Akku Pandit समेत हिंदू रक्षा दल के 4 पर FIR, 6 माह पहले जेल से छूटे, अब कैफे से 50 हजार ‘गुंडा टैक्स’ वसूले!

Time Updated: Monday, September 14, 2026, 14:58 [IST]

Ghaziabad Akku Pandit News: गाजियाबाद में एक कैफे में देर रात हुए हंगामे के बाद हिंदू रक्षा दल से जुड़े बताए जा रहे अक्कू पंडित का नाम एक बार फिर चर्चा में है। इंदिरापुरम के डी-मॉल स्थित लक्स कैफे बार एंड रेस्टोरेंट में रात करीब ढाई बजे विवाद हुआ। कैफे संचालिका हरलीन कौर ने अक्कू पंडित समेत चार लोगों पर हर महीने 50 हजार रुपए मांगने, मुफ्त में खाना-पीना करने और पैसे नहीं देने पर गाली-गलौज व तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

मामला सिर्फ कैफे में हुए हंगामे तक सीमित नहीं है। इसमें अवैध हुक्काबार के आरोप, कैफे संचालिका के पलटवार, कथित वॉट्सऐप चैट और अक्कू पंडित से जुड़े पुराने विवाद भी सामने आए हैं। तो आखिर पूरा मामला क्या है और अक्कू पंडित कौन हैं? आइए 5 पॉइंट में समझते हैं...

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1. पहले समझिए, कैफे में उस रात क्या हुआ?

इंदिरापुरम के डी-मॉल स्थित लक्स कैफे बार एंड रेस्टोरेंट में बीती रात करीब ढाई बजे हंगामा हुआ। आरोप है कि हिंदू रक्षा दल से जुड़े अक्कू पंडित और उनके कुछ साथी कैफे पहुंचे। बताया गया कि कैफे में मौजूद लड़कियों को लेकर युवकों ने सवाल किए। इसी बात पर कहासुनी शुरू हो गई। कैफे में मौजूद लड़कियों और युवकों के बीच भी तीखी बहस हुई। विवाद के बाद कैफे संचालिका हरलीन कौर ने पुलिस में शिकायत दी।

2. कैफे संचालिका ने क्या आरोप लगाए?

हरलीन कौर का आरोप है कि अक्कू पंडित, दक्ष चौधरी, सौरभ पंडित और अमित पहलवान कैफे में आते थे और बिना भुगतान किए खाना-पीना करते थे। संचालिका के मुताबिक, उनसे हर महीने 50 हजार रुपए की मांग की जाती थी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर गाली-गलौज और तोड़फोड़ की जाती थी। हरलीन का यह भी दावा है कि कुछ दिन पहले पैसे नहीं देने को लेकर कैफे में तोड़फोड़ की गई थी।

3. WhatsApp चैट में क्या है?

कैफे संचालिका ने पुलिस को कुछ डिजिटल साक्ष्य भी दिए हैं। इनमें वॉट्सऐप चैट, ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े रिकॉर्ड और कॉल रिकॉर्डिंग शामिल होने का दावा किया गया है। हरलीन के मुताबिक, वॉट्सऐप पर जिस नंबर से पैसे मांगे गए, वह अक्कू पंडित का है। चैट में कैफे के नीचे खड़े होने और पैसे लेने आने की बात होने का भी दावा किया गया है। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह भी देखा जाएगा कि जिस मोबाइल नंबर और चैट का हवाला दिया गया है, उसका संबंध वास्तव में आरोपियों से है या नहीं।

4. हुक्काबार और लड़कियों को लेकर क्या है विवाद?

इस पूरे विवाद से करीब दो दिन पहले हिंदू रक्षा दल के कुछ कार्यकर्ता इसी कैफे में पहुंचे थे। आरोप लगाया गया था कि यहां अवैध हुक्काबार चल रहा है। कार्यकर्ताओं की ओर से कैफे में नाबालिग हिंदू लड़कियों के मुस्लिम लड़कों के साथ आने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। इसके बाद कैफे संचालिका हरलीन कौर ने अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि कैफे पूरी तरह वैध है और यदि किसी तरह की अवैध गतिविधि है तो प्रशासन जांच कर सकता है। उनका आरोप है कि अवैध गतिविधियों का हवाला देकर उनसे पैसे मांगे गए। यही आरोप अब पूरे विवाद का सबसे अहम हिस्सा बन गया है कि क्या कैफे में वाकई कोई गैरकानूनी गतिविधि थी या फिर कथित तौर पर दबाव बनाकर पैसे मांगे जा रहे थे? इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।

5. अक्कू पंडित कौन हैं और क्यों चर्चा में हैं?

अक्कू पंडित का नाम गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल से जुड़े एक कार्यकर्ता के तौर पर सामने आता रहा है। वह संगठन से जुड़े अन्य कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न विवादों को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। उनका नाम इसी साल मार्च में लोनी में हुए एक विवाद में भी सामने आया था। इस मामले में उन्हें और दक्ष चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में दोनों को जमानत मिल गई।

मार्च में क्यों हुई थी गिरफ्तारी?

4 मार्च को लोनी के कलावा वाटिका के पास बी-5 ब्लॉक में होली के दौरान रंग डालने को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि कॉलोनी में बच्चे और महिलाएं होली खेल रहे थे। इसी दौरान रंग भरे गुब्बारे कुछ महिलाओं को लग गए। इससे विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर हरेंद्र नाम के व्यक्ति ने अपने साथियों अक्कू पंडित और दक्ष चौधरी को बुलाया। इसी दौरान हंगामा हुआ और हरेंद्र पर पिस्टल निकालने का आरोप भी लगा। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से भी अभद्रता हुई। इसके बाद अक्कू पंडित और दक्ष चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक, मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हरेंद्र की तलाश भी की गई थी।

जेल से बाहर आने के बाद पिंकी चौधरी ने क्या कहा था?

अक्कू पंडित और दक्ष चौधरी को जमानत मिलने के बाद हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने जेल से बाहर आने पर दोनों का स्वागत किया था। इस दौरान उनका एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं के हिंदुत्व और सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम करने की बात कही थी। वीडियो में पिंकी चौधरी ने विरोध करने वालों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर कोई मुस्लिम हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं का विरोध करता है तो बात समझ में आती है, लेकिन अगर कोई हिंदू विरोध करता है तो उसे गद्दार माना जाएगा। उनके बयान को लेकर भी उस समय चर्चा हुई थी।

अब FIR के बाद क्या होगा?

लक्स कैफे की संचालिका के आरोपों के आधार पर अक्कू पंडित, दक्ष चौधरी, सौरभ पंडित और अमित पहलवान के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अब पुलिस के सामने कई सवाल हैं। जैसे कि क्या वास्तव में कैफे संचालिका से हर महीने 50 हजार रुपए मांगे गए? जिस नंबर से पैसे मांगने का दावा है, वह किसके नाम पर है? वॉट्सऐप चैट असली है या नहीं? क्या कैफे में तोड़फोड़ हुई और उसमें आरोपियों की भूमिका थी? कैफे में अवैध हुक्काबार चलने के आरोपों में कितनी सच्चाई है?

पुलिस इन आरोपों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। FIR दर्ज होना आरोप साबित होना नहीं है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा। कैफे संचालिका हरलीन कौर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मामले में कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार दबाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि हालात नहीं बदले तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो सकती हैं।