August Economic Growth: त्योहारी सीजन की बदौलत चमकी भारतीय अर्थव्यवस्था; अगस्त में रिकॉर्ड जीएसटी और रिकॉर्ड यूपीआई लेनदेन - Haribhoomi

त्योहारों के मौसम की शुरुआत और मजबूत घरेलू मांग के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था ने अगस्त 2026 में अपनी ताकत दिखाई है। देश के आर्थिक स्वास्थ्य को दर्शाने वाले दो सबसे प्रमुख संकेतकों- जीएसटी संग्रह और यूपीआई डिजिटल लेनदेन- में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। अगस्त में सकल जीएसटी संग्रह बढ़कर करीब दो लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया, वहीं यूपीआई के जरिए होने वाले डिजिटल भुगतानों ने वॉल्यूम (संख्या) के मामले में अब तक का सबसे नया रिकॉर्ड कायम किया है।

GST Collection August 2026

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में सकल जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 1,99,853 करोड़ रुपये (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये) दर्ज किया गया।

  • Published: 01 Sep 2026, 02:02 PM IST
  • Last Updated: 01 Sep 2026, 02:02 PM IST

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजार में मजबूत घरेलू खपत और व्यापारिक गतिविधियों का असर देश के आर्थिक आंकड़ों में साफ नजर आने लगा है। अगस्त 2026 में त्योहारी सीजन की शुरुआत और रक्षाबंधन जैसे पर्वों के चलते देश में खुदरा और डिजिटल भुगतानों की रफ्तार चरम पर रही। वित्त मंत्रालय और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि अगस्त का महीना देश के आर्थिक संग्रह और डिजिटल भुगतान परिदृश्य दोनों के लिए बेहद ऐतिहासिक रहा है।

जीएसटी कलेक्शन में उछाल: करीब 2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा संग्रह
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में सकल जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 1,99,853 करोड़ रुपये (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये) दर्ज किया गया।

इस दौरान देश के भीतर घरेलू लेनदेन से मिलने वाला जीएसटी राजस्व 9.3 प्रतिशत बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, वहीं आयातित सामानों पर मिलने वाले राजस्व में 29 प्रतिशत का उछाल आया और यह 62,604 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस कुल संग्रह में सीजीएसटी 38,413 करोड़ रुपये और एसजीएसटी 46,316 करोड़ रुपये रहा। रिफंड घटाने के बाद नेट जीएसटी संग्रह 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाता है।

यूपीआई का नया इतिहास: 24.51 अरब लेनदेन के साथ ऑल-टाइम हाई
डिजिटल इंडिया की दिशा में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने अगस्त के महीने में एक और बड़ा कीर्तिमान रच दिया है। एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में यूपीआई लेनदेन की संख्या (वॉल्यूम) 24.51 बिलियन (2451 करोड़) के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

वहीं लेनदेन के कुल मूल्य की बात करें तो इस महीने 29.82 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल लेनदेन हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि से 20 प्रतिशत अधिक है। पिछले एक दशक में यूपीआई का वार्षिक लेनदेन मूल्य वित्त वर्ष 2017 के 0.07 लाख करोड़ रुपये से 4,000 गुना बढ़कर लगभग 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

रक्षाबंधन और त्योहारी सीजन का दिखा बड़ा असर
अगस्त महीने में डिजिटल लेनदेन और टैक्स कलेक्शन दोनों में आई इस भारी तेजी की मुख्य वजह रक्षाबंधन का त्योहार और त्योहारी खरीदारी रही। त्योहारों के दौरान रिश्तेदारों और दोस्तों के बीच लेनदेन (पीटूपी) और दुकानों पर छोटे उपहारों के भुगतान (पीटूएम) के लिए लोगों ने नकदी के बजाय यूपीआई को प्राथमिकता दी। इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने से टैक्स कम्प्लायंस (कर अनुपालन) में भी काफी सुधार देखा गया, जिससे जीएसटी कलेक्शन में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई।

दुनिया के 11 देशों तक पहुंची भारतीय यूपीआई की धमक
भारतीयों की पहली पसंद बन चुकी यूपीआई प्रणाली अब घरेलू सीमाओं को लांघकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा रही है। हाल ही में उज्बेकिस्तान इस नेटवर्क से जुड़ने वाला 11वां देश बना है। उज्बेकिस्तान के अलावा सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और ग्रीस जैसे देशों में भारतीय नागरिक अब यूपीआई के जरिए रियल-टाइम भुगतान कर सकते हैं। विशेषज्ञ उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की यह रफ्तार और तेज होगी।