Bhopal protest: भोपाल में सड़कों पर उतरे रहवासी, गौतम नगर में पैदल मार्च निकाला, बोले- रिहायशी इलाकों में बंद हो अवैध कारोबार

Bhopal protest: भोपाल के रिहायशी इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियों का विरोध शुरू हो गया है।

गौतम नगर इलाके में रहवासियों ने पैदल मार्च निकाला। रिहायशी इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियों के खिलाफ आक्रोश जताया। हाथों में तख्तियां लेकर रहवासियों ने जमकर नारेबाजी की। रहवासियों ने रिहायशी इलाकों की दुकानें बंद कराने की मांग की।

रहवासियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में सभी रिहायशी इलाकों में संचालित व्यवसायिक गतिविधियां बंद कराने की मांग की। नगर निगम की अवैध दुकानों पर कार्रवाई केवल दिखावा। सीलिंग के दावे के बावजूद अधिकांश संस्थान फिर खुले। रसूखदारों के संस्थानों पर नरमी के आरोप लगाए। 

रहवासी बोले निगम और संचालकों की मिलीभगत को न्यायालय में उजागर करेंगे। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के बैनर तले राजनीतिक दलों को खुली चेतावनी दी। भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में संचालित अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ गौतम नगर इलाके में संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के बैनर तले रहवासियों द्वारा पैदल मार्च निकाला गया। जिसमें लोगों में नगर निगम की दिखावटी कार्रवाई के खिलाफ आक्रोश जताया। 

अवैध रूप से चाय सुट्टा बार संचालित हो रहे

गौतम नगर के अध्यक्ष मोहन खरपते और सोमकांत उमलकर ने बताया कि हमारे क्षेत्र में अवैध रूप से बड़ी संख्या में होटल, होस्टल और चाय सुट्टा बार संचालित किया जाता है। जिसमें बड़ी संख्या में संधिग्ध व्यक्तियों का जमावड़ा देर रात तक लगा होता है, जो हमें नरकीय जीवन जीने पर मजबूर करता है।

Bhopal protest
गौतम नगर के रहवासियों ने विरोध-प्रदर्शन किया।

लोग सिगरेट पीते हैं, असर हमारे परिवार पर

क्षेत्रीय निवासी आदित्य ने बताया मेरे घर के सामने दिनभर में लोग इतनी सिगरेट पीते हैं कि हमारे परिवार के सदस्यों के फेफड़े संक्रमित हो गए हैं। रहवासियों ने शपथ ली कि आज जो राजनेता इन अवैध भवनों के संचालकों को समर्थन दे रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि उन्हें हमारी खुली चेतावनी है कि भोपाल का 95% मतदाता इस समस्या से ग्रसित है। आज जो पार्टी या नेता हमारे खिलाफ है उनका हम सभी अगले चुनाव में विरोध करेंगे।

नगर निगम ने अवैध निर्माणों पर आंखे मूंद रखीं

पैदल मार्च में शामिल रहे पूर्व आईएएस कविन्द्र कियावत ने इस अराजकता के खिलाफ सभी को एक जुट हो कर लड़ने की अपील की। 

कार्यक्रम में शामिल शाहपुरा समिति की अध्यक्ष शुभ्रा गोयल ने बताया कि नगर निगम ने शाहपुरा के अवैध निर्माणों पर आंखे मूंद रखी हैं। जिसको हम उजागर करेंगे। 

इस मार्च में रचना नगर, शांति निकेतन, शाहपुरा, गुलमोहर, अरेरा कॉलोनी के बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल रहे।

कुछ समय के लिए बंद, फिर शाम को खोल दिए

भोपाल नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर अतिकम्रण प्रभावित रहवासियों और शिकायतकर्ताओं ने गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उनका आरोप है कि निगम ने बड़े स्तर पर कार्रवाई का दावा तो किया, लेकिन वास्तविकता में अधिकांश अवैध व्यवसायिक संस्थान कुछ समय के लिए बंद कराकर छोड़ दिए गए, जो शाम होते-होते दोबारा संचालित होने लगे।

सील करने का नोटिस दिया, लेकिन कहीं नहीं की

प्रयास संस्था की अध्यक्ष अपर्णा वाशिष्ट का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम ने जिन अवैध दुकानों को सील करने का नोटिस जारी किया था, उनके विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। 

इसके स्थान पर अनेक दुकानों के बाहर एक समान प्रारूप के पोस्टर चस्पा कर दिए गए, जिन पर लिखा था कि भोपाल नगर पालिका निगम के आदेशानुसार इस भवन में व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी गई हैं।

नगर निगम की कार्रवाई औपचारिकता तक सीमित

रहवासी कमल राठी का कहना है कि यदि ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं तो यह स्वयं इस बात का संकेत है कि संबंधित भवनों में भू-उपयोग के विपरीत व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। 

नगर निगम की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रही। उनका आरोप है कि कुछ व्यापारियों ने अस्थायी रूप से प्रतिष्ठान बंद रखे। पोस्टर लगाकर उनकी तस्वीरें निगम को भेज दीं और उसके बाद अधिकांश संस्थान दोबारा खुल गए।

चार अगस्त को कोर्ट में पेश करेंगे कार्रवाई के तथ्य

रहवासियों ने आशंका व्यक्त की है कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य वास्तविक अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के बजाय केवल रिकॉर्ड में कार्रवाई दर्शाना हो सकता है। 

इन सभी तथ्यों को याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी और लवनीश भाती द्वारा चार अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई में प्रस्तुत किया जाएगा।

रहवासियों को जिला प्रशासन पर नहीं रहा विश्वास

शिकायतकर्ता विवेक त्रिपाठी का कहना है कि नगर निगम की इस लाचार कार्यवाही से प्रभावशाली संचालकों के अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बचाने का असफल प्रयास है।

तभी इन अवैध भवनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे आम नागरिकों एवं रहवासियों का जिला प्रशासन पर विश्वास डगमगा चुका है।

ठोस कार्रवाई नहीं की तो गली-मोहल्लों में करेंगे प्रदर्शन

नए भोपाल के सभी रहवासी संगठनों ने सामूहिक घोषणा की है कि नगर निगम द्वारा इन सभी अवैध व्यवसायिक गतिविधियों पर निष्पक्ष एवं ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे हर मोहल्ले और आवासीय परिसर में निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे तथा न्यायालय में सभी तथ्य प्रस्तुत करेंगे।

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इन इलाकों में कारोबारियों ने बंद किए प्रतिष्ठान

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने भोपाल नगर निगम की सख्ती के चलते कारोबारियों में अफरा-तफरी मची हुई है। नगर निगम से कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें रहवासी क्षेत्र में कमर्शियल उपयोग करने पर रोक लगा दी। 

पिछले दो दिन से नगर के अधिकारी दुकानों को बंद कराने निकल रहे हैं। 10 नम्बर मार्केट में खुले संस्थानों को बंद किया जा रहा है। रोहित नगर, शाहपुरा, सहकारिता विहार सहित आसपास के इलाकों में कारोबारियों ने खुद ही प्रतिष्ठान बंद रखे।

व्यवसायियों की मांग गुजरात की तर्ज पर राहत दे सरकार

व्यवसायियों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि हम कई सालों से यहां अपना व्यवसाय कर रहे हैं। सरकार को व्यापारियों के हित में कदम उठाना चाहिए। गुजरात की तर्ज पर मप्र सरकार भी कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर व्यापारियों को राहत दे।

व्यवसायियों ने कहा कि सरकार ने एक आदेश जारी कर रोजगार का संकट पैदा कर दिया है। हजारों लोग हमसे जुड़े हैं।

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