पंजाब में सोमवार से आम आदमी क्लीनिकों की सेवाएं ठप: 884 क्लीनिकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे; सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा - Chandigarh News

पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर सोमवार, 27 जुलाई से संकट गहराने वाला है। कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी न होने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। हड़ताल के दौरान आम आदमी क्लीनिकों में मरीजों को इलाज, मुफ्त

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पंजाब आम आदमी क्लीनिक यूनियन के बैनर तले कर्मचारी सोमवार से काम बंद करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

मेडिकल ऑफिसर, फार्मेसी ऑफिसर और क्लीनिकल असिस्टेंट होंगे शामिल

हड़ताल में आम आदमी क्लीनिकों में तैनात मेडिकल ऑफिसर, फार्मेसी ऑफिसर और क्लीनिकल असिस्टेंट शामिल होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वह लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

884 क्लीनिकों पर पड़ेगा असर, रोजाना 70 हजार से अधिक मरीज लेते हैं सेवाएं

पंजाब में इस समय 884 आम आदमी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। सरकार ने हाल ही में 100 नए क्लीनिक खोलने की मंजूरी भी दी है। इन क्लीनिकों में रोजाना औसतन 70 हजार से अधिक मरीज इलाज, मुफ्त दवाइयां और लैब टेस्ट की सुविधा लेने पहुंचते हैं।

ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर बड़ी संख्या में मरीजों पर पड़ सकता है। आम आदमी क्लीनिकों में सेवाएं प्रभावित होने के कारण सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ बढ़ने की आशंका है।

  • इन मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन​ आम आदमी क्लीनिक के मुलाजिमों की तरफ से जो मांगें रखी गई हैं, उनमें पहली मांग यह है कि सरकार ने जो सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को रेगुलर (नियमित) करने का फैसला किया है, उस फैसले के तहत उन्हें भी रेगुलर किया जाना चाहिए।​पंजाब में आम आदमी क्लीनिक करीब 4 साल पहले खोले गए थे। तब से कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में अब तक कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सभी सरकारी मुलाज़िमों को मेडिकल लीव, कैजुअल लीव और सिक लीव जैसी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन आम आदमी क्लीनिक के मुलाजिमों को ये सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ये सुविधाएं तुरंत प्रभाव से लागू की जानी चाहिए।
  • कर्मचारियों ने निदेशक को दिया था ज्ञापन
  • कर्मचारियों की तरफ से पंजाब के डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज (स्वास्थ्य निदेशक) को अपनी मांगों के लिए ज्ञापन दिया गया था, जिसमें उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि 6 जुलाई तक उनकी मांगें पूरी कर दी जाएंगी। लेकिन बाद में जब कर्मचारियों के संगठन ने 22 जुलाई को विभाग से संपर्क किया, तो विभाग ने उनकी मांगें मानने से मना कर दिया। इसके बाद यह प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया है।
  • ​मजबूरन बंद करनी पड़ रही हैं सेवाएं​पंजाब आम आदमी क्लीनिक फ्रंट को लीड कर रहे 'आम आदमी क्लीनिक फार्मासिस्ट ऑफिसर्स एसोसिएशन' के प्रधान परमजीत सिंह ने कहा कि वे लोगों को अपनी सेवाएं देना चाहते हैं, लेकिन सरकार को कर्मचारियों के हित में फैसला लेना चाहिए। आज आम आदमी क्लीनिकों में रोजाना करीब 70,000 लोग अपने इलाज और टेस्ट के लिए आते हैं, लेकिन सरकार कर्मचारियों के साथ दोहरा व्यवहार कर रही है।