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Bhandara News: महाडीबीटी पोर्टल की तकनीकी समस्या से छात्रवृत्ति अटकी, विद्यार्थियों के प्रवेश पर संकट

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सार

Bhandara Scholarship Delay: भंडारा में महाडीबीटी 2.0 पोर्टल की तकनीकी समस्याओं और छात्रवृत्ति भुगतान में देरी के कारण विद्यार्थियों के नए सत्र के प्रवेश पर संकट गहरा गया है।

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महाडीबीटी पोर्टल- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)

विस्तार

Bhandara MahadBT Portal: राज्य सरकार के सामाजिक न्याय विभाग की छात्रवृत्ति मंजूरी में हो रही देरी का असर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सहित विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। पिछले शैक्षणिक वर्ष की छात्रवृत्ति राशि अब तक अनेक विद्यार्थियों के खातों में जमा नहीं होने से नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। कई महाविद्यालयों ने पिछले वर्ष का शुल्क जमा किए बिना नए सत्र में प्रवेश नहीं देने का रुख अपनाया है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।

सामाजिक न्याय विभाग द्वारा विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए महाडीबीटी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। हालांकि, पिछले वर्ष आवेदन करने वाले अनेक विद्यार्थियों को अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिली है। इसके कारण विद्यार्थियों को अपनी जेब से शुल्क जमा करना पड़ रहा है और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस वर्ष विभाग ने महाडीबीटी 2.0 पोर्टल शुरू किया है, लेकिन इसके पूरी तरह से कार्यरत नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

सामाजिक न्याय विभाग की छात्रवृत्ति में देरी

पोर्टल पर पिछले वर्ष के आवेदनों का विवरण और वर्तमान स्थिति उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थी तथा महाविद्यालय दोनों असमंजस में हैं। इसी वजह से महाविद्यालय विद्यार्थियों से बैंक पासबुक की छायाप्रति या बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करने को कह रहे हैं, ताकि छात्रवृत्ति की राशि जमा होने की पुष्टि की जा सके। पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण नए छात्रवृत्ति आवेदन भी प्रभावित हो रहे हैं।

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आर्थिक रूप से कमजोर छात्र प्रभावित

वेबसाइट बारबार बंद होने से विद्यार्थियों की नेट कैफे पर भीड़ बढ़ गई है। पोर्टल सुचारु रूप से काम नहीं करने से विद्यार्थियों के साथ नेट कैफे संचालकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रवृत्ति में देरी और प्रवेश के लिए शुल्क जमा करने की अनिवार्यता ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है।

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