Bharat NCAP 2.0: 5-स्टार रेटिंग के लिए कारों को देने होंगे 5 तरह के क्रैश टेस्ट, जानें प्लान - Haribhoomi

Bharat NCAP 2.0: देश में कारों की सेफ्टी रेटिंग को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार Bharat NCAP के नए वर्जन Bharat NCAP 2.0 को अक्टूबर 2027 से लागू करने की तैयारी कर रही है।

Bharat NCAP 2.0

कारों को 5 तरह के क्रैश टेस्ट देने होंगे

  • Published: 03 Sep 2026, 09:34 PM IST
  • Last Updated: 03 Sep 2026, 09:34 PM IST

Bharat NCAP 2.0: देश में कार खरीदने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि भारत में कारों की सेफ्टी जांच के मौजूदा सिस्टम को और बेहतर किया जाएगा। इसके तहत भारत एनकैप 2.0 को अक्टूबर 2027 से लागू करने की तैयारी है। गडकरी ने 66वें सियाम सम्मेलन में भारत एनकैप 2.0 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में सिर्फ कार के क्रैश टेस्ट के आधार पर रेटिंग नहीं मिलेगी, बल्कि वाहन की कुल सुरक्षा को ध्यान में रखा जाएगा।

भारत एनकैप 2.0 में होंगे 5 तरह के क्रैश टेस्ट
भारत एनकैप 2.0 के तहत मौजूदा क्रैश टेस्ट के मानकों में बड़ा बदलाव किया जाएगा। नई व्यवस्था में कारों को पांच अलग-अलग तरह के क्रैश टेस्ट से गुजरना होगा। इनमें फ्रंटल, फुल-विड्थ फ्रंटल, साइड, पोल-साइड और रियर इम्पैक्ट टेस्ट शामिल होंगे।

नई रेटिंग व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा। इसके लिए क्रैश प्रोटेक्शन को 55 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। वहीं, पैदल यात्रियों और सड़क पर मौजूद अन्य कमजोर सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए 20 फीसदी वेटेज निर्धारित किया जाएगा।

इसके अलावा, दुर्घटना से बचने की क्षमता और सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े पहलुओं को भी रेटिंग सिस्टम का हिस्सा बनाया जाएगा।

पोस्ट-क्रैश सेफ्टी पर भी रहेगा फोकस
भारत एनकैप 2.0 में दुर्घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को भी पहले से ज्यादा महत्व दिया जाएगा। यानी दुर्घटना के बाद वाहन यात्रियों को कितनी सुरक्षा देता है और आपात स्थिति में बचाव कितना प्रभावी रहता है, इसे भी सेफ्टी असेसमेंट में शामिल किया जाएगा।

इसके साथ ही एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (एईबी) जैसे सक्रिय सुरक्षा फीचर्स को भी नई रेटिंग व्यवस्था में महत्व मिलेगा।

ईएससी और कर्टेन एयरबैग हो सकते हैं जरूरी
नई व्यवस्था में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) और कर्टेन एयरबैग जैसे सुरक्षा फीचर्स को स्टार रेटिंग हासिल करने के लिए अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसके अलावा, 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल करने के लिए जरूरी न्यूनतम सुरक्षा स्कोर को भी समय के साथ चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में वाहन कंपनियों को बेहतर सुरक्षा फीचर्स और मजबूत क्रैश प्रोटेक्शन वाली कारें तैयार करने पर ज्यादा ध्यान देना होगा।

भारत एनकैप को मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स
नितिन गडकरी के मुताबिक, भारत का स्वदेशी कार क्रैश टेस्ट कार्यक्रम भारत एनकैप अब तक सफल रहा है। इसके तहत 30 से ज्यादा मॉडल को सर्टिफिकेशन मिल चुका है और इनमें बड़ी संख्या में कारों ने 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल की है।

खास बात यह है कि भारतीय कंपनियों के साथ विदेशी वाहन निर्माता भी अपने मॉडल को भारत एनकैप के तहत टेस्ट और सर्टिफिकेशन के लिए भेज रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग एक दिन दुनिया की नंबर-1 इंडस्ट्री बनेगा।

2023 में शुरू हुआ था भारत एनकैप
भारत में कारों की सुरक्षा को बेहतर बनाने और ग्राहकों को वाहनों की सुरक्षा के बारे में स्पष्ट जानकारी देने के लिए भारत एनकैप की शुरुआत 2023 में की गई थी।

इससे पहले भारतीय बाजार में बिकने वाली कारों की सुरक्षा को लेकर ग्लोबल एनकैप, यूरो एनकैप और लैटिन एनकैप जैसी संस्थाओं की सेफ्टी रेटिंग को ज्यादा महत्व दिया जाता था।

अब भारत एनकैप 2.0 के जरिए सरकार कारों की सुरक्षा जांच को और व्यापक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इससे आने वाले समय में कार खरीदारों को वाहन की सुरक्षा को लेकर ज्यादा बेहतर और विस्तृत जानकारी मिल सकेगी।

(मंजू कुमारी)