आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी अरेस्ट: AnyDesk से बेचता था सॉफ्टवेयर, SIT ने पश्चिम बंगाल से दबोचा; IT एक्ट में FIR - Kishanganj (Bihar) News

किशनगंज में फर्जी आधार कार्ड और जाली दस्तावेज तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ किशनगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

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टेढ़ागाछ थाना कांड संख्या-112/26 की जांच कर रही SIT ने पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्द्धमान जिले से गिरोह के मुख्य आरोपियों में शामिल स्वप्नमय अधिकारी (24) को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरोह के सदस्यों को अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाने के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराता था। उसके पास से सीधे कोई सामान बरामद होने की जानकारी पुलिस ने नहीं दी है।

किराना दुकान से चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल

पुलिस के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को एसपी संतोष कुमार को किशनगंज के सीमावर्ती इलाकों में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर अवैध तरीके से आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद एसपी के निर्देश पर SIT का गठन कर टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई।

छापेमारी में सॉफ्टवेयर और उपकरण बरामद

कार्रवाई के दौरान एक किराना दुकान से संचालित गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके से कई सॉफ्टवेयर, क्लोन बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट तकनीक और जाली दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए। इसके बाद टेढ़ागाछ थाना में BNS 2023 और IT एक्ट की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई।

बंगाल और यूपी तक जुड़े गिरोह के तार

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को इस नेटवर्क में पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों की संलिप्तता के साक्ष्य मिले। जांच में सामने आया कि पश्चिम बंगाल निवासी स्वप्नमय अधिकारी गिरोह के सदस्यों को अवैध आधार नामांकन के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रहा था।

AnyDesk से दुकानदारों को बेचता था सॉफ्टवेयर

पुलिस के अनुसार, स्वप्नमय अधिकारी फर्जी तरीके से हासिल किए गए Aadhaar Enrolment Client Software की आईडी और पासवर्ड AnyDesk रिमोट सिस्टम के जरिए बिहार के अलग-अलग दुकानदारों को बेचता था। इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से अवैध आधार नामांकन और जाली दस्तावेज तैयार किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

तकनीकी और मानवीय सूचना से गिरफ्तारी

स्वप्नमय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान 18 सितंबर 2026 को मानवीय और तकनीकी सूचना के आधार पर SIT ने पूर्व बर्द्धमान जिले के रैना थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में मिले नेटवर्क के सुराग

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिली है। इन सुरागों के आधार पर पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

अब तक चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। पुलिस अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

किशनगंज कोर्ट में पेशी के बाद जेल

गिरफ्तार स्वप्नमय अधिकारी, पिता संजय अधिकारी, निवासी नारायणपुर, थाना रैना, जिला पूर्व बर्द्धमान (पश्चिम बंगाल) को किशनगंज न्यायालय में पेश किया गया।

कोर्ट के आदेश के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।