ट्रेंड नहीं, क्वॉलिटी पर दांव लगाती है Ambrane; कंपनी MD अशोक राजपाल के साथ खास बातचीत
Jul 30, 2026 04:14 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
Ambrane India के MD अशोक राजपाल ने Live Hindustan से इंटरव्यू में बताया कि कंपनी किसी भी नए प्रोडक्ट को केवल मार्केट ट्रेंड देखकर लॉन्च नहीं करती। उन्होंने बदलते टेक मार्केट पर कंपनी की स्ट्रेटजी शेयर की।

Ambrane India के MD अशोक राजपाल ने Live Hindustan से खास बातचीत की।
भारतीय टेक एक्सेसरीज मार्केट तेजी से बदल रहा है। कुछ साल पहले वायरलेस ऑडियो डिवाइसेज का क्रेज था, फिर स्मार्टवॉच मार्केट में जबरदस्त हाइप देखने को मिला। अब कई कैटेगरी की ग्रोथ धीमी पड़ रही है और कंपनियां नए मौके तलाश रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कोई ब्रैंड कैसे तय करता है कि अगला प्रोडक्ट कौन-सा लॉन्च किया जाए? ये समझने के लिए Live Hindustan ने लोकप्रिय ब्रैंड Ambrane India के मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक राजपाल से बात की। उन्होंने कंपनी स्ट्रेटजी पर विस्तार से बात की और बताया कि कंपनी किसी भी नए प्रोडक्ट को केवल ट्रेंड देखकर लॉन्च नहीं करती, बल्कि उसके पीछे लंबी रिसर्च, टेस्टिंग और ब्रैंड स्ट्रैटेजी काम करती है।
मार्केट ट्रेंड बदलता है, लेकिन स्ट्रेटजी नहीं
अशोक राजपाल का कहना है कि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में ग्राहकों की जरूरतें लगातार बदलती रहती हैं। कभी वायरलेस ऑडियो की डिमांड बढ़ती है तो कभी स्मार्टवॉच जैसी कैटेगरी तेजी पकड़ लेती है। हालांकि कंपनी का फोकस हर ट्रेंड का पीछा करने के बजाय उन प्रोडक्ट्स पर रहता है जो ब्रैंड की पहचान और ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से परफेक्ट हों। उनके मुताबिक, हर नया प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में शामिल करने से पहले यह देखा जाता है कि वह Ambrane के इकोसिस्टम और ब्रैंड वैल्यू के साथ कितना मेल खाता है।
हर नया प्रोडक्ट नहीं बनता Ambrane का हिस्सा
राजपाल ने बताया कि बाजार में कई ऐसे प्रोडक्ट्स होते हैं जिन्हें कंपनी जानबूझकर अपने पोर्टफोलियो में शामिल नहीं करती। उनका मानना है कि केवल ट्रेंड देखकर प्रोडक्ट लॉन्च करना सही स्ट्रेटजी नहीं है। अगर कोई प्रोडक्ट ब्रैंड के डायरेक्शन और क्वॉलिटी स्टैंडर्ड्स से मेल नहीं खाता, तो उसे लॉन्च करने से बेहतर है कि उससे दूरी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसे प्रोडक्ट्स पर ध्यान देती है जिनमें भविष्य में अपग्रेड और इनोवेशन की गुंजाइश हो और जो लंबे समय तक ग्राहकों के लिए काम के साबित हों।
7-8 महीने की टेस्टिंग के बाद मार्केट में आता है प्रोडक्ट
कंपनी MD ने बताया कि किसी नए प्रोडक्ट को बाजार में उतारने से पहले कई चरणों की लंबी प्रक्रिया अपनाई जाती है। कुछ प्रोडक्ट्स को तैयार होने में करीब 7 से 8 महीने तक का समय लग सकता है। इस दौरान प्रोडक्ट की इंटरनल टेस्टिंग की जाती है। कंपनी की टीम खुद उसे इस्तेमाल करती है और फीडबैक देती है। अगर टेस्टिंग के दौरान कोई कमी सामने आती है तो लॉन्च से पहले ही उसमें सुधार किया जाता है। उनका कहना है कि मकसद ग्राहकों तक ऐसा प्रोडक्ट पहुंचाना है जिसमें शुरुआती लेवल पर ही ज्यादातर दिक्कतों को दूर किया जा चुका हो।
क्वॉलिटी से कोई समझौता नहीं
अशोक का मानना है कि केवल कम कीमत पर प्रोडक्ट बेचना लंबे समय तक सफल स्ट्रेटजी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि क्वॉलिटी पर फोकस करने वाले ब्रैंड भविष्य में अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर बना सकते हैं, जबकि केवल कीमत के आधार पर कॉम्पिटीशन करने वाले कई छोटे ब्रैंड इस चुनौती का सामना नहीं कर पाते। उनके मुताबिक, मजबूत प्रोडक्ट फाउंडेशन होने पर बदलती कॉस्ट और मार्केट की कंडीशंस के बावजूद ग्राहकों को बेहतर एक्सपीरियंस दिया जा सकता है।
कस्टमर सर्विस पर भी रहता है फोकस
इंटरव्यू के दौरान उन्होंने सेल के बाद मिलने वाली सर्विस पर भी बात की। उन्होंने बताया कि अगर वारंटी पीरियड के अंदर किसी प्रोडक्ट में क्वॉलिटी से जुड़ी दिक्कत आती है तो कंपनी रिप्लेसमेंट का प्रोसेस अपनाती है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पावर बैंक जैसे प्रोडक्ट्स में ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े सुरक्षा नियमों के चलते रिप्लेसमेंट में अन्य प्रोडक्ट्स की तुलना में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। बाकी प्रोडक्ट्स के लिए कंपनी तेज रिप्लेसमेंट सर्विस देने की कोशिश करती है।
बदलते मार्केट में भरोसेमंद प्रोडक्ट्स पर जोर
अशोक का कहना है कि टेक इंडस्ट्री में ट्रेंड लगातार बदलते रहेंगे, लेकिन किसी भी ब्रैंड की असली पहचान उसकी क्वॉलिटी, रिसर्च और कस्टमर एक्सपीरियंस से बनती है। यही वजह है कि Ambrane नए प्रोडक्ट्स को मार्केट में उतारने से पहले लंबी टेस्टिंग और क्वॉलिटी चेक पर खास जोर देती है, जिससे ग्राहकों को भरोसेमंद और वैल्यू फोकस्ड प्रोडक्ट्स मिल सकें।
लेखक के बारे में
Pranesh Tiwari
प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।
विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और
कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट
गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता,
रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।
अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में
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लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की
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चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।
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