एअर इंडिया B787 इंजन शटडाउन मामला: GE ने बढ़ाया जांच का दायरा, DGCA ने CIC को दी जानकारी - air india b787 engine shutdown ge expands probe scope dgca informs cic

डीजीसीए ने सीआईसी को बताया कि 2023 में एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के इंजन बंद होने की घटना ...और पढ़ें

एअर इंडिया B787 इंजन शटडाउन। (एएनआई)

एअर इंडिया B787 इंजन शटडाउन। (एएनआई)

HighLights

  1. 2023 में एअर इंडिया B787 इंजन बंद होने की घटना।

  2. जीई एयरोस्पेस ने प्रभावित इंजनों की जांच का दायरा बढ़ाया।

  3. डीजीसीए ने केंद्रीय सूचना आयोग को घटना की जानकारी दी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को बताया है कि वर्ष 2023 में उड़ान के दौरान एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के एक इंजन के बंद होने की घटना के मामले में निर्माता कंपनी जीई एयरोस्पेस ने प्रभावित इंजनों के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत इस मामले में सीआईसी के समक्ष दायर मामले में यह जानकारी सामने आई। आरटीआई आवेदन में मुंबई में चार अगस्त, 2023 को एअर इंडिया के बोइंग बी787-8 विमान वीटी-एएनवी के इंजन नंबर-1 के बिना कमांड दिए बंद होने की घटना पर अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद डीजीसीए द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी।

आरटीआई आवेदनकर्ता ने सवाल किया था कि क्या एअर इंडिया के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू की गई और क्या एयरलाइन को अपने बी787-8 विमानों के बेड़े की सुरक्षा जांच करने का निर्देश दिया गया था।

डीजीसीए ने आयोग को बताया कि अंतिम जांच रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद उसे जरूरी कार्रवाई के लिए ‘एयरवर्थनेस’ निदेशालय को भेज दिया गया था। डीजीसीए ने यह भी बताया कि जीई एयरोस्पेस ने 21 दिसंबर, 2023 को बुलेटिन एसबी 72-0543 जारी किया, जिसमें प्रभावित इंजनों के लिए बोरोस्कोप जांच के दायरे को बढ़ाया गया और इसमें अतिरिक्त इंजन सीरियल नंबर भी शामिल किए गए थे।

बोरोस्कोप जांच ऐसी तकनीक है, जिसका उपयोग किसी मशीन या उपकरण के अंदरूनी हिस्सों की जांच करने के लिए किया जाता है, जिन्हें सीधे आंखों से देखना असंभव होता है। डीजीसीए ने कहा कि एयरवर्थनेस निदेशालय ने माना कि सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिशे पूरी हो गई हैं, वहीं जीई एयरोस्पेस और एअर इंडिया को भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला।

अंतिम जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि मुंबई से लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे जाने वाली एअर इंडिया की उड़ान एआई-131 में 267 लोग सवार थे। रवाना होने के दौरान विमान के एक इंजन में खराबी आई और उसके बाद वह उड़ान के दौरान बंद हो गया। विमान वापस मुंबई लौट आया, जहां उसने एक इंजन के सहारे सुरक्षित लैंडिंग की। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

रिपोर्ट में बताया गया कि इंजन के हाई प्रेशर कंप्रेसर (एचपीसी) स्टेज-10 ब्लेड को ‘लॉकिंग लग्स’ सही तरीके से इंस्टाल नहीं किए जाने के कारण नुकसान पहुंचा, जिससे इंजन में खराबी आई और बाद में वह बंद हो गया।

यह मामला सीआईसी के पास इसलिए पहुंचा क्योंकि डीजीसीए के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने अपने शुरुआती जवाब में आवेदनकर्ता को बताया था कि अंतिम जांच रिपोर्ट नियामक की वेबसाइट पर उपलब्ध है। हालांकि, उन्होंने आरटीआई अधिनियम के तहत बाकी जानकारी देने से इनकार कर दिया था।

आवेदक ने आयोग के समक्ष यह भी तर्क दिया कि यह मामला महत्वपूर्ण सार्वजनिक महत्व का है। आयोग ने जवाब को समुचित नहीं माना और कहा कि आवेदक ने केवल रिपोर्ट के बारे में ही नहीं, बल्कि जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी थी।

हालांकि, उसने डीजीसीए की लिखित दलीलों पर ध्यान दिया और इस बात से संतुष्टि जताई कि उसने अपने रिकॉर्ड में मौजूद कार्रवाई से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करा दी थी। सीआईसी ने डीजीसीए को निर्देश दिया कि वह अपने लिखित जबाब की एक प्रति आवेदक को दे और उसके बाद अनुपालन रिपोर्ट पेश करे।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)