मुंगेर में ASI हत्याकांड में 8 दोषियों को उम्रकैद: सभी पर 25-25 हजार जुर्माना; होली के दिन विवाद सुलझाने पहुंचे थे ASI, रॉड-दबिया से मारकर हत्या - Munger News

मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर में एलआईसी कार्यालय के सामने होली के दिन हुए विवाद में एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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इनमें राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी शामिल हैं।

एडीजे मनीषा कुमारी की अदालत ने 24 अगस्त को सुनवाई के दौरान सभी आठ आरोपियों को दोषी ठहराया था।

सोमवार को अदालत ने सजा सुनाते हुए हर दोषी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें बीएनएस के तहत पांच साल की कठोर जेल होगी।

होली के दिन विवाद की सूचना पर पहुंचे थे एएसआई

यह घटना 14 मार्च 2025 की है। दोपहर करीब 2:05 बजे नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना मिली थी। इस पर डायल-112 के एएसआई संतोष कुमार सिंह सिपाही दीपक कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया था।

इसके बाद शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को दोबारा गाली-गलौज करते हुए देखा।

लोहे की रॉड, दबिया और हुक से हमला करने का आरोप

जानकारी के अनुसार, एएसआई संतोष कुमार सिंह पहले एक पक्ष को समझाने के बाद दूसरे पक्ष के आंगन में पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। हमले में लोहे की रॉड, दबिया, हुक और लात-घूंसों का इस्तेमाल किया गया।

पटना के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत

घायल संतोष कुमार सिंह को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

सिपाही दीपक कुमार की सूचना पर मुफस्सिल थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।

त्वरित विचारण से परिजनों को मिला न्याय

राज्य की ओर से लोक अभियोजक मुंगेर संजय कुमार सिंह ने बताया कि एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने सभी आठ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि सभी दोषी एक ही परिवार के सदस्य हैं। मामले को त्वरित विचारण में रखा गया था।

पुलिस और अभियोजन पक्ष की तत्परता से तेजी से पूरी हुई सुनवाई

पुलिस पदाधिकारियों की तत्परता और अभियोजन पक्ष के गवाहों को समय पर प्रस्तुत कराने के कारण सुनवाई तेजी से पूरी हो सकी। उन्होंने कहा कि इस त्वरित विचारण में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की अभियोजन त्वरित विचारण शाखा का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे मृतक पुलिस पदाधिकारी के परिजनों को न्याय दिलाना संभव हो पाया।

कैमूर के पीपरिया गांव के रहने वाले थे संतोष सिंह

एएसआई संतोष कुमार सिंह का पैतृक आवास कैमुर जिला अंतर्गत मोहनियां थाना क्षेत्र के पीपरिया गांव का रहने वाला था। जबकि वह पूर्व में वह अपने परिवार के साथ पटना में भुसौलचक एम्स गाेलंबर देवी स्थान के पिछे रहते थे। अब संतोष सिंह की मौत हो जाने के बाद उसकी पत्नी अपने मायके में पिता अरुण कुमार सिंह के घर मिल्लत कॉलोनी चक्रदाह मोड़, बड़ी खगौल पटना में रेलनीर प्लांट के समीप रह रही है।