Anusuya Behera कौन थी? पति ने दी खौफनाक मौत-3 दिन लाश बिस्तर पर रख सोया, 20वें दिन एक चूंक से कैसे खुला रहा?
Published: Sunday, September 27, 2026, 15:36 [IST]
Bengaluru Anusuya Behera Murder: बेंगलुरु में एक खाली पड़े प्लॉट की सफाई के दौरान मिले महिला के शव ने पुलिस को करीब 20 दिन पुरानी हत्या की जांच तक पहुंचा दिया। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना भी मुश्किल था। लेकिन कपड़ों पर लगा एक टैग पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया। जांच आगे बढ़ी तो शक महिला के पति तक पहुंचा।
पुलिस ने इस मामले में 32 वर्षीय सागर चंद्र रावत को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी 28 वर्षीय पत्नी अनुसूया बेहरा की हत्या करने और शव को सुनसान जगह पर फेंकने का आरोप है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर क्यों एक पति बना अपनी पत्नी का हत्यारा?

Who Was Anusuya Behera: कौन थी अनुसूया बेहरा?
अनुसूया बेहरा 28 साल की थीं। वह अपने पति सागर चंद्र रावत के साथ बेंगलुरु में रहती थीं और एक कपड़ों की दुकान में काम करती थीं। उनके पति एक होटल में काम करते थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों लंबे समय से रिश्ते में थे और बाद में उन्होंने शादी कर ली थी। शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों बेंगलुरु आकर रहने लगे थे। जांच में सामने आया कि दंपति के बीच आर्थिक मामलों को लेकर अक्सर विवाद होता था।
11 अगस्त को क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को पति-पत्नी के बीच एक बार फिर विवाद हुआ। आरोप है कि झगड़े के दौरान सागर ने अनुसूया पर हमला किया और उसका गला दबा दिया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान अनुसूया की मौत हो गई। हत्या के बाद मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि सागर ने शव को तुरंत घर से बाहर नहीं निकाला, बल्कि करीब तीन दिन तक उसे घर में ही रखा।
3 दिन तक घर में रखा शव
हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर शव को एक चादर में लपेटा। इसके बाद उसने उसे पलंग पर रखा। करीब तीन दिन बाद वह शव को लेकर संपिगेहल्ली इलाके में पहुंचा और एक सुनसान खाली जगह पर फेंक दिया।
जांचकर्ताओं को शक है कि शव ठिकाने लगाने के बाद भी आरोपी कुछ समय तक उस जगह पर नजर रखता रहा, ताकि यह पता चल सके कि शव किसी को मिला या नहीं।
20 दिन तक किसी को नहीं लगी भनक
शव मिलने में करीब 20 दिन लग गए। 2 सितंबर को बेंगलुरु नगर निगम की ओर से खाली पड़े प्लॉट की सफाई कराई जा रही थी। इसी दौरान वहां काम कर रहे कर्मचारियों की नजर महिला के शव पर पड़ी। शव काफी खराब हालत में था। रिपोर्टों के मुताबिक, तब तक आवारा कुत्तों ने शव के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा दिया था। हालत ऐसी थी कि महिला की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई। यहीं से जांच में एक अहम सुराग मिला।
कपड़ों के टैग ने खोला पहला राज
शव के कपड़ों पर लगा एक टैग पुलिस के हाथ लगा। यही टैग जांच के दौरान महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ। पुलिस ने टैग से कपड़े की खरीदारी से जुड़ी जानकारी जुटाई और संबंधित मॉल तक पहुंची। वहां से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस महिला की पहचान तक पहुंचने में सफल रही। महिला की पहचान 28 वर्षीय अनुसूया बेहरा के रूप में हुई।
पति पर कैसे पहुंचा शक?
अनुसूया की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके आसपास के लोगों और काम की जगह से जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अनुसूया का पति सागर अब भी होटल में काम करने जा रहा था। पूछताछ के दौरान पुलिस को दंपति के बीच होने वाले विवादों की जानकारी मिली। इसके बाद सागर से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान उसने अनुसूया की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
सफाई अभियान से सामने आया पूरा मामला
इस मामले की शुरुआत किसी संदिग्ध गतिविधि से नहीं, बल्कि खाली प्लॉट की नियमित सफाई से हुई थी। नगर निगम के निर्देश के बाद जब कर्मचारी सुनसान पड़े प्लॉट की सफाई करने पहुंचे, तब उन्हें महिला का शव मिला। इसके बाद संपिगेहल्ली पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शव की पहचान के लिए मिले कपड़ों के टैग से पुलिस को पहली बड़ी कड़ी मिली। इसके बाद अनुसूया की पहचान हुई और जांच उसके पति तक पहुंची। पुलिस ने शव मिलने के करीब एक सप्ताह के भीतर सागर चंद्र रावत को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।