चंद्रशेखर ने चला पहला चुनावी दांव: ASP ने 2027 के लिए 45 विधानसभा प्रभारियों की सूची जारी, दलित-मुस्लिम-OBC समीकरण पर फोकस - Uttar Pradesh News

उत्तर प्रदेश5 मिनट पहले

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 45 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की पहली सूची जारी कर दी है।

इन प्रत्याशियों में 18 दलित, 10 मुस्लिम, 16 ओबीसी और 1 सिख समाज से आने वाले चेहरों को जगह दी गई है। पार्टी ने दावा किया है कि राज्य समिति की सिफारिशों के आधार पर इन प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। सभी प्रभारियों को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और सामाजिक न्याय, संविधान तथा बहुजन समाज के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

चंद्रशेखर आजाद की पश्चिमी यूपी की सभाओं में आने वाली भीड़।

चंद्रशेखर आजाद की पश्चिमी यूपी की सभाओं में आने वाली भीड़।

पश्चिमी यूपी पर सबसे ज्यादा जोर

पहली सूची में सबसे अधिक सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हैं। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर जैसे जिलों में संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। माना जा रहा है कि दलित-मुस्लिम समीकरण वाले क्षेत्रों में पार्टी अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

जातीय संतुलन साधने की कोशिश

45 प्रभारियों की सूची में पार्टी ने सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा है। सबसे अधिक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित13 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं। इसके बाद ओबीसी समाज से आने वाले यादव, गुर्जर, प्रजापति, वाल्मीकि, मौर्य समेत कई समुदायों को प्रतिनिधित्व मिला है। 10 सीटों पर मुस्लिम समाज को मौका देकर चंद्रशेखर ने पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल के समीकरण साधने की कोशिश की गई है। एक सीट पर सिख समाज से आने वाले नेता को भी जिम्मेदारी दी है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चंद्रशेखर आजाद अपने पारंपरिक दलित आधार के साथ मुस्लिम और पिछड़े वर्गों को जोड़कर तीसरा राजनीतिक विकल्प बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं।

चंद्रशेखर इस बार दलित-मुस्लिम समीकरण पर फोकस कर रहे हैं।

चंद्रशेखर इस बार दलित-मुस्लिम समीकरण पर फोकस कर रहे हैं।

कई पूर्व विधायक और चर्चित चेहरे भी शामिल

सूची में कई ऐसे नेताओं को जगह मिली है, जो पहले विभिन्न दलों से चुनाव लड़ चुके हैं या अपने क्षेत्र में प्रभाव रखते हैं। हाथरस (सुरक्षित) से पूर्व आईपीएस आदित्य प्रकाश वर्मा, छर्रा से पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, गोवर्धन से दीपक चौधरी, फतेहपुर सीकरी से जगदीश बघेल, गोविंद नगर से तुलसीराम वाल्मीकि और मऊ की मधुबन सीट से शिवसागर यादव जैसे नाम शामिल हैं।

बसपा से सीधी प्रतिस्पर्धा का संकेत

राजनीतिक तौर पर यह सूची इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बसपा भी विधानसभा प्रभारियों के जरिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर चुकी है। ऐसे में दोनों दल दलित वोट बैंक और बहुजन राजनीति के केंद्र में रहकर एक-दूसरे को सीधी चुनौती देते नजर आ रहे हैं। चंद्रशेखर की इस सूची को 2027 के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।

ये सूची जारी की-

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