लुधियाना में 9 लड़कियों के लापता होने पर हाईकोर्ट सख्त: कोर्ट ने मामले में लिया सुओ मोटो; सरकार-डीसी से 10 दिन में मांगी रिपोर्ट - Ludhiana News

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना जिले में 48 घंटे के भीतर 9 लड़कियों के लापता होने से जुड़े मामले का स्वत: (सुओ मोटो) संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से जवाब तलब किया है। यह मामला CWP-PIL-169-2026 (Court on its Own Motion vs State

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हाईकोर्ट ने अपने 8 जुलाई 2026 के आदेश में कहा कि 31 मई 2026 को प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट में लुधियाना में 48 घंटे के भीतर 9 लड़कियों के लापता होने का गंभीर मामला सामने आया था। इस समाचार को आधार बनाते हुए अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया।

कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा मांगा

कोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन, आईएएस का शपथपत्र दाखिल किया जाए। इसमें समाचार रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों तथा अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा शामिल हो।अदालत ने यह रिपोर्ट 10 दिनों के अंदर पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई 2026 तय की गई है।

डी.सी बोले-निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जा रही

इस संबंध में लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं पूरे मामले की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं ताकि सभी तथ्यों की गहन जांच हो सके और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने पारित किया।

48 घंटे में 9 लड़कियों के लापता होने का मामला क्या था?

मई 2026 के अंत में लुधियाना में लगातार दो दिनों के भीतर 9 लड़कियों के लापता होने की खबरों से शहर में हड़कंप मच गया। इनमें 8 लड़कियां नाबालिग थीं। सबसे अधिक मामले जमालपुर और आसपास के थाना क्षेत्रों से सामने आए।

कैसे सामने आया मामला?

पहले तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई।

अगले 48 घंटे में अलग-अलग इलाकों से पांच और लड़कियां गायब होने की शिकायतें मिलीं।

कुल मिलाकर 48 घंटे में 9 लड़कियों के लापता होने की बात सामने आई, जिससे परिवारों में दहशत फैल गई।

महिला आयोग ने भी लिया था संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए Punjab State Women Commission (महिला आयोग) ने स्वत: संज्ञान लिया और लुधियाना पुलिस कमिश्नर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने यह जानना चाहा कि लड़कियां किन परिस्थितियों में लापता हुईं, कितनों को बरामद किया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

बाद में हाईकोर्ट ने भी मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से जवाब मांगा और मामले की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की।