पंजाब चुनाव से पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर राजनीति गरम, AAP का अकाली-भाजपा पर हमला
पंजाब की राजनीति 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और संबंधित विरोध प्रदर्शनों, जिसमें कोटकपूरा गोलीबारी भी शामिल है, के बाद अकाली-भाजपा सरकार द्वारा तुरंत कार्रवाई न करने के आरोपों पर केंद्रित है। आप के मनविंदर सिंह गियासपुरा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, 2015 की घटनाओं को जारी तनाव और बेअदबी को लक्षित करने वाले कानूनों से जोड़ रहे हैं।
By Oneindia Staff
Published: Friday, September 11, 2026, 17:01 [IST]
पंजाब में चुनावी सरगर्मियों के बीच श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और 2015 के कोटकपूरा-बहबल कलां गोलीकांड का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने अकाली दल और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की चोरी और बेअदबी की घटनाओं को रोकने में सरकार नाकाम रही और बाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई हुई।
ग्यासपुरा ने आरोप लगाया कि अकाली-भाजपा सरकार के दौरान हुई 2015 की बेअदबी की घटनाएं और उसके बाद हुए गोलीकांड पंजाबियों के दिलों में आज भी गहरे घाव की तरह हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को पंजाब के लोग कभी माफ नहीं करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ग्यासपुरा ने 1 जून 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब के चोरी होने की घटना का जिक्र करते हुए तत्कालीन गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इंटेलिजेंस विंग की रिपोर्ट और तत्कालीन गृह मंत्री के कार्यालय तक घटना की जानकारी पहुंचने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
AAP विधायक ने सवाल किया कि अगर गृह मंत्री के कार्यालय को घटना की जानकारी मिल गई थी तो सुखबीर सिंह बादल इससे अनजान होने का दावा कैसे कर सकते हैं। उन्होंने सितंबर 2015 में चोरी हुए स्वरूप की तलाश में लगाए गए पोस्टरों और उसके बाद हुई बेअदबी की घटनाओं का भी जिक्र किया।
ग्यासपुरा के मुताबिक, समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण अक्टूबर 2015 में बेअदबी की अगली घटनाएं हुईं, जिनमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग सड़कों पर बिखरे मिले। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से देश और दुनिया भर के सिखों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची।
कोटकपूरा-बहबल कलां गोलीकांड पर उठाए सवाल
विधायक ने कोटकपूरा में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि लोग शांतिपूर्वक अरदास और कीर्तन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि वह स्वयं उस विरोध प्रदर्शन में मौजूद थे।
ग्यासपुरा ने दावा किया कि कोटकपूरा गोलीकांड मामले में एसआईटी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और सुखबीर सिंह बादल समेत कुछ आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस कार्रवाई और गोली चलाने का आदेश आखिर किसने दिया था। उन्होंने बहबल कलां गोलीकांड में कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत का भी मुद्दा उठाया और कहा कि दोनों युवकों की मौत के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
‘फाइव स्टार होटल में बैठे थे सुखबीर बादल’
ग्यासपुरा ने सुखबीर बादल के उस दावे पर भी सवाल उठाया कि वह गोलीकांड के समय पंजाब में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल की जमानत से जुड़े अदालती दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि वह उस समय पंजाब में थे और एक फाइव स्टार होटल में ठहरे हुए थे।
AAP विधायक ने आरोप लगाया कि वहीं से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे थे। उन्होंने एसआईटी से यह स्पष्ट करने की मांग की कि पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी का आदेश किसने दिया था।
ग्यासपुरा ने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सुखबीर बादल की ओर से कथित तौर पर अपनी भूमिका स्वीकार किए जाने का भी जिक्र किया और कहा कि इससे जुड़े दस्तावेजों और बयानों को जांच तथा अदालत के रिकॉर्ड के सामने रखा जाना चाहिए।
अकाली-भाजपा गठबंधन की संभावनाओं पर भी निशाना
AAP विधायक ने अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित राजनीतिक गठबंधन को भी 2015 की घटनाओं से जोड़ते हुए निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों ने अतीत से कोई सबक नहीं सीखा और राजनीतिक फायदे के लिए एक बार फिर साथ आने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्यासपुरा ने दावा किया कि सुखबीर बादल बेअदबी और गोलीकांड से जुड़े मामलों में राजनीतिक बचाव की उम्मीद में भाजपा के साथ गठबंधन की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा गठबंधन पंजाब और पंथ के हित में नहीं है। हालांकि, इन आरोपों पर अकाली दल और भाजपा का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।
मान सरकार के ‘सख्त बेअदबी कानून’ का जिक्र
ग्यासपुरा ने पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून लाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में दोषियों के लिए उम्रकैद जैसी कड़ी सजा और जमानत नहीं मिलने का प्रावधान है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं, जबकि वरिष्ठ वकीलों और बुद्धिजीवियों ने इसका समर्थन किया है। ग्यासपुरा ने कहा कि भगवंत मान सरकार बेअदबी के मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है
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