Guru Asta 2026: 9 अगस्त तक गुरु रहेंगे अतिचारी! इन राशियों को झेलना पड़ेगा कष्ट

Guru Asta 2026: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सुख, समृद्धि, ज्ञान, विवाह और भाग्य का कारक माना जाता है. जब भी गुरु ग्रह की स्थिति या चाल में बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर मानव जीवन पर पड़ता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में रहते हुए अस्त हो चुके हैं और अब 9 अगस्त 2026 तक वे इसी अवस्था में रहने वाले हैं.

विशेष बात यह है कि वर्तमान में गुरु अतिचारी गति से गोचर कर रहे हैं. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, जब कोई शुभ ग्रह अस्त होता है, तो उसके शुभ प्रभावों में कमी आ जाती है. गुरु के अस्त होने से अगले करीब एक महीने तक कुछ विशेष राशियों को बेहद संभलकर रहने की जरूरत है, क्योंकि उनके बनते काम बिगड़ सकते हैं. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी.

मेष राशि (Aries)

सम्बंधित ख़बरें

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का अस्त होना आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां ला सकता है. इस दौरान धन हानि के योग बन रहे हैं, इसलिए किसी भी बड़े निवेश या लेन-देन से बचें. पारिवारिक जीवन में छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ सकता है. माता की सेहत का विशेष ख्याल रखें और घर में शांति बनाए रखने का प्रयास करें.

कर्क राशि (Cancer)

चूंकि गुरु आपकी ही राशि में अस्त हुए हैं, इसलिए सबसे ज्यादा प्रभाव आपके स्वास्थ्य और मानसिकता पर देखने को मिलेगा. इस अवधि में आपको पेट या लिवर से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें, क्योंकि भ्रम की स्थिति के कारण गलत निर्णय होने की आशंका है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से विवाद से बचें.

तुला राशि (Libra)

तुला राशि के नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. ऑफिस में आपके ऊपर काम का दबाव अचानक बढ़ जाएगा और आपकी मेहनत का उचित श्रेय शायद न मिले. इस दौरान नौकरी बदलने का रिस्क बिल्कुल न लें. अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय अपनी वाणी और गुस्से पर नियंत्रण रखें.

मकर राशि (Capricorn)

मकर राशि के जातकों के लिए गुरु का अस्त होना वैवाहिक जीवन में खटास ला सकता है. जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद गहरे हो सकते हैं, इसलिए धैर्य से काम लें. जो लोग बिजनेस पार्टनरशिप में काम कर रहे हैं, उन्हें अपने पार्टनर के साथ पारदर्शिता रखनी होगी, अन्यथा व्यापार में नुकसान हो सकता है.

गुरु के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

- देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय है कि आप अपने माता-पिता, गुरु और घर के बुजुर्गों का सम्मान करें. रोज़ सुबह उठकर उनके चरण स्पर्श करें और उनका आशीर्वाद लें.

- इस दौरान नियमित रूप से भगवान विष्णु की आराधना करें. गुरुवार के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना या सुनना आपके जीवन की सभी बाधाओं को दूर करने में मदद करेगा.

- गुरुवार के दिन किसी मंदिर में जाकर चने की दाल, हल्दी, पीले फल (केले) या पीले वस्त्रों का दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को करें. माथे पर रोज केसर या हल्दी का तिलक लगाएं.

---- समाप्त ----