पुणे हाईवे पर रील का 'जश्न' पड़ा भारी: महिंद्रा BE 6 और फॉर्च्यूनर हुई जब्त, पुलिस का एक्शन
Published: Wednesday, September 2, 2026, 17:25 [IST]
पुणे के हाईवे पर 27 अगस्त को जश्न मनाते काफ़िले ने सड़क को किसी फिल्म के सेट में तब्दील कर दिया। बानेर और भुजबल चौक के बीच नई-नवेली महिंद्रा BE 6 और उसके साथ चल रही टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ियों ने रफ्तार धीमी कर पूरे हाईवे की लेन ही ब्लॉक कर दी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस एक्शन में आई और बुधवार, 2 सितंबर को एफआईआर दर्ज कर गाड़ियों को जब्त कर लिया। बताया जा रहा है कि इस पूरी शूटिंग को ड्रोन से भी शूट किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, यह वाकया शाम करीब 4:15 बजे सह्याद्रि महिंद्रा (बानेर) से वाकड़ के बीच का है, जहां रील बनाने के लिए गाड़ियों को सड़क पर आड़ा-तिरछा खड़ा कर दिया गया था। मामले में दो फॉर्च्यूनर (नंबर MH14-KH-5644 और MH14-LU-1080) जब्त की गई हैं, जबकि सोमनाथ अशोक केदारी को महिंद्रा BE 6 का नया मालिक बताया गया है। सीनियर इंस्पेक्टर अरविंद पवार ने कहा, "इनकी इस हरकत से राहगीरों का रास्ता रुका और एक बड़ा हादसा हो सकता था।" कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का यह भी कहना है कि महिंद्रा BE 6 को भी पुलिस ने सीज कर लिया है।
पुणे हाईवे वायरल रील मामला: कौन-सी धाराएं लगीं और क्या होगी सजा?
बावधन पुलिस स्टेशन में दर्ज क्राइम नंबर 385/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285, 281, 223 और 3(5) के साथ मोटर वाहन अधिनियम (MVA) की धारा 184 और 122 लगाई गई है। धारा 184 के तहत खतरनाक ड्राइविंग करने पर पहली बार में ही 5,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं जांच और परमिट उल्लंघन के मामले में धारा 207 के तहत गाड़ियों को जब्त करने का भी नियम है।
| कानूनी आधार | मुख्य प्रावधान | संभावित कार्रवाई / परिणाम |
|---|---|---|
| BNS 285, 281, 223, 3(5) | सार्वजनिक रास्ते पर खतरा पैदा करना, लापरवाही से ड्राइविंग, सरकारी आदेश का उल्लंघन, समान मंशा | आपराधिक केस; मामले की गंभीरता के हिसाब से गिरफ्तारी या जमानत |
| MVA 184; 122; 207 | खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाना; गलत पार्किंग या रास्ता रोकना; गाड़ी जब्त करने का अधिकार | 5,000 रुपये तक का जुर्माना; चालान या टोइंग; जांच के दौरान जब्ती |
| ड्रोन नियम 2021; BNSS 163 | बिना इजाजत ड्रोन उड़ाने पर पेनल्टी; स्थानीय स्तर पर निषेधाज्ञा (पाबंदी) संभव | 1 लाख रुपये तक का प्रशासनिक जुर्माना; उपकरण की जब्ती |
चलते ट्रैफिक के ऊपर या आसपास ड्रोन से शूटिंग करना बेहद खतरनाक है और इस पर सख्त पाबंदी है। ड्रोन सिर्फ अनुमत एयरस्पेस में ही उड़ाए जा सकते हैं, जिसके लिए यूनिक आईडी और (नैनो के अलावा अन्य कैटेगरी के लिए) रिमोट पायलट सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। रेड ज़ोन या पुलिस की पाबंदी वाले इलाकों में ड्रोन उड़ाने पर 1 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
महाराष्ट्र में स्टंटबाज़ों पर नकेल: सुरक्षा को लेकर पुलिस सख्त
सड़कों पर रील बनाने और स्टंटबाजी के बढ़ते मामलों पर जनता के गुस्से को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने सख्ती काफी बढ़ा दी है। हाल ही में सी-लिंक पर 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही लेम्बोर्गिनी उरुस को सीज किया गया था। इसके अलावा, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' पर फोटो-वीडियो के लिए गाड़ियां रोकने वाले सैकड़ों लोगों का चालान काटा गया, जबकि मुंबई पुलिस ने ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर खतरनाक स्टंट करने वालों को जेल भेजा। साफ है कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ अब तुरंत जब्ती और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।