Baloch की नई महिला यूनिट KAAD का पहला बड़ा ऑपरेशन, 9 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया, कौन लीड कर रहा था मिशन?

Time Published: Tuesday, September 29, 2026, 21:08 [IST]

Balochistan KAAD Attack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने अपनी नई महिला लड़ाकू यूनिट करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन यानी KAAD का वीडियो जारी किया है। संगठन का दावा है कि इस यूनिट ने बलूचिस्तान में दो अभियानों के दौरान 9 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को मार गिराया और कई अन्य को घायल किया।

हालांकि, इन मौतों के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों की ओर से भी इस दावे की सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे BLF का दावा ही माना जा रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा 22 सितंबर को तुरबत के जोस्क इलाके में CPEC हाईवे पर हुए हमले की है। जारी वीडियो में एक महिला कमांडर मिशन से पहले KAAD के लड़ाकों को ब्रीफ करती दिखाई देती है। इसके बाद लड़ाके एक सैन्य काफिले पर हमला करते नजर आते हैं।

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क्या हुआ था तुरबत में?

BLF के मुताबिक, 22 सितंबर को KAAD के लड़ाकों ने तुरबत के जोस्क इलाके में CPEC हाईवे पर पाकिस्तानी सेना के तीन वाहनों वाले क्विक रिस्पॉन्स फोर्स (QRF) काफिले को निशाना बनाया। जारी फुटेज में सैन्य वाहनों पर फायरिंग दिखाई गई है। BLF का दावा है कि इस हमले में 6 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और कई घायल हुए, जबकि सैन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। इस अभियान में BLF की कुर्बान यूनिट ने KAAD को सहयोग दिया। संगठन के मुताबिक, पाकिस्तानी बलों ने हमले के बाद KAAD लड़ाकों को घेरने की कोशिश की, लेकिन दोनों यूनिटों ने एक-दूसरे को कवर देते हुए इलाके से निकलने में सफलता हासिल की।

फिर 9 सैनिकों का आंकड़ा कहां से आया?

BLF ने बाद में 25 सितंबर को कलात के मंगचर इलाके में हुए एक अन्य ऑपरेशन में तीन और पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा किया। इस तरह संगठन ने दोनों घटनाओं को जोड़कर कुल 9 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा किया है, तुरबत में 6 और मंगचर में 3।

मिशन कौन लीड कर रहा था?

वीडियो में एक महिला कमांडर KAAD के लड़ाकों को मिशन से पहले ब्रीफ करती दिखाई देती है। इससे यह जरूर पता चलता है कि यूनिट में महिला नेतृत्व की भूमिका है। लेकिन उस महिला कमांडर का नाम व चेहरा सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल यह बताना कि किस खास महिला ने इस पूरे ऑपरेशन को लीड किया, मुमकिन नहीं है।

KAAD क्या है?

KAAD यानी Karima Armed Assault Division, BLF की नई महिला सशस्त्र यूनिट है। BLF ने सितंबर 2026 में इस यूनिट को सार्वजनिक किया। समूह ने KAAD को अपनी महिला लड़ाकू शाखा के तौर पर पेश किया है। जारी ट्रेनिंग फुटेज में महिला सदस्यों को सैन्य वर्दी में हथियारों और अन्य सैन्य उपकरणों के साथ अभ्यास करते देखा गया है। वीडियो में उन्हें वाहन और मोटरसाइकिल चलाते हुए भी दिखाया गया है।

KAAD का नाम किसके नाम पर रखा गया?

इस यूनिट का नाम करीमा बलूच के नाम पर रखा गया है। वह बलूच अधिकारों के लिए लड़ने वाली कार्यकर्ता थीं और Baloch Students Organization-Azad (BSO-Azad) की पहली महिला अध्यक्ष रही थीं। करीमा बलूच 2020 में कनाडा के टोरंटो में मृत पाई गई थीं। उनकी मौत को लेकर उस समय कई तरह की चर्चाएं हुई थीं, लेकिन यहां उनके नाम से बनी KAAD की पहचान को BLF के घोषित संदर्भ के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

वीडियो में और क्या दिखाया गया?

BLF के जारी वीडियो में केवल तुरबत का हमला ही नहीं है। एक अन्य हिस्से में KAAD के सदस्यों को कलात के मंगचर इलाके में वाहनों को रोककर जांच करते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा ट्रेनिंग से जुड़े दृश्यों में महिला लड़ाकों को हथियारों का अभ्यास करते दिखाया गया है। BLF के मीडिया विंग आशोब के जरिए जारी सामग्री में यूनिट को एक संगठित सशस्त्र शाखा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

क्या यह KAAD का पहला ऑपरेशन था?

BLF के मुताबिक, 22 सितंबर का तुरबत-जोस्क हमला KAAD का पहला सशस्त्र ऑपरेशन था। 22 सितंबर को संगठन ने पहली बार इस यूनिट के ऑपरेशन की जानकारी सार्वजनिक की थी। उस समय BLF ने कई सैन्यकर्मियों के मारे जाने और घायल होने का दावा किया था, लेकिन शुरुआती बयान में सटीक संख्या नहीं बताई गई थी। बाद में विस्तृत दावे में 6 मौतों की बात कही गई। इसके बाद मंगचर की घटना को यूनिट की दूसरी कार्रवाई के रूप में पेश किया गया।

BLF और बलूचिस्तान में खूनी संघर्ष

BLF पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सक्रिय बलूच अलगाववादी सशस्त्र संगठन है। संगठन लंबे समय से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और राज्य से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने वाले हमलों का दावा करता रहा है। बलूचिस्तान रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यहां चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी CPEC से जुड़े कई महत्वपूर्ण मार्ग और परियोजनाएं हैं। इसी वजह से क्षेत्र में सुरक्षा और उग्रवादी गतिविधियां लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहती हैं। KAAD का गठन इस संघर्ष में महिलाओं की सशस्त्र भूमिका को लेकर एक नया घटनाक्रम है। इससे पहले भी बलूच अलगाववादी संगठनों की गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी सामने आती रही है।