जयपुर जिले में 9 और 11 सितंबर को वोटिंग: 21 सितंबर को चुने जाएंगे मेयर-अध्यक्ष ; पढ़िए, आपके शहर में चुनाव का पूरा कार्यक्रम - Jaipur News
राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव ने निकाय चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है। जयपुर जिले में पहले चरण में 9 सितंबर को 2 नगर परिषद और 16 नगर पालिकाओं के लिए वोटिंग होगी। 11 सितंबर को जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड के पार्षद के लिए मतदान होगा। सभी का चुनाव परिणाम
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वहीं मेयर का चुनाव 21 सितंबर को होगा। उप महापौर का चुनाव 22 सितंबर को होगा। पार्षद जनता के वोट से चुने जाएंगे, जबकि मेयर–डिप्टी मेयर के लिए पार्षदों के बीच वोटिंग होगी। मेयर और डिप्टी मेयर का रिजल्ट वोटिंग के दिन ही घोषित हो जाएगा।
राजस्थान में सबसे ज्यादा 24 लाख वोटर जयपुर शहर के अगले मेयर के लिए वोट देंगे। पार्षदों के लिए मतदान का समय सुबह 7 से शाम 6 बजे तक रहेगा। वहीं मेयर और डिप्टी मेयर के लिए वोटिंग समय सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक रहेगा।
दो चरण में कब-कहां वोटिंग
| तारीख | निकाय |
| 9 सितंबर | नगर परिषद: चौमूं नगर और शाहपुरा नगर पालिका: सांभर, चाकसू, फुलेरा, जोबनेर, बगरू, किशनगढ़-रेनवाल, बस्सी, नरैना, मनोहरपुर, वाटिका, फागी, जमवारामगढ़, दूदू, कानोता, कालाडेरा और खेजरोली |
| 11 सितंबर | जयपुर नगर निगम |



आचार संहिता लागू जयपुर की 19 निकायों की चुनाव तारीखों का ऐलान हो गया है। इसके साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। बता दें कि जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्ड में से ओबीसी के लिए 30, एससी के लिए 20, एसटी के लिए 6 और अनारक्षित ओपन 63 और अनारक्षित महिला के लिए 31 वार्ड रिजर्व किए गए हैं। कुल 150 वार्ड में 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
मेयर पद सामान्य ओपन होने से अब भाजपा और कांग्रेस में दावेदारों की दौड़ तेज होगी। 150 वार्डों में 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि ओबीसी के 30, एससी के 20 और एसटी के 6 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। जयपुर का राजनीतिक इतिहास भी बताता है कि मेयर की कुर्सी कई नेताओं के लिए विधानसभा तक पहुंचने का रास्ता बनी है। ऐसे में इस बार मेयर की दौड़ सिर्फ नगर निगम तक सीमित नहीं, बल्कि नेताओं के राजनीतिक भविष्य से भी जुड़ी नजर आ रही है।
जयपुर के 150 वार्डों की लिस्ट…
| वार्ड नंबर | कैटेगरी |
| 1 | अनारक्षित ओपन |
| 2 | ओबीसी ओपन |
| 3 | अनारक्षित ओपन |
| 4 | अनारक्षित महिला |
| 5 | अनारक्षित ओपन |
| 6 | अनारक्षित महिला |
| 7 | अनारक्षित महिला |
| 8 | अनारक्षित महिला |
| 9 | अनारक्षित महिला |
| 10 | ओबीसी महिला |
| 11 | अनारक्षित ओपन |
| 12 | ओबीसी ओपन |
| 13 | अनारक्षित ओपन |
| 14 | अनारक्षित ओपन |
| 15 | अनारक्षित ओपन |
| 16 | अनारक्षित ओपन |
| 17 | अनारक्षित ओपन |
| 18 | ओबीसी ओपन |
| 19 | अनारक्षित ओपन |
| 20 | अनारक्षित महिला |
| 21 | अनारक्षित ओपन |
| 22 | अनारक्षित ओपन |
| 23 | ओबीसी ओपन |
| 24 | अनारक्षित ओपन |
| 25 | अनारक्षित महिला |
| 26 | ओबीसी महिला |
| 27 | ओबीसी ओपन |
| 28 | अनारक्षित ओपन |
| 29 | अनारक्षित ओपन |
| 30 | अनारक्षित ओपन |
| 31 | अनारक्षित ओपन |
| 32 | अनारक्षित महिला |
| 33 | ओबीसी महिला |
| 34 | अनारक्षित ओपन |
| 35 | अनारक्षित ओपन |
| 36 | अनारक्षित ओपन |
| 37 | एससी ओपन |
| 38 | ओबीसी ओपन |
| 39 | ओबीसी ओपन |
| 40 | अनारक्षित ओपन |
| 41 | ओबीसी ओपन |
| 42 | ओबीसी ओपन |
| 43 | अनारक्षित ओपन |
| 44 | अनारक्षित ओपन |
| 45 | एससी ओपन |
| 46 | अनारक्षित महिला |
| 47 | अनारक्षित ओपन |
| 48 | ओबीसी ओपन |
| 49 | अनारक्षित ओपन |
| 50 | एससी ओपन |
| 51 | ओबीसी ओपन |
| 52 | ओबीसी ओपन |
| 53 | ओबीसी ओपन |
| 54 | अनारक्षित ओपन |
| 55 | एससी ओपन |
| 56 | अनारक्षित महिला |
| 57 | अनारक्षित ओपन |
| 58 | एससी महिला |
| 59 | एससी महिला |
| 60 | एसटी ओपन |
| 61 | एसटी ओपन |
| 62 | अनारक्षित ओपन |
| 63 | एससी ओपन |
| 64 | एसटी ओपन |
| 65 | एससी ओपन |
| 66 | एससी ओपन |
| 67 | अनारक्षित ओपन |
| 68 | एसटी महिला |
| 69 | एससी महिला |
| 70 | अनारक्षित महिला |
| 71 | अनारक्षित ओपन |
| 72 | एससी महिला |
| 73 | अनारक्षित महिला |
| 74 | अनारक्षित ओपन |
| 75 | ओबीसी महिला |
| 76 | अनारक्षित ओपन |
| 77 | अनारक्षित ओपन |
| 78 | अनारक्षित ओपन |
| 79 | एससी ओपन |
| 80 | ओबीसी महिला |
| 81 | अनारक्षित ओपन |
| 82 | ओबीसी ओपन |
| 83 | ओबीसी ओपन |
| 84 | एससी ओपन |
| 85 | एससी ओपन |
| 86 | एससी महिला |
| 87 | अनारक्षित महिला |
| 88 | अनारक्षित महिला |
| 89 | अनारक्षित ओपन |
| 90 | ओबीसी महिला |
| 91 | ओबीसी ओपन |
| 92 | अनारक्षित महिला |
| 93 | अनारक्षित ओपन |
| 94 | ओबीसी महिला |
| 95 | अनारक्षित ओपन |
| 96 | अनारक्षित ओपन |
| 97 | अनारक्षित ओपन |
| 98 | अनारक्षित ओपन |
| 99 | अनारक्षित ओपन |
| 100 | अनारक्षित महिला |
| 101 | अनारक्षित ओपन |
| 102 | ओबीसी महिला |
| 103 | अनारक्षित ओपन |
| 104 | अनारक्षित ओपन |
| 105 | अनारक्षित ओपन |
| 106 | अनारक्षित ओपन |
| 107 | अनारक्षित महिला |
| 108 | अनारक्षित महिला |
| 109 | अनारक्षित ओपन |
| 110 | अनारक्षित महिला |
| 111 | अनारक्षित ओपन |
| 112 | अनारक्षित ओपन |
| 113 | ओबीसी ओपन |
| 114 | अनारक्षित ओपन |
| 115 | एससी ओपन |
| 116 | अनारक्षित महिला |
| 117 | अनारक्षित महिला |
| 118 | अनारक्षित ओपन |
| 119 | अनारक्षित ओपन |
| 120 | अनारक्षित ओपन |
| 121 | अनारक्षित ओपन |
| 122 | ओबीसी ओपन |
| 123 | अनारक्षित महिला |
| 124 | एससी महिला |
| 125 | अनारक्षित महिला |
| 126 | अनारक्षित महिला |
| 127 | अनारक्षित ओपन |
| 128 | अनारक्षित ओपन |
| 129 | एससी ओपन |
| 130 | अनारक्षित ओपन |
| 131 | एसटी ओपन |
| 132 | एससी ओपन |
| 133 | अनारक्षित महिला |
| 134 | एसटी ओपन |
| 135 | अनारक्षित ओपन |
| 136 | अनारक्षित महिला |
| 137 | अनारक्षित ओपन |
| 138 | अनारक्षित महिला |
| 139 | अनारक्षित महिला |
| 140 | अनारक्षित ओपन |
| 141 | अनारक्षित ओपन |
| 142 | एससी महिला |
| 143 | ओबीसी महिला |
| 144 | ओबीसी ओपन |
| 145 | अनारक्षित महिला |
| 146 | ओबीसी महिला |
| 147 | ओबीसी ओपन |
| 148 | अनारक्षित महिला |
| 149 | अनारक्षित महिला |
| 150 | एसटी महिला |
अब जानिए- जयपुर नगर निगम में ये रहेगी स्थिति
| कुल वार्ड | 150 |
| एससी कुल | 20 |
| एससी ओपन | 13 |
| एससी महिला | 7 |
| एसटी कुल | 6 |
| एसटी ओपन | 4 |
| एसटी महिला | 2 |
| ओबीसी कुल | 30 |
| ओबीसी ओपन | 20 |
| ओबीसी महिला | 10 |
| अनारक्षित कुल | 94 |
| अनारक्षित ओपन | 63 |
| अनारक्षित महिला | 31 |
1994 में शुरू हुआ सिलसिला, बीजेपी के कई चेहरे बने मेयर:
- जयपुर नगर निगम में बीजेपी के मेयरों की बात करें तो 1994 में मोहनलाल गुप्ता पहले मेयर बने। उनका कार्यकाल 1999 तक रहा। इसके बाद 1999 में निर्मला वर्मा को मेयर बनाया गया। कार्यकाल के दौरान उनका निधन हो गया, जिसके बाद शील धाभाई ने मेयर की जिम्मेदारी संभाली।
- 2004 में अशोक परनामी जयपुर के मेयर बने। बाद में उनके विधायक निर्वाचित होने के बाद तत्कालीन डिप्टी मेयर पंकज जोशी को मेयर बनाया गया। इसके बाद 2014 से 2019 के दौर में बीजेपी के निर्मल नाहटा, अशोक लाहोटी और विष्णु लाटा मेयर रहे।
- 2014 के चुनाव के बाद निर्मल नाहटा जयपुर के सातवें मेयर बने थे। दिसंबर 2016 में अंदरूनी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच उन्हें पद से हटाकर अशोक लाहोटी को मेयर बनाया गया। 2018 में सांगानेर से विधायक चुने जाने के बाद लाहोटी ने मेयर पद से इस्तीफा दिया।
- इसके बाद बीजेपी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले विष्णु लाटा कांग्रेस के समर्थन से मेयर बने और बीजेपी के मनोज भारद्वाज को चुनाव में हराया।
कांग्रेस को प्रत्यक्ष चुनाव में मिली थी एक बार सफलता:
- जयपुर में कांग्रेस भी मेयर पद तक पहुंची है। प्रत्यक्ष महापौर चुनाव में कांग्रेस की ज्योति खंडेलवाल ने बीजेपी की सुमन शर्मा को हराकर मेयर पद हासिल किया था। हालांकि उस समय नगर निगम बोर्ड में बीजेपी का दबदबा बना रहा। बाद में पिछले निकाय चुनाव में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान जयपुर नगर निगम को हेरिटेज और ग्रेटर में बांट दिया गया।
- इसके बाद जयपुर हेरिटेज में कांग्रेस की मुनेश गुर्जर मेयर बनीं, जबकि जयपुर ग्रेटर में बीजेपी की सौम्या गुर्जर ने मेयर पद संभाला। हालांकि मुनेश गुर्जर के निलंबन के बाद कार्यवाहक मेयर के तौर पर कुसुम यादव की ताजपोशी की गई थी। इसके साथ जयपुर के पार्षद रहे सुरेंद्र पारीक, अर्चना शर्मा, विक्रम सिंह राठौड़ और मानसिंह राठौड़ को राजनीतिक दलों ने विधायक पद का उम्मीदवार भी बनाए। जिनमें सुरेंद्र पारीक और मानसिंह राठौड़ विधायक बनकर विधानसभा भी पहुंचे।
अब जयपुर नगर निगम का मेयर पद सामान्य ओपन निकाय प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी के बाद जयपुर नगर निगम के मेयर पद की तस्वीर भी साफ हो गई है। जयपुर नगर निगम का मेयर पद सामान्य ओपन कैटेगरी के लिए रखा गया है।
इससे अब सामान्य वर्ग के दावेदारों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के भीतर मेयर पद को लेकर नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं। जयपुर की राजनीति में प्रभाव रखने वाले नेताओं की नजरें भी इस पद पर हैं।
अब मेयर पद के दावेदारों की नजर चुनाव पर
जयपुर नगर निगम के मेयर पद के सामान्य ओपन होने के बाद अब राजनीतिक दलों के भीतर संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा तेज होगी। वार्डों का आरक्षण और चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ तस्वीर और साफ होगी।
जयपुर का इतिहास बताता है कि यहां का मेयर पद कई नेताओं के राजनीतिक करियर को नई ऊंचाई दे चुका है। ऐसे में इस बार भी सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि जयपुर का अगला मेयर कौन बनेगा।