Aerial Survey of Chitrakoot: हवाई सर्वे कर रामघाट पहुंचे सीएम योगी, पीड़ितों से बोले- संकट में सरकार आपके साथ - Haribhoomi

मंदाकिनी नदी के उफान से चित्रकूट में मची भारी तबाही का जायजा लेने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद रामघाट और राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर पहुंचकर उन्होंने पीड़ितों का हाल जाना, राहत सामग्री बांटी और अधिकारियों को मंदाकिनी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र का तत्काल सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए।

Chief Minister Yogi distributed relief kits to the flood-affected victims of Mandakini river at Ramg

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी से बाढ़ प्रभावित पीड़ितों को मुख्यमंत्री योगी ने रामघाट पर राहत किट प्रदान की (फाइल फोटो)

  • Published: 06 Sep 2026, 04:21 PM IST
  • Last Updated: 06 Sep 2026, 04:21 PM IST

चित्रकूट : मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप से तीर्थनगरी चित्रकूट के तटीय और निचले इलाकों में मची भीषण तबाही के बीच रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद हालात की कमान संभालने पहुंचे। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ देवांगना एयरपोर्ट पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। आसमान से बाढ़ की भयावहता देखने के बाद मुख्यमंत्री सीधे रामघाट पहुंचे, जहां उन्होंने जलमग्न हुए बाजारों, मठ-मंदिरों और स्थानीय निवासियों की पीड़ा को सीधे सुना और ढांढस बंधाया।  

​नदी को रास्ता चाहिए, अवैध कब्जे नहीं सीमांकन पर सख्त रुख

बाढ़ की समीक्षा के दौरान मंदाकिनी नदी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में हुए अंधाधुंध अतिक्रमण और अनियंत्रित निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठा। नदी के फ्लड-प्लेन पर हुए कब्जों को लेकर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया कि मंदाकिनी नदी के वास्तविक बहाव क्षेत्र और फ्लड-प्लेन का स्पष्ट सीमांकन कराया जाए। मुख्यमंत्री के कड़े तेवरों से साफ संदेश गया कि नदी की जमीन पर कब्जा करने और जलप्रवाह में अवरोध पैदा करने वाली गतिविधियों को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को चेतावनी दी गई कि नदी के रास्ते को अवरुद्ध करके शहर नहीं बसाए जा सकते।  

#WATCH चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। pic.twitter.com/MruLf6891Y

— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 6, 2026

2017 से पहले राहत का पैसा सपाई गुंडे हजम कर जाते थे

राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में जब भी बाढ़ या प्राकृतिक आपदा आती थी, तो पीड़ितों के हक का राहत कोष 'सपाई गुंडे' हजम कर जाते थे और पीड़ितों को केवल सूखी ब्रेड नसीब होती थी। उन्होंने कहा कि आज भाजपा की डबल इंजन सरकार में पूरी पारदर्शिता के साथ हर प्रभावित परिवार तक बाकायदा राशन व जरूरी सामान की राहत किट सीधे पहुंचाई जा रही है।

​दोगुनी बारिश से पक्का पुल बहा, नुकसान की होगी पूरी भरपाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार कैचमेंट एरिया और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पिछले वर्ष की तुलना में करीब दोगुनी बारिश दर्ज की गई है। जलधारा का वेग इतना प्रचंड था कि भारी वाहनों के आवागमन वाला पक्का पुल तक बह गया। इस उफान ने रामघाट, तरौंहा, अमानपुर और गोबरिया सहित कई क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया।  

​सीएम योगी ने रामघाट पर प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से कहा, आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं, पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है।" उन्होंने जिला प्रशासन को राजस्व टीमों के जरिए हर मकान, दुकान और गृहस्थी के नुकसान का पारदर्शी आकलन कर तत्काल मुआवजा और सहायता राशि जारी करने का निर्देश दिया।

#WATCH चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और राहत सामग्री बांटी।

उन्होंने कहा, "...जिस दिन यहां अचानक पानी आया तब मैं बलिया में था, जैसे ही मुझे जानकारी मिली मैंने तुरंत SDRF और PAC की कंपनियों को चित्रकुट के लिए रवाना… pic.twitter.com/b8NBkhGg0Z

— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 6, 2026

रामायण मेला परिसर में बांटी गई राहत किट

स्थलीय मुआयने के बाद मुख्यमंत्री राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने 800 से अधिक बाढ़ पीड़ित परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री से युक्त राहत किट और महिलाओं को साड़ियां वितरित कीं। इसके साथ ही उन्होंने आपदा में बेघर हुए परिवारों को आवासीय भूमि के पट्टे और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराने की घोषणा की।  

​मुख्यमंत्री ने संत तुलसीदास जी की बाढ़ से प्रभावित प्रतिमा का भी अवलोकन किया और अधिकारियों को इसके जीर्णोद्धार और दीर्घकालिक सुरक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि राहत कार्य केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी विस्थापितों के समुचित पुनर्वास तक सरकार पूरी मुस्तैदी से काम करेगी।