AEDO परीक्षा धांधली मामले में EOU की बड़ी कार्रवाई, मुंबई से मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार; कई भर्ती परीक्षाओं में सेटिंग के मिले सबूत
Bihar education news: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में धांधली के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को बड़ी सफलता मिली है. सोहसराय थाना कांड संख्या-106/26 की जांच के दौरान टीम ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुंबई स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में प्रशिक्षण ले रहा एक टेक्नीशियन भी शामिल है, जिसे जांच में इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख सदस्य बताया गया है.
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नालंदा जिले के नुरसराय थाना क्षेत्र के ककड़िया निवासी 22 वर्षीय रौशन कुमार और सोहसराय थाना क्षेत्र के तलाब पर 17 नंबर निवासी 25 वर्षीय आकाश कुमार के रूप में हुई है. दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
25 लाख रुपये में हुई थी डील
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, BPSC की विज्ञापन संख्या-87/2025 के तहत आयोजित AEDO परीक्षा में परीक्षार्थी श्वेता कुमारी को पास कराने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था. जांच में सामने आया है कि इस पूरी योजना में आकाश कुमार, चंदन कुमार, बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, बायोमेट्रिक कंपनी के वेंडर, जिला समन्वयक समेत कई अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है.
जांच एजेंसी के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकृत बायोमेट्रिक सुपरवाइजर की जगह फर्जी पहचान पत्र बनाकर दूसरे व्यक्ति को प्रवेश दिलाया गया. इसके बाद कथित रूप से होलोग्राम पर्ची के बीच उत्तर कुंजी छिपाकर परीक्षार्थी तक पहुंचाई गई.
खुद भी था AEDO परीक्षा का अभ्यर्थी
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार रौशन कुमार स्वयं भी AEDO परीक्षा का अभ्यर्थी था और उसका परीक्षा केंद्र मोतिहारी में था. आरोप है कि उसने अपने परीक्षा केंद्र पर भी बायोमेट्रिक स्टाफ के साथ कथित सेटिंग की थी.
भागलपुर में ब्लूटूथ से उत्तर पहुंचाने का प्रयास
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, रौशन कुमार अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ भागलपुर भी गया था, जहां ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षार्थियों तक उत्तर पहुंचाने का प्रयास किया गया था. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पिछले चार से पांच वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित सेटिंग कर अभ्यर्थियों को पास कराने का काम कर रहा था.
कई भर्ती परीक्षाओं में भी मिले धांधली के संकेत
जांच के दौरान केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित रेडियो ऑपरेटर परीक्षा, मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी कथित सेटिंग के साक्ष्य मिलने की बात आर्थिक अपराध इकाई ने कही है. इसके अलावा झारखंड CGL परीक्षा और बिहार के कुछ ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में भी धांधली के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
NEET और अमीन भर्ती परीक्षा से भी जुड़े तार
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूर्व में NEET UG-2023 मामले में गिरफ्तार आकाश कुमार और रौशन कुमार के संबंध में यह भी जानकारी मिली है कि उन्होंने एक अभ्यर्थी की जगह दूसरे व्यक्ति को परीक्षा में बैठाकर उसे पास कराने का प्रयास किया था. संबंधित अभ्यर्थी की पहचान की जा रही है.
जांच में यह भी सामने आया है कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग की अमीन भर्ती परीक्षा में कथित सेटिंग के जरिए दो अभ्यर्थियों को पास कराया गया था. दोनों से 3.50-3.50 लाख रुपये लेने थे. बकाया राशि वसूलने के लिए उनका अपहरण करने की साजिश रचने के भी इनपुट जांच एजेंसी को मिले हैं.
अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी
आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि AEDO परीक्षा धांधली मामले में अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें परीक्षार्थी, बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, बायोमेट्रिक ऑपरेटर और बायोमेट्रिक कंपनी से जुड़े वेंडर भी शामिल हैं. पूछताछ के दौरान परीक्षा केंद्रों, बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों, सॉल्वर गैंग और आर्थिक लेनदेन से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं. फिलहाल मामले की जांच जारी है.