'प्रसूताओं की मौत का दोष हम पर क्यों?': प्रमुख शासन सचिव के बयान पर ANM-LHV संघ का विरोध, आदेश वापस लेने की मांग - jhalawar News

प्रमुख शासन सचिव के बयान के विरोध में एएनएम-एलएचवी संघ ने सरौला में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन।

प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ के एक कथित बयान के विरोध में एएनएम-एलएचवी संघ राजस्थान ने शनिवार को प्रदेशव्यापी विरोध दर्ज कराया।

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संघ ने झालावाड़ जिले के खानपुर ब्लॉक सहित विभिन्न सेक्टरों में जिला कलेक्टर, सीएमएचओ, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी और सेक्टर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर बयान और संबंधित आदेश वापस लेने की मांग की।

कर्मचारियों का कहना है कि प्रसूताओं की मौत के लिए फील्ड स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह अनुचित है।

प्रदेशव्यापी विरोध के तहत सौंपे ज्ञापन

प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत हुए इस विरोध कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष राजुबाला वर्मा और जिला संयोजक मीना कुमारी पारेता ने किया। खानपुर अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. धीरेंद्र गोपाल मिश्रा तथा हरिगढ़ में भी संगठन की ओर से सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपे गए।

एएनएम-एलएचवी संघ ने खानपुर अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. धीरेंद्र गोपाल मिश्रा को सौंपा ज्ञापन।

एएनएम-एलएचवी संघ ने खानपुर अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. धीरेंद्र गोपाल मिश्रा को सौंपा ज्ञापन।

बयान पर जताई कड़ी आपत्ति

संघ ने प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के उस कथित बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें जिला अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत के लिए आशा, एएनएम, एलएचवी और सीएचओ द्वारा हाई-रिस्क गर्भवतियों की समय पर पहचान नहीं करने और पीसीटीएस में उनका पंजीकरण नहीं करने को जिम्मेदार बताया गया था।

'हम पूरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं'

संघ का कहना है कि यह आरोप जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारियों ने बताया कि वे गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, हाई-रिस्क मामलों की पहचान, ममता कार्ड में विवरण दर्ज करना, पीसीटीएस पर लाइन लिस्ट तैयार कराना और लगातार फॉलोअप जैसी सभी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।

एएनएम-एलएचवी संघ ने हरिगढ़ अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन।

एएनएम-एलएचवी संघ ने हरिगढ़ अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन।

अस्पतालों की कमियों का दोष फील्ड स्टाफ पर नहीं

संगठन का आरोप है कि जिला अस्पतालों में प्रसव संबंधी व्यवस्थाओं की कमियों से होने वाली घटनाओं का ठीकरा फील्ड कर्मचारियों पर फोड़ा जा रहा है, जबकि वे अपने स्तर पर सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं।

आंदोलन की दी चेतावनी

ज्ञापन में प्रमुख शासन सचिव से संबंधित आदेश एवं टिप्पणी वापस लेने की मांग की गई है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं और उन्होंने संगठन की मांगों का समर्थन किया।