गुरुग्राम में APK फाइल भेजकर ₹9 लाख हड़पे: B.SC स्टूडेंट ने 6 हजार में बेचा बैंक खाता; यूपी से पकड़ कर लाई पुलिस - gurugram News
गुरुग्राम3 घंटे पहले
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गुरुग्राम पुलिस ने साइबर ठगों को खाता प्रोवाइड करवाने वाले मनीष को उत्तर प्रदेश के गोंडा से अरेस्ट किया है।
गुरुग्राम में वॉट्सएप पर एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर 9 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर आरोपी मनीष कुमार गुप्ता (28) को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से दबोचा।
मनीष गोंडा के इटिया थोक गांव का रहने वाला है और उसने साइबर ठगों को छह हजार रुपए में अपना बैंक अकाउंट बेचा था। यह मामला 21 मार्च को साइबर क्राइम पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने वॉट्सएप के जरिए उससे एक एपीके फाइल डाउनलोड करवाई थी।
फाइल डाउनलोड होते ही उसके बैंक खाते से कुल 9 लाख रुपए निकाल लिए गए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
गुरुग्राम पुलिस ने साइबर ठगों को खाता प्रोवाइड करवाने वाले मनीष को उत्तर प्रदेश के गोंडा से अरेस्ट किया है।
बीएससी कर ठगों को खाते देने लगा
साइबर थाना पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किया गया आरोपी मनीष कुमार गुप्ता अच्छा-खासा पढ़ा-लिखा है। उसने बीएससी तक शिक्षा प्राप्त की है। उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद उसने कम समय में अमीर बनने के चक्कर में साइबर अपराध की दुनिया में कदम रख दिया।
वह भोले-भाले लोगों को डिजिटल जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों से गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले गिरोह के लिए काम कर रहा था।
लिंक भेजकर लिया मोबाइल एक्सेस
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि अज्ञात ठगों ने व्हाट्सएप पर उससे संपर्क किया था। बातों में फंसाकर ठगों ने उसे एक अनजान लिंक के जरिए एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया। पीड़ित ने जैसे ही उस फाइल को अपने मोबाइल में डाउनलोड और इंस्टॉल किया, उसका फोन हैक हो गया। इसके तुरंत बाद उसके बैंक खाते से किस्तों में कुल 9 लाख रुपए उड़ा लिए गए।
आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई रकम
शिकायत मिलते ही साइबर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस की तकनीकी टीम ने उस मोबाइल और बैंकिंग ट्रेल को खंगाला जिससे ट्रांजैक्शन हुए थे। इस विश्लेषण में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
ठगी गई पूरी 9 लाख रुपये की राशि किसी आरोपी मनीष कुमार गुप्ता के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। पुख्ता सबूत हाथ लगते ही पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और गोंडा में छापेमारी कर मनीष को उसके पैतृक गांव से धर दबोचा।
आरोपी के लिंक खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब आरोपी मनीष कुमार गुप्ता से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि वह अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और पूरे साइबर ठगी के नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।
एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वॉट्सएप या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों द्वारा भेजी गई किसी भी एपीके (.apk) फाइल या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। यह फाइलें मोबाइल का पूरा कंट्रोल हैकर्स के हाथ में सौंप देती हैं, जिससे बैंक खाते पल भर में खाली हो सकते हैं।
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