Abraham Accords: ट्रंप का बड़ा दावा, ऐतिहासिक अब्राहम अकॉर्ड्स में जल्द शामिल हो सकता है लेबनान| Navbharat Live
Updated On: Jul 22, 2026 | 09:19 AM IST
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सार
Abraham Accords Deal: राष्ट्रपति ट्रंप ने जोसेफ आउन से मुलाकात के बाद बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि लेबनान भविष्य में अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा बन सकता है, जिससे दोनों देशों में शांति आएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Donald Trump Says Lebanon Might Join Abraham Accords Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक बयान दिया है। उन्होंने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए संकेत दिया कि लेबनान भविष्य में अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा बन सकता है। उनका प्रशासन अमेरिका की मदद से बने इन शांति समझौतों का विस्तार करना चाहता है। ट्रंप के इस अहम बयान से मध्य पूर्व में दशकों से चले आ रहे भारी तनाव के पूरी तरह से खत्म होने की उम्मीद जगी है।
व्हाइट हाउस में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन के साथ एक बेहद अहम और खास मुलाकात के दौरान ट्रंप ने यह बात कही। लेबनान और इजरायल के बीच कई दशकों से चल रहे गंभीर तनाव के बावजूद यह एक बहुत बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है। जब ट्रंप से लेबनान के उन सख्त कानूनों के बारे में पूछा गया जो इजरायल से संपर्क रोकते हैं, तो उन्होंने कहा कि वे इसे उठाएंगे। उन्होंने आउन के साथ इस गंभीर मुद्दे पर भी बहुत ही गहराई से चर्चा करने का पूरा आश्वासन दिया है।
शांति समझौते की बड़ी सफलता
डोनाल्ड ट्रंप ने इस मौके पर स्पष्ट रूप से कहा कि अब्राहम अकॉर्ड्स उनके विचार से एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता रही है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही दुनिया के कई और देश भी इस अहम शांति समझौते में स्वेच्छा से शामिल होते हुए नजर आएंगे। हाल के सभी क्षेत्रीय संघर्षों के बावजूद ये सभी शांति समझौते पूरी तरह से मजबूत बने रहे हैं और बिल्कुल भी नहीं टूटे हैं। ट्रंप ने कहा कि इस भारी संघर्ष के समय में भी कोई देश इससे बाहर नहीं हुआ, जो एक बहुत बड़ी बात है।
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लेबनान की महत्वपूर्ण भूमिका
राष्ट्रपति ट्रंप ने जोर देकर कहा कि मध्य पूर्व की शांति में लेबनान की एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका आसानी से हो सकती है। वहीं, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने सीधे तौर पर अब्राहम अकॉर्ड्स का कोई भी सीधा जिक्र अपनी बातचीत में बिल्कुल नहीं किया। लेकिन उन्होंने इजरायल के साथ हाल में हुए इस अहम समझौते के नए ढांचे पर अपनी सकारात्मक बात जरूर रखी। आउन ने कहा कि इसका अंतिम लक्ष्य लेबनान और इजरायल के बीच की पुरानी दुश्मनी को हमेशा के लिए खत्म करना है।
स्थिरता और सुरक्षा का लक्ष्य
राष्ट्रपति आउन ने इस शांति प्रयास को एक बहुत ही ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और दोनों नेताओं की सोच को एक जैसा बताया। उन्होंने कहा कि लेबनान और पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए दोनों देश अब एक ही दिशा में सोच रहे हैं। आउन ने स्पष्ट किया कि अब वह सही समय पूरी तरह आ गया है कि लेबनान और पूरा क्षेत्र स्थिर और सुरक्षित बने। दोनों देशों के आपसी सहयोग से इस पूरे क्षेत्र में विकास के नए रास्ते और बड़े अवसर बहुत ही तेजी से खुलेंगे।
व्यापारिक रिश्तों में सुधार
ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई कि अमेरिका और लेबनान के बीच संबंध सिर्फ सुरक्षा तक ही बिल्कुल सीमित नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और अन्य कई अहम क्षेत्रों में भी रिश्ते काफी ज्यादा बढ़ेंगे और बहुत मजबूत होंगे। जब ट्रंप से दोनों देशों के बीच सीधी व्यावसायिक उड़ानों को फिर से शुरू करने के बारे में एक अहम सवाल पूछा गया। तो इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि वह इसे पूरी तरह से संभव और बहुत आसान मानते हैं।
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इजरायली सैनिकों की वापसी
दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों की गतिविधियों के बारे में पूछे जाने पर भी राष्ट्रपति ट्रंप ने बहुत ही अहम जानकारी दी। ट्रंप ने बताया कि इजरायली सेना अब वहां से पूरी तरह वापसी की प्रक्रिया में है जो कि एक बहुत ही अच्छा संकेत है। लेबनानी सशस्त्र बलों को और अधिक मजबूत करने के लिए अमेरिका की ओर से लगातार बातचीत और प्रयास जारी रहेंगे। ट्रंप ने कहा कि इसके लिए हमारे पास पहले से ही कुछ बहुत ही ठोस और मजबूत योजनाएं पूरी तरह से तैयार हैं।
