ग की मोटरसाइकिल की आरसी की फोटो कॉपी लगाकर एक महिला की अदालत में जमानत कराने का मामला सामने आया है। बुजुर्ग को करीब आठ साल तक इसकी जानकारी ही नहीं हुई। पुलिस का नोटिस घर पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि वह एक ऐसे मुकदमे में जमानतदार हैं, जिसमें उन्होंने कभी किसी की जमानत ली ही नहीं।
मीरापुर निवासी पुन्नूलाल यादव ने मामले में कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। मामला अतरसुइया थाने से जुड़े एसीजेएम-10 न्यायालय के वर्ष 2018 के एक परिवाद से संबंधित है।
पुलिस का नोटिस पहुंचा तो रह गए हैरान
पुन्नूलाल के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले स्थानीय पुलिस उनके घर पहुंची और एक नोटिस दिया। इसमें उन्हें एक मुकदमे में जमानतदार बताया गया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि न तो उन्होंने कभी किसी की जमानत ली और न ही इस मामले में अदालत गए।
नोटिस मिलने के करीब एक सप्ताह बाद वह किसी तरह जिला न्यायालय पहुंचे। अधिवक्ता की मदद से मुकदमे की पत्रावली निकलवाई। दस्तावेज देखने के बाद उनके होश उड़ गए।
अपनी ही बाइक की RC देखकर चौंके
पत्रावली में उनकी मोटरसाइकिल की आरसी की फोटो कॉपी जमानत के लिए लगी थी। जमानतनामे पर एक फोटो भी लगी थी, लेकिन पुन्नूलाल उस व्यक्ति को पहचान नहीं सके।
कागजात पर उनके नाम से हस्ताक्षर भी मिले। पुन्नूलाल का कहना है कि ये उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने कभी जमानत से जुड़े किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए।
जिस पर भरोसा किया, उसी के पास थे कागजात
पुन्नूलाल ने पुलिस को बताया कि मुकदमे की अभियुक्ता गजाला परवीन उर्फ इशिता यादव की शादी दीपक यादव से हुई थी। दीपक उनके परिचित थे और घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर रहते थे। दोनों के बीच अच्छे संबंध थे।
दीपक जरूरत पड़ने पर पुन्नूलाल से उनकी मोटरसाइकिल मांगकर ले जाते थे। इसी दौरान बाइक की आरसी समेत कुछ कागजात भी उनके पास रह गए। पुन्नूलाल जब कागजात वापस मांगते तो दीपक बाद में देने की बात कहते थे। बाद में उन्होंने बताया कि आरसी खो गई है और दूसरी बनवाकर दे देंगे, लेकिन आरसी वापस नहीं मिली।
डेढ़ साल पहले हो चुकी दीपक की मौत
पुन्नूलाल के मुताबिक, दीपक यादव की करीब डेढ़ साल पहले मौत हो चुकी है। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनकी बाइक के कागजात का इस्तेमाल अदालत में किसी की जमानत कराने के लिए किया गया है।
पुलिस का नोटिस मिलने के बाद अदालत पहुंचे तो उन्हें करीब आठ साल पुराने मामले में अपना नाम जमानतदार के तौर पर दर्ज मिला। पुन्नूलाल ने आरोप लगाया कि दीपक यादव ने उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से उनके नाम से जमानतदार बनकर अपनी पत्नी गजाला परवीन उर्फ इशिता यादव की जमानत कराई।
बोले- न अदालत गया, न जमानत दी
बुजुर्ग का कहना है कि वह इस मुकदमे के संबंध में कभी अदालत नहीं गए। उन्होंने किसी जमानत प्रार्थना पत्र या बंधपत्र पर हस्ताक्षर भी नहीं किए। उनके नाम से जमानतनामा पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी और कूटरचित हैं।
पुन्नूलाल की शिकायत पर कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। थाना प्रभारी संजय सिंह यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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