95 बच्चों को मुक्त करा कर पुनर्वासित किया आज से चलेगा विशेष अभियान - Sitamarhi News
.
जिले में बच्चों को शोषण से बाहर निकालकर सुरक्षित बचपन का ठोस अवसर प्रदान करने के लिए ऑपरेशन नया सवेरा महाअभियान चलाया जा रहा है। अभियान का नेतृत्व कर रहे वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सह नोडल पदाधिकारी मो. नजीब अनवर ने इस दौरान की खास उपलब्धियों व चुनौतियों की जानकारी भास्कर से विशेष बातचीत में दी। बताया कि ऑपरेशन नया सवेरा के पहले चरण में 31 जुलाई 2025 से 14 अगस्त 2025 के बीच 21 बच्चों को मुक्त कराया गया। ऑपरेशन नया सवेरा 2.0 में 1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के बीच 54 बच्चों को मुक्त कराया गया। ऑपरेशन नया सवेरा 3.0 में 1 जुलाई 2026 से 14 जुलाई 2026 के बीच 20 बच्चों को मुक्त कराया गया। इस तरह तीनों अभियानों में कुल 95 बच्चों को विधि सम्मत संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया से जोड़ा गया। संबंधित नियोजकों और आरोपितों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई। इसे और प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बताया कि बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में सीतामढ़ी पुलिस की मानव तस्करी निरोध इकाई और विशेष किशोर पुलिस इकाई ने ऑपरेशन नया सवेरा को बाल श्रम, मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी के खिलाफ असरदार अभियान के रूप में स्थापित किया है। कानून का सख्त पालन, विभागों का तालमेल, समाज की भागीदारी से बच्चों को शोषण से बाहर निकालकर सुरक्षित बचपन की तरफ लाया जा रहा है। बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी थाने में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी प्रतिनियुक्त हैं। इनको मॉनिटरिंग करने के लिए इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को प्रभार दिया गया है। रिकवर किए गए बच्चे को निकट के स्कूल से जोड़कर शिक्षित किया जा रहा है।
प्रताड़ना के साथ काम और मजदूरी मिलता था काफी कम { रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक होटल से 13 जुलाई 2026 को बाल श्रम से मुक्त कराए गए एक 13 वर्षीय बच्चे से सुबह 9 बजे से शाम चार बजे तक मजदूरी करवाया जाता था। { बेला थाना क्षेत्र से 30 अप्रैल 2026 को टेलर दुकान से मुक्त करवाए गए 2 बच्चों ने बताया कि कार्य के बदले केवल 15 रुपया मालिक द्वारा दैनिक मजदूरी दिया जाता था। { सुरसंड थाना क्षेत्र अंतर्गत एक होटल से गत दिनों 11 वर्ष के मुक्त बच्चे ने बताया कि मालिक द्वारा एक वर्ष से कार्य करवाया जाता था। पैसा मांगने पर पिटाई भी किया जाता था। मुक्त होने के बाद अब बच्चे विद्यालय जा रहे है। { गत 6 अप्रैल 2026 को बैरगनिया थाना क्षेत्र से मुक्त बच्चों के अनुसार उन्हें एक दिन में 10 घंटे से अधिक समय तक कार्य करवाया जाता था। न्यूनतम मजदूरी से भी कम दैनिक मजदूरी दी जाती थी। सभी बच्चों को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ा गया है।