अब बस: भोपाल जाने 90 रु. इंदौर के 300 रु., ट्रेन: 30 रु. में भोपाल, 85 रु. में इंदौर का सफर - Sehore News
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जनता को महंगाई का एक और बड़ा भार झेलने के लिए तैयार रहना होगा, क्योंकि बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। संभवतः ऐसी भारी वृद्धि पहली बार की गई है और बढ़ा हुआ किराया वसूला भी जाने लगा है। इस पूरी वृद्धि का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि रात में सफर करना दिन की तुलना में 10 फीसदी तक ज्यादा महंगा रहेगा। सीहोर से भोपाल जाने के लिए अब तक साधारण बस में 60 रुपए लगते थे, लेकिन नई दरों के हिसाब से यह किराया सीधे 90 रुपए हो गया है। यानी 30 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वहीं डीलक्स बस में भोपाल का किराया 126 रुपए लगेगा।
इसी तरह इंदौर जाने के लिए सामान्य बस का किराया 200 रुपए से बढ़ाकर सीधे 300 रुपए कर दिया गया है, जबकि लक्जरी बस में यह 420 रुपए लगेगा और एसी बस का सफर इससे भी ज्यादा महंगा हो गया है। लेकिन इस पूरी खबर का सबसे बड़ा पहलू यह है कि इंदौर और भोपाल जाने के लिए बस में यात्री जितने किराए में खड़े-खड़े सफर करते हैं, उतने में ट्रेन का कंफर्म टिकट मिल सकता है। सीहोर से भोपाल तक एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट मात्र 30 रुपए का है, जबकि इंदौर का 85 रुपए। ऐसे में यात्रियों के सामने अब बस के मुकाबले ट्रेन का बहुत ही किफायती और बेहतर विकल्प उपलब्ध है। राहत की पटरी: बस से 3 से 4 गुना सस्ती पड़ेगी ट्रेन
जानिए कितना देना होगा किराया . डीलक्स बस (नॉन एसी): सामान्य बस से 25% अधिक किराया। . डीलक्स बस (एसी): सामान्य बस से 50% अधिक किराया। . सुपर लग्जरी कोच एसी बस: सामान्य बस से 75% अधिक किराया। . रात का अतिरिक्त 10% चार्ज और स्लीपर की 40% बढ़ोतरी मिलकर लंबी दूरी के रात के यात्रियों का बजट बिगाड़ने वाली है।
भोपाल के लिए: बस का किराया 90 रुपए हैं, जबकि एक्सप्रेस ट्रेन से यह सफर मात्र 30 रुपए में तय होता है। इंदौर के लिए: बस में 300 रुपए लगेंगे, जबकि एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट मात्र 85 रुपए का है। अन्य ट्रेनें: पेंचवेली एक्सप्रेस और डॉ. अंबेडकर नगर इंटरसिटी से इंदौर जाने के केवल 75 रुपए लगते हैं। उज्जैन का सफर: सीहोर से उज्जैन तक ट्रेन का टिकट सिर्फ 65 रुपए का है।
वर्षों से मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन डीजल की बढ़ती कीमतों का हवाला देकर किराए में बढ़ोतरी की मांग कर रहा था। पिछला किराया अप्रैल 2021 में बढ़ाया गया था, तब डीजल 69 रुपए प्रति लीटर था, जो अब 100 रुपए के करीब है। बस संचालकों ने 7 अगस्त तक मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी थी, जिसके बाद शासन ने बुधवार को गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया। हालांकि, किराया बढ़ने के बावजूद एसोसिएशन राष्ट्रीयकरण रोकने, बसों के पंजीयन और 15 वर्ष पुरानी बसों के परमिट जैसे अन्य मुद्दों के निराकरण और लिखित प्रस्ताव की मांग को लेकर अब भी हड़ताल पर अड़ा है।